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डिफेंस कॉरीडोर को दक्षिण कोरिया टीम ने किया निरीक्षण
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कानपुर के साढ़ कस्बे में राजस्व अधिकारियों के साथ कोरिया से आए हांग ली। अमर उजाला
- फोटो : GHATAMPUR
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भीतरगांव (कानपुर)। साढ़ कस्बे में प्रस्तावित डिफेंस कॉरीडोर में इंडस्ट्री स्थापित करने की संभावना तलाशने के लिए शुक्रवार को दक्षिण कोरिया का दो सदस्यीय दल साढ़ आया। साथ में डिफेंस कॉरीडोर के रक्षा विशेषज्ञ डॉ अरविंद भारतीय, संजय चावला और उप्र औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के प्रतिनिधि डीबी सिंह भी थे। टीम ने डिफेंस कारीडोर के लिए अधिग्रहीत की जाने वाली 216 हेक्टेयर भूमि का निरीक्षण किया।
दक्षिण कोरिया के प्रतिनिधि मंडल की अगुवाई कर रहे हांग ली को रक्षा विशेषज्ञ ने बताया कि इंडस्ट्री के लिए जलापूर्ति रामगंगा नहर से होनी है जबकि, बिजली आपूर्ति के लिए साढ़ कस्बे में उपकेंद्र बना हुआ है। रेलवे स्टेशन और कानपुर शहर से भी कस्बे की दूरी मात्र 20 किलोमीटर और इससे भी कम है। शहर के रक्षा प्रतिष्ठानों आर्डिनेंस और पैराशूट की दूरी भी काफी कम है।
दक्षिण कोरिया की कंपनी हनवा से संबंधित हांग ली और उनके साथ आए दूसरे प्रतिनिधि ने इलाके का बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक जानकारियां हासिल कीं। साथ आए रक्षा अधिकारियों ने बताया कि इंडस्ट्री में सेल्फ प्रोपेल्ट एयर डिफेंस गन मिसाइल सिस्टम का काम होगा। इंडस्ट्री में निर्मित रक्षा सामग्री की आपूर्ति भारतीय सेना को की जाएगी। स्थानीय स्तर पर नर्वल तहसीलदार विनीत कुमार, राजस्व निरीक्षक मुकेश कुमार और क्षेत्रीय राजस्व लेखपाल के अलावा कई किसान और ग्रामीण मौजूद रहे। कोरियाई दल ने प्रस्तावित भूमि का नक्शा भी देखा।
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दक्षिण कोरिया के प्रतिनिधि मंडल की अगुवाई कर रहे हांग ली को रक्षा विशेषज्ञ ने बताया कि इंडस्ट्री के लिए जलापूर्ति रामगंगा नहर से होनी है जबकि, बिजली आपूर्ति के लिए साढ़ कस्बे में उपकेंद्र बना हुआ है। रेलवे स्टेशन और कानपुर शहर से भी कस्बे की दूरी मात्र 20 किलोमीटर और इससे भी कम है। शहर के रक्षा प्रतिष्ठानों आर्डिनेंस और पैराशूट की दूरी भी काफी कम है।
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दक्षिण कोरिया की कंपनी हनवा से संबंधित हांग ली और उनके साथ आए दूसरे प्रतिनिधि ने इलाके का बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक जानकारियां हासिल कीं। साथ आए रक्षा अधिकारियों ने बताया कि इंडस्ट्री में सेल्फ प्रोपेल्ट एयर डिफेंस गन मिसाइल सिस्टम का काम होगा। इंडस्ट्री में निर्मित रक्षा सामग्री की आपूर्ति भारतीय सेना को की जाएगी। स्थानीय स्तर पर नर्वल तहसीलदार विनीत कुमार, राजस्व निरीक्षक मुकेश कुमार और क्षेत्रीय राजस्व लेखपाल के अलावा कई किसान और ग्रामीण मौजूद रहे। कोरियाई दल ने प्रस्तावित भूमि का नक्शा भी देखा।
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