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श्रीकृष्ण और राधा संग खेली फूलों की होली
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Feb 2016 01:16 AM IST
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घाटमपुर तहसील क्षेत्र के बरीमहतैन गांव स्थित श्री बिहारी जी के मंदिर में चल रहे विष्णु महायज्ञ, भागवत कथा सप्ताह पुराण के दौरान श्रीकृष्ण रासलीला का मंचन किया गया। गुरुवार को ग्रामीणों ने श्रीकृष्ण और राधा के साथ फूलों की होली खेली।
भागवतकथा में जहां कथा व्यास ने गोवर्धन पूजा का वृतांत सुनाकर ब्रज की लीला को साकार कर दिया। वहीं, दोपहर बाद शुरू हुई रासलीला में खेली गई फूलों की होली अपने आप में अनूठी रही।
गांव के लोग भाव विभोर होकर गेंदा, गुलाब और अन्य सुगंधित फूलों की पंखुड़ियों को टोकरों में भर-भरकर श्रीकृष्ण और राधा के ऊपर डाल रहे थे। वहीं, महिलाएं होली गीत गाकर माहौल को और खुशनुमा बना रहीं थीं। फूलों की होली खेलने के लिए दूर-दूर से लोग आए थे।
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कथा व्यास ने गोवर्धन पूजा के महत्व को समझाते हुए कहा कि हमें प्रकृति के साथ खिलवाड़ नहीं, बल्कि उसका संरक्षण करना चाहिए। कहा कि पर्वत, नदियां, झरने, पशु-पक्षी और पेड़-पौधे हमारे सहायक हैं। इनके बिना मानव जीवन की कल्पना करना बेकार है।
पं. विष्णु स्वरूप शास्त्री और उनके साथी पंडितों ने यज्ञ में मंत्रोच्चार संग आहुतियां डलवाईं। वहीं, मथुरा से आए पं. नेमचंद्र स्वामी की मंडली के कलाकारों ने रासलीला में दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजन में राजेश काका, शिवबिहारी अग्निहोत्री, राधाचरण, अखिलेश मिश्रा, छोटेलाल बाजपेई, सोनू अवस्थी और न्यूटन तिवारी सहित अन्य लोगों का विशेष योगदान रहा।
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भागवतकथा में जहां कथा व्यास ने गोवर्धन पूजा का वृतांत सुनाकर ब्रज की लीला को साकार कर दिया। वहीं, दोपहर बाद शुरू हुई रासलीला में खेली गई फूलों की होली अपने आप में अनूठी रही।
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गांव के लोग भाव विभोर होकर गेंदा, गुलाब और अन्य सुगंधित फूलों की पंखुड़ियों को टोकरों में भर-भरकर श्रीकृष्ण और राधा के ऊपर डाल रहे थे। वहीं, महिलाएं होली गीत गाकर माहौल को और खुशनुमा बना रहीं थीं। फूलों की होली खेलने के लिए दूर-दूर से लोग आए थे।
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कथा व्यास ने गोवर्धन पूजा के महत्व को समझाते हुए कहा कि हमें प्रकृति के साथ खिलवाड़ नहीं, बल्कि उसका संरक्षण करना चाहिए। कहा कि पर्वत, नदियां, झरने, पशु-पक्षी और पेड़-पौधे हमारे सहायक हैं। इनके बिना मानव जीवन की कल्पना करना बेकार है।
पं. विष्णु स्वरूप शास्त्री और उनके साथी पंडितों ने यज्ञ में मंत्रोच्चार संग आहुतियां डलवाईं। वहीं, मथुरा से आए पं. नेमचंद्र स्वामी की मंडली के कलाकारों ने रासलीला में दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजन में राजेश काका, शिवबिहारी अग्निहोत्री, राधाचरण, अखिलेश मिश्रा, छोटेलाल बाजपेई, सोनू अवस्थी और न्यूटन तिवारी सहित अन्य लोगों का विशेष योगदान रहा।