फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghatampur News ›   no purches in goverment center

तौल कांटा तो दूर, अभी बैनर भी नहीं लगा

Sat, 02 Apr 2016 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 02 Apr 2016 12:56 AM IST
विज्ञापन
no purches in goverment center
घाटमपुर के गेहूं खरीद केंद्र पर सन्नाटा। - फोटो : amarujala
रबी की मुख्य फसल गेहूं की खरीद के लिए सरकारी आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके मुताबिक 01 अप्रैल से खरीद शुरू कर दी गई है। लेकिन, घाटमपुर तहसील क्षेत्र में इस वर्ष कितने क्रय केंद्र खोले गए हैं और खरीद का लक्ष्य क्या है। इस बारे में कोई जानकारी अभी नहीं आई है। इसके चलते मुख्य खरीद केंद्रों पर सन्नाटा दिखा।
विज्ञापन


 बीते वर्ष तहसील क्षेत्र के पतारा, घाटमपुर और भीतरगांव विकास खंडों में कुल 20 जगहों पर गेहूं खरीद केंद्र खोले गए थे। कसबा स्थित मंडी समिति परिसर में स्थित क्षेत्रीय विपणन अधिकारी कार्यालय से सभी खरीद केंद्रों की मानीटरिंग की जाती है।
विज्ञापन


विपणन अधिकारी समीर शुक्ला ने बताया कि शासन स्तर से प्रतिवर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य तय करने के बाद 01 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू करने के निर्देश हैं। बताया कि जिलाधिकारी के स्तर से खरीद केंद्रों की संख्या और लक्ष्य निर्धारित किया जाता है। बताया कि कानपुर और आसपास के क्षेत्र में गेहूं की फसल की कटाई 10 अप्रैल के आसपास शुरू हो पाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


किसान 15 अप्रैल के बाद ही अनाज को क्रय केंद्रों में बिक्री के लिए लाते हैं। बताया कि जिले स्तर से खरीद क्रेंद्रों की सूची जारी होने और सामान मिलने के बाद खरीद प्रक्रिया चालू हो जाएगी। इधर, पहली अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू करने के निर्देश जारी हो गए हैं। लेकिन, अब तक जिला स्तर से खरीद क्रेंद्रों की संख्या और उनके स्थान चिन्हित न होने से समस्या है।

कसबा स्थित मंडी परिसर में खुले खरीद केंद्र में मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि उनके यहां अभी तक बारदाना (बोरे), छन्ना, तौल कांटा, बैनर और अन्य आवश्यक सामान नहीं आया है।  तहसील क्षेत्र में विभिन्न एजेंसियों द्वारा खोले जाने वाले गेहूं खरीद केंद्र किराए के अस्थाई भवनों में संचालित किए जाते हैं। जिसके चलते खरीदने के बाद गेहूं को सुरक्षित रखने की समस्या पैदा होती है।


कर्मचारियों ने बताया कि लचर ट्रांसपोर्ट सुविधा के चलते गेहूं के बोरे  महीनों क्रय केंद्र में ही जमा रहते हैं। इस दौरान बारिश होने अथवा मौसम खराब होने से आनाज बर्बाद भी हो जाता है। बीते वर्षों भीतरगांव, नौरंगा और साढ़ के क्रय केंद्रों में सैकड़ों क्ंिवटल गेंहू बारिश होने से भीग गया था। कसबा स्थित मंडी समिति परिसर में गोदाम न होने से मंडी समिति के नीलामी चबूतरे को टट्टर से घेरकर उसमें गोदाम बना दिया गया है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed