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गेहूं की नई प्रजातियों से बढ़ाएं पैदावार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Oct 2016 02:15 AM IST
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ग्राम प्रधानों को प्परशस्ति पत्र देकर सम्मानित करते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
कलक्ट्रेट परिसर में नेशनल मिशन ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी की ओर से दो दिवसीय रबी उत्पादकता किसान मेले का आयोजन हुआ। मेले में विभिन्न विभाग ने स्टाल के माध्यम से किसानों को जागरूक किया।
वहीं गेहूं की नई प्रजाति और पैदावार के बारे जानकारी दी। मेले का शुभारंभ जिलाधिकारी कुमार रविकांत सिंह व पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने किया। गोष्ठी को संबोधित जिलाधिकारी ने कहा कि किसान भाई कृषि विधिकरण व जैविक खेती का प्रयोगकर उत्पादकता में वृद्धि लाएं।
एमएलसी दिलीप सिंह यादव ने कहा कि किसानों की जागरूकता से उत्पादन बढ़ेगा। सीडीपीओ कृष्ण कुमार गुप्त ने किसानों को बताया कि किसान राजकीय बीज भंडारों से परिष्कृत व प्रमाणित बीजों की खरीददारी कर सकते हैं।
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उपपरियोजना निदेशक ऋषिकेश अवस्थी ने बताया कि गेहूं की दो प्रजातियों के बीज डीबीडब्ल्यू-17 और एचडी-2961 राजकीय बीज भंडारों में उपलब्ध हैं। किसान प्रति हेक्टेयर 60 कुंतल गेहूं की पैदावार पा सकता है। संचालन उपकृषि निदेशक रमाकांत तिवारी ने किया।
खुले से शौच मुक्त वाले गांवों के प्रधानों को सम्मानित किया - किसान मेले के दौरान खुले से शौच मुक्त वाले गांवों के ग्राम प्रधानों व समन्वयक को एमएलसी, जिलाधिकारी, एसपी व सीडीओ ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
सीडीओ केके गुप्त ने कहा कि किसान खुद व घर की बहू-बेटियों की सुरक्षा के लिए शौचालय का निर्माण हरहाल में कराएं। सरकार 12 हजार रुपये अनुदान दे रही है। वहीं 10 किसानों को राई मिनी किट बांटा गया।
पंजीकरण स्टाल में उमड़े किसान - मेले में किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं में अनुदान देने के लिए उपकृषि निदेशक की ओर से पंजीकरण कैंप लगवाया गया। बड़ी संख्या में अपना पंजीकरण कराया। किसानों ने कृषि, उद्यान, पशुपालन, स्वास्थ्य, अग्रिशमन, शिक्षा, मत्स्य, सहकारी, एग्रो, इफ्को, पीसीएफ, लघु सिंचाई आदि स्टालों में योजनाओं की जानकारी ली।
कठपुतली नृत्य पर खूब बजी तालियां- किसान गोष्ठी में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग लखनऊ से आए कलाकारों ने मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे-मोती पर मनमोहक कठपुतली नृत्य प्रस्तुत किया। किसानों ने जमकर तालियां बजाई।
गड्ढों में गिरते बचे किसान- मेले व गोष्ठी के दौरान कलक्ट्रेट परिसर को समतल न करने से कई बार किसान व अधिकारी गिरते-गिरते बचे। परिसर में बने गड्ढे घास से ढकने के कारण किसान उन्हें देख नहीं सके। कई गड्ढों को बेंच, तिरपाल डालकर ढका गया।
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वहीं गेहूं की नई प्रजाति और पैदावार के बारे जानकारी दी। मेले का शुभारंभ जिलाधिकारी कुमार रविकांत सिंह व पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने किया। गोष्ठी को संबोधित जिलाधिकारी ने कहा कि किसान भाई कृषि विधिकरण व जैविक खेती का प्रयोगकर उत्पादकता में वृद्धि लाएं।
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एमएलसी दिलीप सिंह यादव ने कहा कि किसानों की जागरूकता से उत्पादन बढ़ेगा। सीडीपीओ कृष्ण कुमार गुप्त ने किसानों को बताया कि किसान राजकीय बीज भंडारों से परिष्कृत व प्रमाणित बीजों की खरीददारी कर सकते हैं।
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उपपरियोजना निदेशक ऋषिकेश अवस्थी ने बताया कि गेहूं की दो प्रजातियों के बीज डीबीडब्ल्यू-17 और एचडी-2961 राजकीय बीज भंडारों में उपलब्ध हैं। किसान प्रति हेक्टेयर 60 कुंतल गेहूं की पैदावार पा सकता है। संचालन उपकृषि निदेशक रमाकांत तिवारी ने किया।
खुले से शौच मुक्त वाले गांवों के प्रधानों को सम्मानित किया - किसान मेले के दौरान खुले से शौच मुक्त वाले गांवों के ग्राम प्रधानों व समन्वयक को एमएलसी, जिलाधिकारी, एसपी व सीडीओ ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
सीडीओ केके गुप्त ने कहा कि किसान खुद व घर की बहू-बेटियों की सुरक्षा के लिए शौचालय का निर्माण हरहाल में कराएं। सरकार 12 हजार रुपये अनुदान दे रही है। वहीं 10 किसानों को राई मिनी किट बांटा गया।
पंजीकरण स्टाल में उमड़े किसान - मेले में किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं में अनुदान देने के लिए उपकृषि निदेशक की ओर से पंजीकरण कैंप लगवाया गया। बड़ी संख्या में अपना पंजीकरण कराया। किसानों ने कृषि, उद्यान, पशुपालन, स्वास्थ्य, अग्रिशमन, शिक्षा, मत्स्य, सहकारी, एग्रो, इफ्को, पीसीएफ, लघु सिंचाई आदि स्टालों में योजनाओं की जानकारी ली।
कठपुतली नृत्य पर खूब बजी तालियां- किसान गोष्ठी में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग लखनऊ से आए कलाकारों ने मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे-मोती पर मनमोहक कठपुतली नृत्य प्रस्तुत किया। किसानों ने जमकर तालियां बजाई।
गड्ढों में गिरते बचे किसान- मेले व गोष्ठी के दौरान कलक्ट्रेट परिसर को समतल न करने से कई बार किसान व अधिकारी गिरते-गिरते बचे। परिसर में बने गड्ढे घास से ढकने के कारण किसान उन्हें देख नहीं सके। कई गड्ढों को बेंच, तिरपाल डालकर ढका गया।