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फसल बर्बादी के जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई तय
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 24 Jan 2017 02:17 AM IST
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21 जनवरी को छपी खबर की पीडीएफ फाइल।
- फोटो : अमर उजाला
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मालवर गांव के पास बीते सप्ताह घाटमपुर रजबहे की पटरी फटने से सैकड़ों बीघा गेहूं, आलू, राई आदि फसलें जलमग्न हो गई थी। इस मामले में उप कृषि निदेशक, एक्सईएन नलकूप सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम ने जांच कर रिपोर्ट सीडीओ को सौंप दी है।
पूरे मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। सीडीओ ने जांच रिपोर्ट व अमर उजाला की खबर पर संज्ञान लेते हुए किसानों की फसल बर्बाद होना माना है। मामले में सीडीओ ने निचली गंगा नहर कानपुर प्रखंड के एक्सईएन, अवर अभियंता व अन्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी के पास रिपोर्ट भेजने की तैयारी चल रही है।
बताते चलें कि मंगलवार को घाटमपुर से बन्नाजाखा जाने वाने रजबहे की पटरी मालवर गांव के समीप फट गई थी। इससे किसानों की 150 बीघा गेहूं, आलू, राई आदि फसलें जलमग्न हो गई थी। पानी गांव के घरों तक पहुंच गया था। इससे फसल सड़ने का खतरा मंडराने लगा था। किसानों की सूचना पर सिंचाई विभाग के जेई ने मौके पर पहुंच अस्थाई तौर पर पटरी को बंधवा दिया था।
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शुक्रवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर सीडीओ कृष्ण कुमार गुप्त ने उप कृषि निदेशक रमाकांत तिवारी, एक्सईएन नलकूप डीके आर्या, जिला कृषि अधिकारी रामसजीवन, भूमि संरक्षण अधिकारी शशिकेश सिंह ने जेई व किसानों के बयान लेकर पटरी फटने वाली जगह की स्थलीय जांच कर रिपोर्ट सीडीओ को सौंपी है।
किसानों की 250 बीघा फसल बर्बाद का मुद्दा अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। वहीं जांच टीम ने निचली गंगा नहर प्रखंड कानपुर की लापरवाही से 250 बीघा फसल बर्बाद होने की जांच रिपोर्ट सीडीओ को साैंपी है। सीडीओ ने अकबरपुर तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व निरीक्षक व लेखपालों की टीम गठित कर मौके पर हुई क्षति का आंकलन व किसानों की सूची तैयार करने की संस्तुति की है।
वहीं नहर सिल्ट साफ कराने में लापरवाही, निर्माण में वित्तीय अनियमितता आदि खामियों के लिए निचली गंगा नहर प्रखंड कानपुर के एक्सईएन राजनाथ सिंह यादव, सहायक अभियंता अजय प्रताप सिंह, अवर अभियंता दिनेश कुमार, सींचपाल संदीप सिंह व मेट दिनेश को उत्तरदायी माना है।
सीडीओ ने उक्त के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा के लिए प्रमुख सचिव सिंचाई को पत्र भेजने के लिए जिलाधिकारी को लेटर भेजा है।
जांच टीम की रिपोर्ट के अनुसार रजवहा पटरी फटने से जलमग्न हुई फसलों के मामले में निचली गंगा नहर के एक्सईएन सहित अन्य की लापरवाही सामने आई है। बर्बाद हुई फसलों के किसानों व लापरवाह निचली गंगा नहर प्रखंड कानपुर के अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा जा रहा है।- कृष्ण कुमार गुप्त (मुख्य विकास अधिकारी)
अफसर चेत जाते तो बच जाती किसानों की फसल- कानपुर देहात। मंगलवार को नहर में पानी चढ़ने से पटरी फट गई थी। इसकी सूचना किसानों ने सुबह चार बजे अकबरपुर एसडीएम को दी थी। एसडीएम ने सिंचाई विभाग के एक्सईएन को छह बजे सूचना दी। सिंचाई विभाग ने जब काम शुरू कराया, तब तक गांव व फसलों में पानी भर चुका था।
सिंचाई विभाग की ओर से बांधी गई पटरी भी कमजोर रही। इसके बारे में किसानों ने शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद कार्य दुरस्त नहीं किया गया। अगर समय रहते अफसर चेत जाते तो किसानों की फसल बच सकती थी।
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पूरे मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। सीडीओ ने जांच रिपोर्ट व अमर उजाला की खबर पर संज्ञान लेते हुए किसानों की फसल बर्बाद होना माना है। मामले में सीडीओ ने निचली गंगा नहर कानपुर प्रखंड के एक्सईएन, अवर अभियंता व अन्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी के पास रिपोर्ट भेजने की तैयारी चल रही है।
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बताते चलें कि मंगलवार को घाटमपुर से बन्नाजाखा जाने वाने रजबहे की पटरी मालवर गांव के समीप फट गई थी। इससे किसानों की 150 बीघा गेहूं, आलू, राई आदि फसलें जलमग्न हो गई थी। पानी गांव के घरों तक पहुंच गया था। इससे फसल सड़ने का खतरा मंडराने लगा था। किसानों की सूचना पर सिंचाई विभाग के जेई ने मौके पर पहुंच अस्थाई तौर पर पटरी को बंधवा दिया था।
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शुक्रवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर सीडीओ कृष्ण कुमार गुप्त ने उप कृषि निदेशक रमाकांत तिवारी, एक्सईएन नलकूप डीके आर्या, जिला कृषि अधिकारी रामसजीवन, भूमि संरक्षण अधिकारी शशिकेश सिंह ने जेई व किसानों के बयान लेकर पटरी फटने वाली जगह की स्थलीय जांच कर रिपोर्ट सीडीओ को सौंपी है।
किसानों की 250 बीघा फसल बर्बाद का मुद्दा अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। वहीं जांच टीम ने निचली गंगा नहर प्रखंड कानपुर की लापरवाही से 250 बीघा फसल बर्बाद होने की जांच रिपोर्ट सीडीओ को साैंपी है। सीडीओ ने अकबरपुर तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व निरीक्षक व लेखपालों की टीम गठित कर मौके पर हुई क्षति का आंकलन व किसानों की सूची तैयार करने की संस्तुति की है।
वहीं नहर सिल्ट साफ कराने में लापरवाही, निर्माण में वित्तीय अनियमितता आदि खामियों के लिए निचली गंगा नहर प्रखंड कानपुर के एक्सईएन राजनाथ सिंह यादव, सहायक अभियंता अजय प्रताप सिंह, अवर अभियंता दिनेश कुमार, सींचपाल संदीप सिंह व मेट दिनेश को उत्तरदायी माना है।
सीडीओ ने उक्त के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा के लिए प्रमुख सचिव सिंचाई को पत्र भेजने के लिए जिलाधिकारी को लेटर भेजा है।
जांच टीम की रिपोर्ट के अनुसार रजवहा पटरी फटने से जलमग्न हुई फसलों के मामले में निचली गंगा नहर के एक्सईएन सहित अन्य की लापरवाही सामने आई है। बर्बाद हुई फसलों के किसानों व लापरवाह निचली गंगा नहर प्रखंड कानपुर के अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा जा रहा है।- कृष्ण कुमार गुप्त (मुख्य विकास अधिकारी)
अफसर चेत जाते तो बच जाती किसानों की फसल- कानपुर देहात। मंगलवार को नहर में पानी चढ़ने से पटरी फट गई थी। इसकी सूचना किसानों ने सुबह चार बजे अकबरपुर एसडीएम को दी थी। एसडीएम ने सिंचाई विभाग के एक्सईएन को छह बजे सूचना दी। सिंचाई विभाग ने जब काम शुरू कराया, तब तक गांव व फसलों में पानी भर चुका था।
सिंचाई विभाग की ओर से बांधी गई पटरी भी कमजोर रही। इसके बारे में किसानों ने शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद कार्य दुरस्त नहीं किया गया। अगर समय रहते अफसर चेत जाते तो किसानों की फसल बच सकती थी।