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आर्य समाज ने शोभायात्रा निकालकर जगाई अलख
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घाटमपुर (कानपुर)। कस्बा स्थित आर्य समाज मंदिर में शुक्रवार से तीन दिवसीय शताब्दी समारोह शुरू हुआ। आर्य प्रतिनिधि सभा (उप्र) के प्रधान धीरज सिंह आर्य ने ओम ध्वज फहराकर समारोह की शुरुआत कराई। शुक्रवार सुबह 6 से 7 बजे तक योगासन और 8 से 10 बजे तक यज्ञ का कार्यक्रम संपन्न कराया गया। वहीं, 11 बजे से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।
आयोजन स्थल से निकाली गई शोभायात्रा नगर पालिका रोड से वाया पुराना अस्पताल रोड होते हुए कानपुर-सागर राजमार्ग पर पहुंची। रेलवे स्टेशन रोड और टीचर कालोनी होते हुए दीना मार्केंट (डाकखाना) रोड और बाबा मंदिर गली होकर वापस मुगल रोड पर पहुंची। कस्बे के मुख्य चौराहा से होकर रोडवेज बस स्टाप की बगल वाली गली वापस आयोजन स्थल पर खत्म हुई। शोभायात्रा में शामिल लोगों ने आर्य समाज के उद्देश्यों को बताया। कहा कि वेदों से ही आर्य संस्कृति का उदय हुआ है। वहीं, धर्मध्वज के साथ देश का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भी लहरा रहा था। हाथों में भारत माता की जय और वैदिक धर्म की जय के साथ ही सर्वे भवंतु सुखिना, सर्वे संतु निरामया के नारे लगाते चल रहे थे।
तख्तियों के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि वैदिक धर्म का प्रचार-प्रसार करने के लिए ऋषि दयानंद ने जन्म लिया था। शोभायात्रा में प्रधान अशोक कुमार आर्य, शिवनरायण आर्य इंटर कालेज (मुरलीपुर) के प्रधानाचार्य प्रभाष कुमार आर्य, मंत्री प्रदीप कुमार आर्य के अलावा डॉ शिवसिंह, डॉ राजकुमार, जगरूप सिंह, वीरेंद्र कुमार आर्य, वंदना आर्य, रामऔतार, नीलम आर्य, बिंदू आर्य और विनोद कुमार पटेल सहित अन्य लोग शामिल हुए। जबकि, दो विद्यालयों के छात्र और एनसीसी कैडेट्स शामिल हुए। रात्रिकालीन सभा में भजन, प्रवचन और उपदेश के कार्यक्रम संपन्न हुए।
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आयोजन स्थल से निकाली गई शोभायात्रा नगर पालिका रोड से वाया पुराना अस्पताल रोड होते हुए कानपुर-सागर राजमार्ग पर पहुंची। रेलवे स्टेशन रोड और टीचर कालोनी होते हुए दीना मार्केंट (डाकखाना) रोड और बाबा मंदिर गली होकर वापस मुगल रोड पर पहुंची। कस्बे के मुख्य चौराहा से होकर रोडवेज बस स्टाप की बगल वाली गली वापस आयोजन स्थल पर खत्म हुई। शोभायात्रा में शामिल लोगों ने आर्य समाज के उद्देश्यों को बताया। कहा कि वेदों से ही आर्य संस्कृति का उदय हुआ है। वहीं, धर्मध्वज के साथ देश का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भी लहरा रहा था। हाथों में भारत माता की जय और वैदिक धर्म की जय के साथ ही सर्वे भवंतु सुखिना, सर्वे संतु निरामया के नारे लगाते चल रहे थे।
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तख्तियों के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि वैदिक धर्म का प्रचार-प्रसार करने के लिए ऋषि दयानंद ने जन्म लिया था। शोभायात्रा में प्रधान अशोक कुमार आर्य, शिवनरायण आर्य इंटर कालेज (मुरलीपुर) के प्रधानाचार्य प्रभाष कुमार आर्य, मंत्री प्रदीप कुमार आर्य के अलावा डॉ शिवसिंह, डॉ राजकुमार, जगरूप सिंह, वीरेंद्र कुमार आर्य, वंदना आर्य, रामऔतार, नीलम आर्य, बिंदू आर्य और विनोद कुमार पटेल सहित अन्य लोग शामिल हुए। जबकि, दो विद्यालयों के छात्र और एनसीसी कैडेट्स शामिल हुए। रात्रिकालीन सभा में भजन, प्रवचन और उपदेश के कार्यक्रम संपन्न हुए।
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