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भोर होते ही मंदिरों में गूंजे मइया के जयकारे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 09 Apr 2016 01:20 AM IST
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शुक्रवार से चैत्र नवरात्र शुरू हो गए। पहले दिन देवी के शैलपुत्री स्वरूप की आराधना की गई। भोर होते ही प्रमुख मंदिरों के बाहर मइया के दर्शन करने के लिए भक्तों की कतारें लग गईं। घरों में कलश स्थापना करने के बाद भक्तगण माता के जयकारे लगाते हुए उनके दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे।
कसबे के ऐतिहासिक और प्राचीन कूष्मांडा देवी मंदिर में भोर पहर चार बजे से ही देवी भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया।
सुबह 8 बजे तक मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में लोग माता के दर्शन करने के लिए कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए। जबकि, तेज धूप और गर्मी के चलते दोपहर 11 से लेकर शाम 6 बजे तक मंदिरों में भक्तों की संख्या काफी कम रही। मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस के जवान महिलाओं और पुरुषों को अलग-अलग कतारों में खड़ा करवाने के साथ ही लाइन से मंदिर में प्रवेश कराने में जुटे थे। पालिका की ओर से भी कैंप लगवाया गया है। जिसमें मेले से संबंधित सूचनाओं का प्रसारण और भक्तों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
नगर पालिका प्रशासन की ओर से नवरात्र में मंदिर परिसर और परिक्रमा मार्ग के साथ ही मुख्य मार्ग (कानपुर-सागर) रोड पर मंडी समिति के पास से मंदिर तक मार्ग प्रकाश की व्यवस्था कराई गई है। जबकि, मार्गों में चूने का छिड़काव, पेयजल व्यवस्था और साफ-सफाई के विशेेष प्रबंध कराए गए हैं। मंदिर परिसर के तालाब में पानी भरवाया गया है।
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पतारा, सजेती और भीतरगांव समाचार प्रतिनिधियों के अनुसार क्षेत्र के प्रमुख देवी मंदिरों नगेली देवी (नगेलिनपुर) पतारा, कथरी देवी (बरनांव), तेजेश्वरी
देवी (तेजपुर), भद्रकाली देवी (भदरस एवं बिरहर), गहोली देवी (बरईगढ़), फूलमती देवी (बीहूपुर), ज्वाला देवी (गंभीरपुर), आशामाई (कटरा और तिलसड़ा) और काली देवी कसबा पतारा के मंदिरों में नवरात्र के प्रथम दिन सुबह से लेकर देर शाम तक भक्तों की भीड़ जमा रही।
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कसबे के ऐतिहासिक और प्राचीन कूष्मांडा देवी मंदिर में भोर पहर चार बजे से ही देवी भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया।
सुबह 8 बजे तक मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में लोग माता के दर्शन करने के लिए कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए। जबकि, तेज धूप और गर्मी के चलते दोपहर 11 से लेकर शाम 6 बजे तक मंदिरों में भक्तों की संख्या काफी कम रही। मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस के जवान महिलाओं और पुरुषों को अलग-अलग कतारों में खड़ा करवाने के साथ ही लाइन से मंदिर में प्रवेश कराने में जुटे थे। पालिका की ओर से भी कैंप लगवाया गया है। जिसमें मेले से संबंधित सूचनाओं का प्रसारण और भक्तों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
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नगर पालिका प्रशासन की ओर से नवरात्र में मंदिर परिसर और परिक्रमा मार्ग के साथ ही मुख्य मार्ग (कानपुर-सागर) रोड पर मंडी समिति के पास से मंदिर तक मार्ग प्रकाश की व्यवस्था कराई गई है। जबकि, मार्गों में चूने का छिड़काव, पेयजल व्यवस्था और साफ-सफाई के विशेेष प्रबंध कराए गए हैं। मंदिर परिसर के तालाब में पानी भरवाया गया है।
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पतारा, सजेती और भीतरगांव समाचार प्रतिनिधियों के अनुसार क्षेत्र के प्रमुख देवी मंदिरों नगेली देवी (नगेलिनपुर) पतारा, कथरी देवी (बरनांव), तेजेश्वरी
देवी (तेजपुर), भद्रकाली देवी (भदरस एवं बिरहर), गहोली देवी (बरईगढ़), फूलमती देवी (बीहूपुर), ज्वाला देवी (गंभीरपुर), आशामाई (कटरा और तिलसड़ा) और काली देवी कसबा पतारा के मंदिरों में नवरात्र के प्रथम दिन सुबह से लेकर देर शाम तक भक्तों की भीड़ जमा रही।