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नुक्कड़ नाटक से दिया बेटी बचाओ का संदेश
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 29 Jan 2016 01:07 AM IST
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घाटमपुर तहसील क्षेत्र के बारादौलतपुर गांव में नेहरू युवा केंद्र कानपुर नगर की ओर से शिक्षा और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें नुक्कड़ नाटक और गीतों के जरिये बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के आयोजक वीरेंद्र कुमार शुक्ला ने कहा कि बेटियों को यदि उचित शिक्षा और सही मार्गदर्शन प्रदान किया जाए तो वह लड़कों की अपेक्षा समाज में आगे बढ़कर कीर्तिमान स्थापित करने में सक्षम हैं।
कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक मंडली की कलाकार गौतमी ने गीत- मत बेटी मारो सुनाया। गीत की प्रस्तुति पर गांव की महिलाओं ने हाथ उठाकर बेटी बचाओ की शपथ ली।
नुक्कड़ नाटक में दिखाया गया कि एक ग्रामीण के घर में तीन बेटे और एक बेटी पैदा हुई। बड़े होकर तीनों बेटों ने बूढ़े मां-बाप को घर से धक्के देकर बाहर निकाल दिया। बीमार मां-बाप दर-दर की ठोकरे खाते घूम रहे थे। बेटी को यह जानकारी हुई तो उसने अपने माता-पिता को अपने घर में रखा और उनकी सेवा की।
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बेटी के इस कार्य से जहां उसके बूढ़े माता-पिता को जीवनदान मिला। वहीं, उससे शिक्षा लेकर उसकी ससुराल में अन्य कई परिवारों ने उसका अनुसरण किया। जब, इसकी जानकारी बेटी के भाइयों को हुई तो उन्होंने आकर अपने माता-पिता से क्षमा मांगी और उनको वापस अपने घर ले गए।
कार्यक्रम में इससे पहले नेहरू युवा केंद्र के सदस्यों ने गांव के अंबेडकर पार्क में स्थापित प्रतिमा की साफ-सफाई करने के साथ ही माल्यार्पण किया। कार्यक्रम में शिवकुमार, आकांक्षा, शुभम शुक्ला, प्रसेनजित, अल्का देवी, सोनाली और हरीशंकर सहित अन्य लोग शामिल रहे।
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कार्यक्रम के आयोजक वीरेंद्र कुमार शुक्ला ने कहा कि बेटियों को यदि उचित शिक्षा और सही मार्गदर्शन प्रदान किया जाए तो वह लड़कों की अपेक्षा समाज में आगे बढ़कर कीर्तिमान स्थापित करने में सक्षम हैं।
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कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक मंडली की कलाकार गौतमी ने गीत- मत बेटी मारो सुनाया। गीत की प्रस्तुति पर गांव की महिलाओं ने हाथ उठाकर बेटी बचाओ की शपथ ली।
नुक्कड़ नाटक में दिखाया गया कि एक ग्रामीण के घर में तीन बेटे और एक बेटी पैदा हुई। बड़े होकर तीनों बेटों ने बूढ़े मां-बाप को घर से धक्के देकर बाहर निकाल दिया। बीमार मां-बाप दर-दर की ठोकरे खाते घूम रहे थे। बेटी को यह जानकारी हुई तो उसने अपने माता-पिता को अपने घर में रखा और उनकी सेवा की।
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बेटी के इस कार्य से जहां उसके बूढ़े माता-पिता को जीवनदान मिला। वहीं, उससे शिक्षा लेकर उसकी ससुराल में अन्य कई परिवारों ने उसका अनुसरण किया। जब, इसकी जानकारी बेटी के भाइयों को हुई तो उन्होंने आकर अपने माता-पिता से क्षमा मांगी और उनको वापस अपने घर ले गए।
कार्यक्रम में इससे पहले नेहरू युवा केंद्र के सदस्यों ने गांव के अंबेडकर पार्क में स्थापित प्रतिमा की साफ-सफाई करने के साथ ही माल्यार्पण किया। कार्यक्रम में शिवकुमार, आकांक्षा, शुभम शुक्ला, प्रसेनजित, अल्का देवी, सोनाली और हरीशंकर सहित अन्य लोग शामिल रहे।