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मऊनखत-टिकवांपुर मार्ग बंद हुआ, नाव से आ-जा रहे लोग

Tue, 17 Sep 2019 02:00 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 17 Sep 2019 02:00 AM IST
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Maukhat-Tikwampur route closed, people moving by boat
घाटमपुर (कानपुर)। तहसील क्षेत्र में यमुना नदी लगातार उफान पर है। सोमवार को पानी कई गांवों की गलियों के अंदर तक पहुंचने से निचली बस्ती के घरों की दहलीज पर दस्तक दे रहा है। मऊनखत से टिकवांपुर गांव की ओर जाने वाला मार्ग बंद हो जाने से लोग नाव से इधर से उधर आ-जा रहे हैं। वहीं, तहसील प्रशासन ने अभी किसी तरह के चिंताजनक हालात से इंकार किया है। नायब तहसीलदार हरिश्चंद्र सोनी ने बताया कि बाढ़ चौकियों के जरिए नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी कराई जा रही है।
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बीते दिनों मध्यप्रदेश और राजस्थान के बांधों से बड़ी मात्रा में पानी बेतवा और यमुना नदियों में छोड़ा गया है। जिसके चलते तहसील क्षेत्र के गड़ाथा, अमिरतेपुर, कटरी-काटर, कोटरा-मकरंदपुर, बीरबल का अकबरपुर, मऊनखत, बीबीपुर, हरदौली, महुवापुरवा, मोंहटा, रामपुर और समुही-भटपुरवा सहित करीब पंद्रह गांव प्रभावित हैं।
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मऊनखत गांव निवासी लालता प्रसाद और राजू निषाद ने बताया कि उनके गांव में यमुना नदी का पानी गलियों के भीतर तक पहुंच गया है। बताया कि निचले इलाके की बस्ती में कई घरों के अंदर तक पानी पहुंच जाने से समस्या है। बताया कि मऊनखत-टिकवांपुर मार्ग पर पानी भर जाने से आने-जाने के लिए उसपर नाव चलाई जा रही है।
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वहीं, गड़ाथा गांव में सोमवार को पानी बढ़ जाने से पक्की रोड के ऊपर से होकर बह रहा था। जबकि, गांव की कई गलियों में तीन-चार फिट तक पानी भरा हुआ है। तहसील प्रशासन ने निचले इलाके में बसे कई लोगों को सामान सहित सुरक्षित जगहों पर पहुंचवाया है।
महुवापुरवा और मोंहटा (रामपुर) गांवों के निवासियों ने बताया कि उनके यहां यमुना नदी का पानी गांवों की गलियों और कई लोगों के घरों के बाहर भरा हुआ है। जबकि, गड़ाथा गांव से लेकर समुही-भटपुरवा गांव तक सैकड़ों एकड़ खरीफ की फसलें पानी में डूबी हुई हैं। किसानों ने बताया कि बाढ़ के पानी से तिली-उड़द, ज्वार-बाजरा और मक्का की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं, नदी के किनारे खेतों में बोई गई मौसमी सब्जियां भी सड़ गई हैं। इन गांवों में बीमारियां फैलने का भी खतरा बढ़ रहा है। घाटमपुर ब्लॉक प्रमुख देविका सिंह के पति इंद्रजीत सिंह कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने बाढ़ के बाद गांवों में बीमारियां फैलने की आशंका के चलते गांवों में मच्छररोधी दवा का छिड़काव कराने और ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजा है।

तहसील क्षेत्र की यमुनापट्टी के कई गांवों में बाढ़ का पानी खेतों और बस्ती के अंदर तक पहुंचने की जानकारी होने पर एसडीएम वरुण कुमार पांडेय ने सोमवार की शाम कटरी गांव का दौरा किया। उन्होंने नदी के किनारे पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। गांववालों से बातचीत की और उनको सतर्क रहने के निर्देश दिए। एसडीएम ने बताया कि बाढ़ चौकियों में राजस्व लेखपालों और उनके साथ दो-दो कर्मचारी तैनात किए गए हैं। गांववालों की मदद से डोंगी, नाव, जाल और अन्य सामान की व्यवस्था भी करवाई गई है। बताया कि फिलहाल अभी यमुना नदी का पानी गांवों की बस्ती के पास ही पहुंचा है। बताया कि बाढ़ से खरीफ की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
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