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पशुओं को हरा चारा दें
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kanpur dehat cow
- फोटो : GHATAMPUR
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पतारा (कानपुर)। मंगलवार को संयुक्त निदेशक डॉ सीके शुक्ला और उनकी टीम ने टेनापुर गांव के सामने बने पशुआश्रय स्थल का निरीक्षण किया। टीम के सदस्यों ने ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को मवेशियों के लिए सूखे भूसे के साथ हरे चारे की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। जबकि, सर्दी से पूर्व व्यवस्थाएं पूरी कर लेने को कहा।
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक (पशुपालन) की टीम को पशु आश्रयस्थल में कुल 72 मवेशी बंद मिले। टीम ने आश्रयस्थल में मवेशियों के लिए की गई चारा-पानी की व्यवस्था के साथ बीमार मवेशियों के इलाज आदि की व्यवस्था के बारे में जानकारी हासिल कर रिपोर्ट तैयार की। उन्होंने आश्रयस्थल पर तैनात पशु सेवकों रामबाबू और श्यामबाबू यादव से भी मवेशियों के चारे-पानी और इलाज के बारे में पूछताछ की। ग्राम पंचायत सचिव हरदीप सिंह और खंड विकास अधिकारी ज्ञानेंद्र मिश्रा को शासन के दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू करने और उनका पालन कराने को कहा। टीम के सदस्यों ने गाय और साड़ों को अलग-अलग बाड़ों में रखने के निर्देश दिए।
पशुधन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ सीके शुक्ला ने बताया कि पशु आश्रयस्थलों की रिपोर्ट को शासन स्तर पर संज्ञान में लिया जा रहा है। टीम के साथ स्थानीय स्तर पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (कानपुर) डॉ सुधीर श्रीवास्तव, पशु चिकित्साधिकारी (पतारा) डॉ अमित जायसवाल और ग्राम प्रधान मधुबाला सिंह के पुत्र अजय सिंह भी थे।
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पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक (पशुपालन) की टीम को पशु आश्रयस्थल में कुल 72 मवेशी बंद मिले। टीम ने आश्रयस्थल में मवेशियों के लिए की गई चारा-पानी की व्यवस्था के साथ बीमार मवेशियों के इलाज आदि की व्यवस्था के बारे में जानकारी हासिल कर रिपोर्ट तैयार की। उन्होंने आश्रयस्थल पर तैनात पशु सेवकों रामबाबू और श्यामबाबू यादव से भी मवेशियों के चारे-पानी और इलाज के बारे में पूछताछ की। ग्राम पंचायत सचिव हरदीप सिंह और खंड विकास अधिकारी ज्ञानेंद्र मिश्रा को शासन के दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू करने और उनका पालन कराने को कहा। टीम के सदस्यों ने गाय और साड़ों को अलग-अलग बाड़ों में रखने के निर्देश दिए।
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पशुधन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ सीके शुक्ला ने बताया कि पशु आश्रयस्थलों की रिपोर्ट को शासन स्तर पर संज्ञान में लिया जा रहा है। टीम के साथ स्थानीय स्तर पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (कानपुर) डॉ सुधीर श्रीवास्तव, पशु चिकित्साधिकारी (पतारा) डॉ अमित जायसवाल और ग्राम प्रधान मधुबाला सिंह के पुत्र अजय सिंह भी थे।
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