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.... तो परिवार का वारिस भी न बचता

Sun, 29 Jan 2017 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 29 Jan 2017 01:05 AM IST
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Heirs of the family had not ...
हादसा - फोटो : अमर उजाला
सड़क हादसे में मौत का शिकार हुए गोपालपुर गांव के दंपति ने अपने अस्पताल जाने से पहले दो साल के मासूम को पुखरायां स्थित बहन के पास छोड़ दिया था। घटना के वक्त यदि मासूम प्रतीक साथ होता तो परिवार का वारिस भी नहीं बचता।
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भोगनीपुर क्षेत्र के गोपालपुर गांव के रामसजीवन यादव की दो संतानें थी। एक लड़की गुड्डी और लड़का बृजेंद्र था। उन्होंने बेटी की शादी सेना में कार्ररत पुखरायां निवासी युवक से की थी, जबकि लड़के की शादी मूसानगर के ललकीपुरवा गांव की अरूणा से की थी। अरूणा ने एक पुत्र प्रतीक को जन्म दिया था। वह दो साल का चुका है। पत्नी के पेट में दर्द की शिकायत के चलते शनिवार को बृजेंद्र जिला अस्पताल में इलाज करवाने से पहले पुखरायां स्थित अपने बहन गुड्डी के घर पहुंचा।
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यहां पर दो साल के पुत्र को बहन के पास छोड़ दिया, और अपने बहनोई की बाइक लेकर जिला अस्पताल आया। जांच करवाने के बाद घर लौट रहा था, तभी दुर्घटना हो गई। घटना के बाद परिजनों के मुंह से बरबस ही निकल पड़ा कि साथ में यदि प्रतीक होता तो परिवार में दिया जलाने वाला वारिस भी नहीं बचता।
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पति और पत्नी का पोस्टमार्टम अकबरपुर में किया गया। हेड इंजरी और अधिक खून बहने से मौत होना पाया गया। डाक्टरों ने बताया कि मृतका अरूणा छह माह के गर्भ से भी। पोस्टमार्टम के बाहर गांव वालों की भीड़ लगी रही। घटना के बाद हर आंख नम नजर आई।

घटना लालपुर चौकी के आगे भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र में हुआ। वहां की पुलिस किसी तरह टेंपो से शवों को लेकर जिला अस्पताल पोस्टमार्टम हाउस तक ले आई। पंचनामा भरने के लिए कोई नहीं आया। पुलिस परिजन का इंतजार करते रहे। बता दें कि दंपति के एक रिश्तेदार झांसी में तैनात एसएसपी के पीआरओ हैं। उन्होंने पुलिस के उच्चाधिकारियों को फोन से घटना की जानकारी दी। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने जल्दी से काम शुरू किया।


हादसे के बाद टेंपो शवों को लेकर जिला अस्पताल परिसर में बने मार्च्युरी पहुंच गया। नियमानुसार डाक्टर ही मृत्यु होने की घोषणा करते हैं। अस्पताल कर्मियों ने पहले शवों को इमरजेंसी कक्ष के पोर्टिको तक लाने के लिए कहा। टेंपो स्टार्ट करने प्रयास किया गया लेकिन नहीं हुआ। इसके बाद जिला अस्पताल के डाक्टर व कर्मचारी मौके पर पहुंचकर मृत होने की घोषणा की।

 
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