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प्रसूता की मौत, अस्पताल में हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 22 Oct 2016 02:26 AM IST
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घटना पर बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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सदर कोतवाली क्षेत्र के माती रोड स्थित नर्सिंग होम में गुरुवार को प्रसव के बाद एक प्रसूता की हालत बिगड़ गई। परिजनों को संज्ञान में न लेकर अस्पताल प्रबंधन ने महिला को कानपुर के नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया। शुक्रवार सुबह महिला की मौत हो गई।
इधर, परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। सीओ के मुताबिक कोतवाली में अस्पताल संचालक और कर्मियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
सदर क्षेत्र के करचल विलई रघुनातपुर गांव निवासी शिवशंकर यादव की पुत्री अमिता देवी पत्नी संदीप को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डाक्टरों ने प्रसूता की हालत गंभीर देख बाहर ले जाने की सलाह दी। पिता ने माती रोड स्थित राजावत हास्पिटल में पुत्री को भर्ती कराया।
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आपरेशन से महिला का प्रसव कराया गया। महिला की हालत बिगड़ने पर डाक्टर ने वेंटीलेटर की जरूरत बता दूसरे नर्सिंग होम रेफर कर दिया। अस्पताल प्रबंधन ने एंबुलेंस से प्रसूता की चचेरी बहन सीता के साथ रनियां स्थित नर्सिंग होम भेजा। आरोप है कि सीता को एंबुलेंस से उतारकर एंबुलेंस कानपुर रवाना हो गई।
कानपुर के एक नर्सिंग होम में शुक्रवार सुबह छह बजे महिला की मौत हो गई। परिजन अमिता का शव लेकर वापस राजावत अस्पताल पहुंचे। अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। मामला तूल पकड़ते देख कोतवाली पुलिस पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया।
सीओ ने परिजनों कार्रवाई को आश्वासन देकर समझा बुझाकर शांत किया। परिजनों ने अस्पताल कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट और मृतक आश्रित को 25 लाख मुआवजा दिलाने की मांग की। मृतका के पिता की तहरीर पर अस्पताल मालिक व कर्मचारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई।
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पैनल से कराया पोस्टमार्टम- मृतका अमिता देवी के शव का पोस्टमार्टम दो सदस्यीय पैनल से कराया गया। सूत्रों के अनुसार पैनल में डॉ मंयक मिश्रा व डॉ पवन गुप्ता थे। रिपोर्ट में महिला की बच्चेदानी में खून का थक्का जमा पाया गया।
मौत का कारण शाक एंड हैमरेज बताया गया। जबकि, राजावत हास्पिटल के प्रबंधक संदीप शुक्ला ने बताया कि आपरेशन के बाद अमिता का ब्लड प्रेशर बढ़ा था। कंट्रोल में न होने पर उसे कानपुर स्थित नर्सिंग होम भेजा था। अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप गलत है।
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बच्चे की हालत गंभीर, आईसीयू में भर्ती- मृतका अमिता के नवजात शिशु की भी हालत गंभीर है। उसे कानपुर स्थित नर्सिंग होम के आईसीयू में रखा गया है। घटना से परिवार की खुशियां काफूर हो गई।
पुलिस की मदद से अस्पताल तक पहुंची सीता- मृतका का चचेरी बहन सीता ने बताया कि एंबुलेंस कर्मियों ने उसे रनियां स्थित अस्पताल के बाहर नवजात सहित उतार दिया और कानपुर चले गए।
उसके पास किराये के पैसे न होने पर उसने पिकेट पुलिस को घटना की जानकारी देकर 50 रुपये उधार मांगे। पुलिस कर्मियों ने रुपये दिए। तब वह कानपुर स्थित नर्सिंग होम पहुंची व परिजनों को जानकारी दी।
डिप्टी सीएमओ की टीम करेगी जांच- सीएमओ अनीता सिंह ने नर्सिंग होम हुई महिला की मौत के मामले में डिप्टी सीएमओ डा. एके सिंह और डा. अजय कुमार को जांच सौंपी है। टीम के सदस्य शुक्रवार की दोपहर बाद नर्सिंग होम पहुंचे और घटना की बिंदुवार जानकारी ली। डिप्टी सीएमओ ने बताया कि जांच त्रिस्तरीय होगी। इसके बाद जांच सीएमओ को सौंपी जाएगी।
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इधर, परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। सीओ के मुताबिक कोतवाली में अस्पताल संचालक और कर्मियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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सदर क्षेत्र के करचल विलई रघुनातपुर गांव निवासी शिवशंकर यादव की पुत्री अमिता देवी पत्नी संदीप को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डाक्टरों ने प्रसूता की हालत गंभीर देख बाहर ले जाने की सलाह दी। पिता ने माती रोड स्थित राजावत हास्पिटल में पुत्री को भर्ती कराया।
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आपरेशन से महिला का प्रसव कराया गया। महिला की हालत बिगड़ने पर डाक्टर ने वेंटीलेटर की जरूरत बता दूसरे नर्सिंग होम रेफर कर दिया। अस्पताल प्रबंधन ने एंबुलेंस से प्रसूता की चचेरी बहन सीता के साथ रनियां स्थित नर्सिंग होम भेजा। आरोप है कि सीता को एंबुलेंस से उतारकर एंबुलेंस कानपुर रवाना हो गई।
कानपुर के एक नर्सिंग होम में शुक्रवार सुबह छह बजे महिला की मौत हो गई। परिजन अमिता का शव लेकर वापस राजावत अस्पताल पहुंचे। अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। मामला तूल पकड़ते देख कोतवाली पुलिस पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया।
सीओ ने परिजनों कार्रवाई को आश्वासन देकर समझा बुझाकर शांत किया। परिजनों ने अस्पताल कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट और मृतक आश्रित को 25 लाख मुआवजा दिलाने की मांग की। मृतका के पिता की तहरीर पर अस्पताल मालिक व कर्मचारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई।
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पैनल से कराया पोस्टमार्टम- मृतका अमिता देवी के शव का पोस्टमार्टम दो सदस्यीय पैनल से कराया गया। सूत्रों के अनुसार पैनल में डॉ मंयक मिश्रा व डॉ पवन गुप्ता थे। रिपोर्ट में महिला की बच्चेदानी में खून का थक्का जमा पाया गया।
मौत का कारण शाक एंड हैमरेज बताया गया। जबकि, राजावत हास्पिटल के प्रबंधक संदीप शुक्ला ने बताया कि आपरेशन के बाद अमिता का ब्लड प्रेशर बढ़ा था। कंट्रोल में न होने पर उसे कानपुर स्थित नर्सिंग होम भेजा था। अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप गलत है।
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बच्चे की हालत गंभीर, आईसीयू में भर्ती- मृतका अमिता के नवजात शिशु की भी हालत गंभीर है। उसे कानपुर स्थित नर्सिंग होम के आईसीयू में रखा गया है। घटना से परिवार की खुशियां काफूर हो गई।
पुलिस की मदद से अस्पताल तक पहुंची सीता- मृतका का चचेरी बहन सीता ने बताया कि एंबुलेंस कर्मियों ने उसे रनियां स्थित अस्पताल के बाहर नवजात सहित उतार दिया और कानपुर चले गए।
उसके पास किराये के पैसे न होने पर उसने पिकेट पुलिस को घटना की जानकारी देकर 50 रुपये उधार मांगे। पुलिस कर्मियों ने रुपये दिए। तब वह कानपुर स्थित नर्सिंग होम पहुंची व परिजनों को जानकारी दी।
डिप्टी सीएमओ की टीम करेगी जांच- सीएमओ अनीता सिंह ने नर्सिंग होम हुई महिला की मौत के मामले में डिप्टी सीएमओ डा. एके सिंह और डा. अजय कुमार को जांच सौंपी है। टीम के सदस्य शुक्रवार की दोपहर बाद नर्सिंग होम पहुंचे और घटना की बिंदुवार जानकारी ली। डिप्टी सीएमओ ने बताया कि जांच त्रिस्तरीय होगी। इसके बाद जांच सीएमओ को सौंपी जाएगी।