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दीपों से जगमगाया कूष्मांडा देवी मंदिर
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घाटमपुर (कानपुर)। नवरात्रि देवी के चतुर्थ स्वरूप मां कूष्मांडा देवी के मंदिर में बुधवार की शाम दीपयज्ञ का आयोजन किया गया। सूरज ढलते ही एक साथ हजारों दीप झिलमिला उठे। दीपों की दूधिया रोशनी से पूरा मंदिर परिसर जगमगा उठा। कस्बे के अलावा दूर-दराज के गांवों से आए भक्तों ने मां के दरबार में अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। दीपदान महोत्सव के विहंगम नजारे को देखने के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। मां कूष्मांडा के मंदिर परिसर में बसंत और शारदीय नवरात्र में चतुर्थी तिथि को मंदिर में माता का जन्मदिन मनाया जाता है।
देवी के भक्तों ने बताया कि नवरात्र पर्व की चतुर्थी तिथि को यह आयोजन बीते 45 वर्षों से अनवरत जारी है। बुधवार की शाम जहां एक ओर सूरज ढल रहा था। वहीं दूसरी ओर मंदिर परिसर में भक्त माता की अगवानी में दीप जला रहे थे। देखते ही देखते एक साथ रोशन हुए हजारों दीपों की झिलमिल रोशनी से पूरा मंदिर परिसर जगमग हो उठा। मुख्य मंदिर के साथ ही परिसर में बने अन्य मंदिरों की शोभा देखते ही बनती थी। जबकि, दोनों तालाब, परिक्रमा मार्ग, यज्ञशाला और मुख्यद्वार पर की गई बिजली की झालरों की विशेष सजावट लोगों का मन मोह रही थी।
दीपयज्ञ में युवा, बुजुर्ग, बच्चे, युवतियां और महिलाएं उत्साह के साथ शामिल थे। पालिकाध्यक्ष संजय सचान ने भी दीपदान महोत्सव में शिरकत की। जबकि, सीओ रवि सिंह ने मेला परिसर का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मातहतों को सुरक्षा व्यवस्था संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। जिसके तहत कानपुर रोड और साढ़ मार्ग से मंदिर जाने वाले रास्तों पर बैरियर बांधकर दोपहिया और चार छोटे पहिया वाहनों को अंदर नहीं घुसने दिया गया।
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नगरपालिका प्रशासन की ओर से दीपदान पर्व में भक्तों की सुविधा के विशेष इंतजाम किए गए। माइक के जरिए दिशा-निर्देश जारी किए जाते रहे। वहीं, मेले में व्यवस्था के लिए पुलिस और प्रशासनिक अमला पूरी मुस्तैदी के साथ डटा रहा।
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देवी के भक्तों ने बताया कि नवरात्र पर्व की चतुर्थी तिथि को यह आयोजन बीते 45 वर्षों से अनवरत जारी है। बुधवार की शाम जहां एक ओर सूरज ढल रहा था। वहीं दूसरी ओर मंदिर परिसर में भक्त माता की अगवानी में दीप जला रहे थे। देखते ही देखते एक साथ रोशन हुए हजारों दीपों की झिलमिल रोशनी से पूरा मंदिर परिसर जगमग हो उठा। मुख्य मंदिर के साथ ही परिसर में बने अन्य मंदिरों की शोभा देखते ही बनती थी। जबकि, दोनों तालाब, परिक्रमा मार्ग, यज्ञशाला और मुख्यद्वार पर की गई बिजली की झालरों की विशेष सजावट लोगों का मन मोह रही थी।
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दीपयज्ञ में युवा, बुजुर्ग, बच्चे, युवतियां और महिलाएं उत्साह के साथ शामिल थे। पालिकाध्यक्ष संजय सचान ने भी दीपदान महोत्सव में शिरकत की। जबकि, सीओ रवि सिंह ने मेला परिसर का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मातहतों को सुरक्षा व्यवस्था संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। जिसके तहत कानपुर रोड और साढ़ मार्ग से मंदिर जाने वाले रास्तों पर बैरियर बांधकर दोपहिया और चार छोटे पहिया वाहनों को अंदर नहीं घुसने दिया गया।
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नगरपालिका प्रशासन की ओर से दीपदान पर्व में भक्तों की सुविधा के विशेष इंतजाम किए गए। माइक के जरिए दिशा-निर्देश जारी किए जाते रहे। वहीं, मेले में व्यवस्था के लिए पुलिस और प्रशासनिक अमला पूरी मुस्तैदी के साथ डटा रहा।