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मोबाइल ऐप के जरिए जोड़े नाम
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घाटमपुर (कानपुर)। मंगलवार को एसडीएम ने तहसील सभागार में बीएलओ के साथ बैठक करके मोबाइल एप के जरिए किए जा रहे मतदाता सत्यापन कार्य की समीक्षा की। तहसीलदार विजय यादव ने बताया कि अभियान एक सितंबर से 30 के मध्य संचालित किया जाना था। जिसका अंतिम सप्ताह चल रहा है। इस दौरान मतदाता सूची से छूटे नामों को मोबाइल एप और मतदाता सेवा पोर्टल के जरिए जोड़ने के निर्देश दिए गए।
उपजिलाधिकारी वरुण कुमार पांडेय ने बताया कि पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए वोटर को पहचान पत्र के दस विकल्प दिए गए हैं। इनमें बैंक पासबुक, आदार कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और बिजली बिल आदि के विकल्प शामिल हैं। वहीं, मतदाता सत्यापन कार्यक्रम के तहत 1.01.2019 को 18 वर्ष की अथवा उससे अधिक की आयु पूरी कर चुके लोगों के नाम जोड़ने, मृतकों के नाम पृथक करने, नए पते का सत्यापन और नाम संशोधन आदि भी शामिल है।
बताया कि संबधित प्रक्रिया के लिए अलग-अलग फार्मों की व्यवस्था की गई है। इस दौरान नायब तहसीलदार हरिश्चंद्र सोनी उपस्थित रहे। वहीं, चकबंदी विभाग का राजस्व विभाग में विलय किए जाने की योजना पर चर्चा हुई। जिसमें शामिल चकबंदी लेखपालों ने अपना विरोध जताया। कहा कि चकबंदी विभाग का राजस्व में विलय का वह विरोध करेंगे।
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उपजिलाधिकारी वरुण कुमार पांडेय ने बताया कि पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए वोटर को पहचान पत्र के दस विकल्प दिए गए हैं। इनमें बैंक पासबुक, आदार कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और बिजली बिल आदि के विकल्प शामिल हैं। वहीं, मतदाता सत्यापन कार्यक्रम के तहत 1.01.2019 को 18 वर्ष की अथवा उससे अधिक की आयु पूरी कर चुके लोगों के नाम जोड़ने, मृतकों के नाम पृथक करने, नए पते का सत्यापन और नाम संशोधन आदि भी शामिल है।
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बताया कि संबधित प्रक्रिया के लिए अलग-अलग फार्मों की व्यवस्था की गई है। इस दौरान नायब तहसीलदार हरिश्चंद्र सोनी उपस्थित रहे। वहीं, चकबंदी विभाग का राजस्व विभाग में विलय किए जाने की योजना पर चर्चा हुई। जिसमें शामिल चकबंदी लेखपालों ने अपना विरोध जताया। कहा कि चकबंदी विभाग का राजस्व में विलय का वह विरोध करेंगे।
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