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माती मुख्यालय के पास मिट्टी खनन का अवैध कारोबार
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर देहात
Updated Fri, 20 Jan 2017 01:58 AM IST
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मुरीदपुर गांव में इस तरह से जारी मिट्टी खनन।
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यूपी में मिट्टी खनन का मामला हाई प्रोफाइल बन चुका है। हाईकोर्ट खनन के लिए सीबीआई जांच की सिफारिश भी कर चुकी है। इसके बावजूद खनन का कारोबार नहीं रुक रहा है। जिला प्रशासन और खनन माफियाओं के बीच गठजोड़ इतना तगड़ा है कि माती मुख्यालय के निकट मुरीदपुर गांव में दिन-रात मिट्टी का खनन किया जा रहा है लेकिन कोई टोकने वाला नहीं है। वहीं, एसडीएम जयनाथ यादव ने इस संबंध में जानकारी से इनकार किया।
सदर तहसील अकबरपुर का गांव मुरीदपुर का अधिकतर हिस्सा अब नगर पंचायत अकबरपुर में आ गया है। मुरीदपुर गांव के निकट खेतों में माफिया जेसीबी लगाकर उपजाऊ खेतों को तालाब बनाने में जुटे हैं। यह मिट्टी निर्माण इकाइयों सहित अन्य जगहों पर सोने के भाव बेंची जा रही है।
गुरुवार की सुबह 12 बजे के आसपास खेतों में जेसीबी से ट्रैक्टर की ट्राली से मिट्टी की ढुलाई हो रही थी। इसी तरह से रनियां के आसपास गांवों में मिट्टी खनन का कारोबार बेखौफ हो रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक शाम ढलते ही जेसीबी गरजने लगती हैं। सुबह होने तक सैकड़ों डंपर मिट्टी ठिकानों में भेज दी जाती है। इससे पता चल रहा है कि आचार संहिता लगने के बाद भी जिले में मिट्टी खनन माफिया किस तरह बेखौफ होकर काम कर रहे हैं।
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सदर तहसील अकबरपुर का गांव मुरीदपुर का अधिकतर हिस्सा अब नगर पंचायत अकबरपुर में आ गया है। मुरीदपुर गांव के निकट खेतों में माफिया जेसीबी लगाकर उपजाऊ खेतों को तालाब बनाने में जुटे हैं। यह मिट्टी निर्माण इकाइयों सहित अन्य जगहों पर सोने के भाव बेंची जा रही है।
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गुरुवार की सुबह 12 बजे के आसपास खेतों में जेसीबी से ट्रैक्टर की ट्राली से मिट्टी की ढुलाई हो रही थी। इसी तरह से रनियां के आसपास गांवों में मिट्टी खनन का कारोबार बेखौफ हो रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक शाम ढलते ही जेसीबी गरजने लगती हैं। सुबह होने तक सैकड़ों डंपर मिट्टी ठिकानों में भेज दी जाती है। इससे पता चल रहा है कि आचार संहिता लगने के बाद भी जिले में मिट्टी खनन माफिया किस तरह बेखौफ होकर काम कर रहे हैं।
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