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कोहरे से ढका आसमान, बढ़ गई ठिठुरन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Dec 2016 02:15 AM IST
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सर्दी में अलाव पर तापता वृद्ध।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में शुक्रवार की सुबह सर्द रही। तापमान गिरने से तीसरे दिन भी वातावरण में कोहरे की स्थिति बनी रही। इससे पूरे दिन घने कोहरे की धुंध छाई रही। मार्गों पर चलने वाले वाहन चालक लाइट जलाकर धीरे-धीरे रेंगते रहे। वहीं शाम ढलते ही फिर से कोहरे की धुंध छा गई। वहीं सर्द हवाएं चलने से लोग पूरे दिन शरीर को गर्म कपड़ों से ढके रहे।
जिले में पिछले तीन दिनों से गिरा पारा लोगों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। सर्द हवाएं लोगों को घरों में कैद रहने को मजबूर कर रही है। ठंड से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। वहीं अधिकांश जगहों पर अलाव सुलगते दिखाई दे रहे हैं।
शुक्रवार सुबह छाए घने कोहरे ने हाईवे पर वाहनों की रफ्तार रोक दी। वहीं कोहरा अधिक होने से अकबरपुर-रूरा, अकबरपुर-मुंगीसापुर, अकबरपुर-कानपुर आदि रूटों पर टेंपो देर से चले। इस कारण सवारियों को भटकना पड़ा। ठंड के कारण अकबरपुर ओवरब्रिज, रूरा टेंपो स्टैंड सहित अन्य चौराहों पर लोग अलाव पर तापते नजर आए।
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घने कोहरे व ठिठुरन भरी सर्दी में ठिठुरते हुए स्कूली बच्चे विद्यालय जाते दिखे। वहीं शाम ढलते ही फिर से कोहरा छा गया और ठिठुरन बढ़ गई। वाहन चालक शाम से लाइट जलाकर हाईवे से गुजरे।
चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डा. अनुरुद्ध दुबे ने बताया कि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 22.01 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 13.03 डिग्री सेल्सियस रेकार्ड किया गया। अधिकतम आद्र्रता 100 फीसदी व न्यूनतम आद्र्रता 78 फीसदी रही। हवाओं का रुख शाम को पश्चिमी रहा। आने वाले दिनों में अभी सर्दी का प्रकोप बना रहेगा और कोहरे की धुंध छाई रहेगी।
ठंड से बचें दमा व दिल के रोगी- कानपुर देहात। शीतलहर अब दमा, सांस, दिल और त्वचा रोगियों के लिए जानलेवा है। गाढ़ेपन से रक्त संचार धीमा पड़ जाता है, जिससे मरीजों को परेशानी होती है।
सीएमओ डा. अनीता सिंह ने बताया कि सर्दियों में सुबह के समय हार्ड अटैक की संभावना ज्यादा होती है, क्योंकि इस समय वातावरण का तापमान कम रहता है। शरीर का तापमान कम होने से हृदय को रक्त पहुंचाने वाली धमनियां सिकुड़ जाती है और रक्तचाप तेजी से बढ़ता है।
यही हार्ड अटैक का प्रमुख कारण है। इसी प्रकार कड़ाके की सर्दी में रोटा वायरस भी बच्चों में तेजी से सक्रिय हो जाता है। यह कोल्ड डायरिया का कारण बनता है।
ठंड व पाले से बचाएं फसल- कानपुर देहात। सब्जी व मसाला फसलों को कीटों व मौसम से बचाने के लिए किसान सजग रहे। जिला कृषि अधिकारी रामसजीवन ने बताया कि आलूू में सिंचाई के साथ झुलसा व माहू रोग के नियंत्रण के लिए मैन्कोजेव के दो ग्राम प्रति लीटर पानी के साथ व फास्फामिडान 0.6 मिली लीटर प्रति लीटर पानी के साथ घोलकर 12 दिनों के अंदर छिड़काव कर दें।
टमाटर व मिर्च की फसल को झुलसा रोग से बचाने के लिए 0.2 मैन्कोजेव का छिड़काव करें। प्याज की नर्सरी की पिछले माह बुवाई न हुई हो तो इस माह अवश्य कर दें। प्याज को गलन से बचाने के लिए कार्बेडांजिम का 0.1 प्रतिशत का छिड़काव करें। ठंड व पाले के बचाने के लिए पौध को लोटनल पाली हाउस में तैयार करें।
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जिले में पिछले तीन दिनों से गिरा पारा लोगों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। सर्द हवाएं लोगों को घरों में कैद रहने को मजबूर कर रही है। ठंड से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। वहीं अधिकांश जगहों पर अलाव सुलगते दिखाई दे रहे हैं।
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शुक्रवार सुबह छाए घने कोहरे ने हाईवे पर वाहनों की रफ्तार रोक दी। वहीं कोहरा अधिक होने से अकबरपुर-रूरा, अकबरपुर-मुंगीसापुर, अकबरपुर-कानपुर आदि रूटों पर टेंपो देर से चले। इस कारण सवारियों को भटकना पड़ा। ठंड के कारण अकबरपुर ओवरब्रिज, रूरा टेंपो स्टैंड सहित अन्य चौराहों पर लोग अलाव पर तापते नजर आए।
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घने कोहरे व ठिठुरन भरी सर्दी में ठिठुरते हुए स्कूली बच्चे विद्यालय जाते दिखे। वहीं शाम ढलते ही फिर से कोहरा छा गया और ठिठुरन बढ़ गई। वाहन चालक शाम से लाइट जलाकर हाईवे से गुजरे।
चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डा. अनुरुद्ध दुबे ने बताया कि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 22.01 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 13.03 डिग्री सेल्सियस रेकार्ड किया गया। अधिकतम आद्र्रता 100 फीसदी व न्यूनतम आद्र्रता 78 फीसदी रही। हवाओं का रुख शाम को पश्चिमी रहा। आने वाले दिनों में अभी सर्दी का प्रकोप बना रहेगा और कोहरे की धुंध छाई रहेगी।
ठंड से बचें दमा व दिल के रोगी- कानपुर देहात। शीतलहर अब दमा, सांस, दिल और त्वचा रोगियों के लिए जानलेवा है। गाढ़ेपन से रक्त संचार धीमा पड़ जाता है, जिससे मरीजों को परेशानी होती है।
सीएमओ डा. अनीता सिंह ने बताया कि सर्दियों में सुबह के समय हार्ड अटैक की संभावना ज्यादा होती है, क्योंकि इस समय वातावरण का तापमान कम रहता है। शरीर का तापमान कम होने से हृदय को रक्त पहुंचाने वाली धमनियां सिकुड़ जाती है और रक्तचाप तेजी से बढ़ता है।
यही हार्ड अटैक का प्रमुख कारण है। इसी प्रकार कड़ाके की सर्दी में रोटा वायरस भी बच्चों में तेजी से सक्रिय हो जाता है। यह कोल्ड डायरिया का कारण बनता है।
ठंड व पाले से बचाएं फसल- कानपुर देहात। सब्जी व मसाला फसलों को कीटों व मौसम से बचाने के लिए किसान सजग रहे। जिला कृषि अधिकारी रामसजीवन ने बताया कि आलूू में सिंचाई के साथ झुलसा व माहू रोग के नियंत्रण के लिए मैन्कोजेव के दो ग्राम प्रति लीटर पानी के साथ व फास्फामिडान 0.6 मिली लीटर प्रति लीटर पानी के साथ घोलकर 12 दिनों के अंदर छिड़काव कर दें।
टमाटर व मिर्च की फसल को झुलसा रोग से बचाने के लिए 0.2 मैन्कोजेव का छिड़काव करें। प्याज की नर्सरी की पिछले माह बुवाई न हुई हो तो इस माह अवश्य कर दें। प्याज को गलन से बचाने के लिए कार्बेडांजिम का 0.1 प्रतिशत का छिड़काव करें। ठंड व पाले के बचाने के लिए पौध को लोटनल पाली हाउस में तैयार करें।