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बदहवास हालत में मिला अपहृत बच्चा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 16 Mar 2018 01:27 AM IST
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मृदुल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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रसूलाबाद थाना क्षेत्र के बनीपारा-मिंडाकुआं मार्ग पर शंकर पुरवा गांव के पास गुरुवार को अपहृत बच्चा बदहवास हालत में मिला। बच्चे की तलाश में लगे चौकी इंचार्ज की उस पर नजर पड़ गई और वह उसे घर पहुंचाया। बच्चे के घर पहुंचने पर परिजनों के खुशी का ठिकाना नहीं रहा। देर शाम एसपी रतनकांत पांडेय रसूलाबाद पहुंचे। उन्होंने बच्चे से घटना के बाबत जानकारी करने की कोशिश की पर दहशत में उनके पुलिस को कुछ भी नहीं बताया। लगातार रोने की वजह से उसकी आंखें सूज गई।
बुधवार की दोपहर आलमपुरखेड़ा निवासी सुरेंद्र गुप्ता उर्फ पुत्तन का बेटा मृदुल उर्फ कन्हैया 9 गांव के पास में ही स्थित स्कूल से परीक्षा देकर अपने दो साथियों संग लौट रहा था। रास्ते में उन्हें बाइक सवार दो युवक मिले, जिन्होंने मृदुल से कहा कि उसे प्रधानाचार्य बुला रहे हैं। बाइक में बैठाने के बाद उन्होंने मृदुल का सिर को अंगोछे से ढक दिया था। इसकी जानकारी मृदुल के साथियों ने गांव जाकर उसके परिजनों को दी। सूचना पर पुलिस ने नाकेबंदी कर वाहनों की चेकिंग शुरू कराई थी, लेकिन बच्चे का सुराग नहीं मिल रहा था। परिजनों ने किसी से रंजिश न होने की बात कही।
पुलिस मामले की छानबीन में जुटी थी। गुरुवार की शाम नारखुर्द चौकी इंचार्ज रामजी दुबे को मिंडाकुआ-बनीपारा मार्ग पर शंकर पुरवा गांव के पास की एक बच्चा बनियान पहने टहलता हुआ दिखाई दिया। पूछने पर उसने अपना नाम मृदुल बताया। अपने बच्चे को देख मां रेनू व पिता सुरेंद्र, भाई कृष्णा व बहन सिखा श्रद्धा के चेहरे खुशी से चमक गए। मां ने अपने जिगर के टुकड़े को गले लगाया। बच्चे के मिलने की सूचना पर एसपी रतनकांत पांडेय रसूलाबाद पहुंचे। उन्होंने मृदुल से बाइक सवारों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की, लेकिन दहशत में होने की वजह से उसने कुछ नहीं बताया। वहीं, एसपी ने बताया कि बच्चा दशहत में है इसलिए वह कुछ बता नहीं पा रहा है। उसके सामान्य होने तक अपहरणकर्ताओं बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस मामले में की जांच में जुटी है।
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बुधवार की दोपहर आलमपुरखेड़ा निवासी सुरेंद्र गुप्ता उर्फ पुत्तन का बेटा मृदुल उर्फ कन्हैया 9 गांव के पास में ही स्थित स्कूल से परीक्षा देकर अपने दो साथियों संग लौट रहा था। रास्ते में उन्हें बाइक सवार दो युवक मिले, जिन्होंने मृदुल से कहा कि उसे प्रधानाचार्य बुला रहे हैं। बाइक में बैठाने के बाद उन्होंने मृदुल का सिर को अंगोछे से ढक दिया था। इसकी जानकारी मृदुल के साथियों ने गांव जाकर उसके परिजनों को दी। सूचना पर पुलिस ने नाकेबंदी कर वाहनों की चेकिंग शुरू कराई थी, लेकिन बच्चे का सुराग नहीं मिल रहा था। परिजनों ने किसी से रंजिश न होने की बात कही।
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पुलिस मामले की छानबीन में जुटी थी। गुरुवार की शाम नारखुर्द चौकी इंचार्ज रामजी दुबे को मिंडाकुआ-बनीपारा मार्ग पर शंकर पुरवा गांव के पास की एक बच्चा बनियान पहने टहलता हुआ दिखाई दिया। पूछने पर उसने अपना नाम मृदुल बताया। अपने बच्चे को देख मां रेनू व पिता सुरेंद्र, भाई कृष्णा व बहन सिखा श्रद्धा के चेहरे खुशी से चमक गए। मां ने अपने जिगर के टुकड़े को गले लगाया। बच्चे के मिलने की सूचना पर एसपी रतनकांत पांडेय रसूलाबाद पहुंचे। उन्होंने मृदुल से बाइक सवारों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की, लेकिन दहशत में होने की वजह से उसने कुछ नहीं बताया। वहीं, एसपी ने बताया कि बच्चा दशहत में है इसलिए वह कुछ बता नहीं पा रहा है। उसके सामान्य होने तक अपहरणकर्ताओं बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस मामले में की जांच में जुटी है।
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