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अस्पताल में आग, मरीज सड़क पर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 30 Oct 2016 01:00 AM IST
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आग
- फोटो : अमर उजाला
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अकबरपुर स्थित राजावत अस्पताल में शनिवार दोपहर शार्ट सर्किट से आग लग गई। अस्पताल में धुआं भरने से मरीजों व तीमारदारों में भगदड़ मच गई। तमाम मरीज-तीमारदार भाग कर सड़क पर आ गए और कुछ जान बचाने के लिए छत पर चढ़ गए। बाद में दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया।
अस्पताल में आग बुझाने के संसाधन ठीक नहीं मिले हैं। प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। राजावत अस्पताल में शनिवार दोपहर मेन पॉवर बाक्स में शार्ट सर्किट की वजह से आग लग गई। थोड़ी ही देर में अस्पताल के वार्डों में धुआं भर गया। मरीजों व तीमारदारों में हड़कंप मच गया। तीमारदार अपनों को सकुशल बचाने की जद्दोजहद में जुट गए।
अस्पताल से बाहर निकले मुसईपुरवा निवासी मरीज कमल सिंह, सिलहौला बुजुर्ग निवासी मरीज संघप्रेमी ने बताया कि वार्ड में धुआं भरने से घुटन होने लगी। उन्होंने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। आग लगने के बाद अफरा-तफरी के बीच कुछ मरीज तो बाहर निकलने में कामयाब रहे लेकिन गंभीर मरीज बाहर निकलने का रास्ता न देख सीढ़ी के सहारे छत की ओर भागे। एक प्रसूता को नवजात के साथ
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अस्पताल की छत पर लिटाया गया। मरीज लक्ष्मी, अश्वेंद्र, ओम यादव आदि ने बताया कि घंटों वे लोग सड़क किनारे पड़े रहे। दमकल कर्मियों के आने पर राहत मिली।
अग्रिशमन अधिकारी शिवदरस प्रसाद ने बताया कि अस्पताल में आग बुझाने के पर्याप्त यंत्र नहीं मिले हैं। पूर्व में इसको लेकर कई बार नोटिस दी गई थी लेकिन उन पर अमल नहीं किया गया। ऐसे में अब कारण बताओ नोटिस जारी कर आग बुझाने के संसाधनों का इंतजाम न करने का जवाब मांगा जाएगा।
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अस्पताल में आग बुझाने के संसाधन ठीक नहीं मिले हैं। प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। राजावत अस्पताल में शनिवार दोपहर मेन पॉवर बाक्स में शार्ट सर्किट की वजह से आग लग गई। थोड़ी ही देर में अस्पताल के वार्डों में धुआं भर गया। मरीजों व तीमारदारों में हड़कंप मच गया। तीमारदार अपनों को सकुशल बचाने की जद्दोजहद में जुट गए।
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अस्पताल से बाहर निकले मुसईपुरवा निवासी मरीज कमल सिंह, सिलहौला बुजुर्ग निवासी मरीज संघप्रेमी ने बताया कि वार्ड में धुआं भरने से घुटन होने लगी। उन्होंने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। आग लगने के बाद अफरा-तफरी के बीच कुछ मरीज तो बाहर निकलने में कामयाब रहे लेकिन गंभीर मरीज बाहर निकलने का रास्ता न देख सीढ़ी के सहारे छत की ओर भागे। एक प्रसूता को नवजात के साथ
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अस्पताल की छत पर लिटाया गया। मरीज लक्ष्मी, अश्वेंद्र, ओम यादव आदि ने बताया कि घंटों वे लोग सड़क किनारे पड़े रहे। दमकल कर्मियों के आने पर राहत मिली।
अग्रिशमन अधिकारी शिवदरस प्रसाद ने बताया कि अस्पताल में आग बुझाने के पर्याप्त यंत्र नहीं मिले हैं। पूर्व में इसको लेकर कई बार नोटिस दी गई थी लेकिन उन पर अमल नहीं किया गया। ऐसे में अब कारण बताओ नोटिस जारी कर आग बुझाने के संसाधनों का इंतजाम न करने का जवाब मांगा जाएगा।