{"_id":"5897932a4f1c1bf340e834b2","slug":"like-the-north-star-shines-unwavering","type":"story","status":"publish","title_hn":"ध्रुव तारे की तरह चमकता है दृढ़ निश्चयी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ध्रुव तारे की तरह चमकता है दृढ़ निश्चयी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Feb 2017 02:40 AM IST
विज्ञापन
प्रवचन करतीं आचाय्र रेखा शास्त्री
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जो अपने निश्चय पर अडिग रहता है, वह ध्रुव तारे की तरह हमेशा चमकता है, और अमर हो जाता है। मलासा कसबे के महोलिया गांव में श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन आचार्य रेखा शास्त्री ने कही।
ध्रुव चरित्र की कथा सुनाते हुए कहा कि जीवात्मा उत्तानपाद है। राजा उत्तानपाद की सुरुचि और सुनीति दो पत्नियां थीं। सुनीति यानि भगवान के प्रति सुंदर नीति और सुरुचि यानि अपने मन की रुचि।
सुनीति से ध्रुव और सुरुचि से उत्तम नामक पुत्र पैदा हुए। जब व्यक्ति अपनी रुचि के अनुसार कार्य करता है, उसे उत्तम यानी ज्यादा अंधकार मिलता है और जब भगवान के प्रति सुंदर नीति अपनाता है, तो उसे ध्रुव की तरह दृढ़ता और प्रकाश मिलता है। उन्होंने ध्रुव-चरित्र के रोमांचक प्रसंग सुनाये। परीक्षित बलवान, वीरेंद्र यादव आदि ग्रामीण भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
ध्रुव चरित्र की कथा सुनाते हुए कहा कि जीवात्मा उत्तानपाद है। राजा उत्तानपाद की सुरुचि और सुनीति दो पत्नियां थीं। सुनीति यानि भगवान के प्रति सुंदर नीति और सुरुचि यानि अपने मन की रुचि।
विज्ञापन
सुनीति से ध्रुव और सुरुचि से उत्तम नामक पुत्र पैदा हुए। जब व्यक्ति अपनी रुचि के अनुसार कार्य करता है, उसे उत्तम यानी ज्यादा अंधकार मिलता है और जब भगवान के प्रति सुंदर नीति अपनाता है, तो उसे ध्रुव की तरह दृढ़ता और प्रकाश मिलता है। उन्होंने ध्रुव-चरित्र के रोमांचक प्रसंग सुनाये। परीक्षित बलवान, वीरेंद्र यादव आदि ग्रामीण भी मौजूद रहे।
विज्ञापन