फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghatampur News ›   Pakistan sent a Rakhi brothers and sisters jailed

बहनों ने पाक जेल में बंद भाइयों को भेजी राखी

Fri, 12 Aug 2016 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 12 Aug 2016 01:03 AM IST
विज्ञापन
Pakistan sent a Rakhi brothers and sisters jailed
पाक जेल में बंद भाइयों के लिए राखी भेजती बहनें। - फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तान की मलीर लांदी जेल में बंद मोहम्मदपुर गांव के मछुआरों की रिहाई की उम्मीद अभी कम दिखाई देती है।
विज्ञापन


शुक्रवार को मछुआरों की बहनों ने उनको पाक जेल में राखी भेजी है। बीते वर्ष 15 अक्तूबर को गुजरात के ओखा समुद्री तट पर मछली पकड़ने गए 27 मछुआरों को पाक सैनिक बंधक बनाकर ले गए थे। तीन युवक संजय कुरील, रविशंकर और जयचंद्र गौड़ मोहम्मदपुर (नर्वल) गांव के हैं। तीनों पाकिस्तान की मलीर लांदी जेल में कैद हैं।

ईद के त्योहार पर उनके परिजनों को रिहाई की धुंधली सी आस बंधी थी। युवकों को जेल से रिहा नहीं किया गया। वह 14 अगस्त की राह ताक रहे हैं। उधर से कोई पत्र न आने से मायूस हैं। इधर, रक्षाबंधन त्योहार पर तीनों युवकों की बहनें गमगीन हैं कि भाइयों की कलाई पर राखी नहीं बांध पाएंगी। बताते चलें कि संजय कुरील की छह बहनें हैं जिनमें दो का विवाह हो चुका है।
विज्ञापन


वहीं रविशंकर के भी पांच बहनें हैं और उनकी शादियां हो गई हैं। जबकि, जयचंद्र के कोई बहन नहीं है। गुरुवार को संजय कुरील की बहनें रूबी, सपना, काजल और अंजू राखियां लेकर आई थीं। पाक जेल के पते पर पोस्ट करने के लिए लिफाफे में बंद कर रही थीं। वह पड़ोसी कसबा जहानाबाद (फतेहपुर) से स्पीड पोस्ट के जरिए अपने भाइयों को पाक जेल में राखी भेजने जा रही हैं। उन्होंने विश्वास के साथ कहा कि उनकी भेजी राखियां वहां जरूर पहुंचेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed