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बारिश से खेत भरे, धान की रोपाई शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jul 2017 12:52 AM IST
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बुवाई
- फोटो : अमर उजाला
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बारिश से खेत लबालब होने से किसान बेहद खुश है। जिले में धान की रोपाई का काम तेजी से शुरू हो गया है। वहीं, मक्का, अरहर आदि की बुवाई का काम फिलहाल एक सप्ताह के लिए रुक गया है। इन फसलों की बुवाई की तैयारी किए किसानों को इंतजार करना पड़ेगा।
पिछले कुछ वर्षों से बारिश कम होने से धान की खेती का ग्राफ तेजी से गिरा था। हालांकि किसान हर बार धान की बेड़ तैयार करता था लेकिन बारिश कम होने पर धान की रोपाई नहीं करते थे। धान की रोपाई वहीं किसान करते थे, जिनके पास निजी नलकूप व नहर आदि का साधन था। इस बार बारिश की शुरुआत बेहद अच्छी होने से किसान गदगद है। तराई क्षेत्र के किसानों ने बेड़ तैयार कर रखी थी, जैसे ही पर्याप्त बारिश हुई किसानों ने रोपाई का काम शुरू कर दिया है।
वहीं, नहोली, जिंदौरा, कुरारी, चितरिया, टकटौली, आघू, मिलकिनपुरवा, स्वरूपपुर, झींझक आदि क्षेत्रों में धान की रोपाई काम शुरू हो गया है। किसान राम सिंह, राकेश कुमार, विजय सिंह, देवीदयाल आदि ने बताया कि यदि मौसम ने साथ दिया तो जिले में धान की रिकार्ड पैदावार होगी। धान की फसल के लिए उपर्युक्त मौसम है। अरहर व मक्का, चरी आदि बोने वाले किसानों ने कहा कि कम से कम एक सप्ताह के लिए बारिश रुके तो उनकी बुवाई हो सके। किसानों ने कहा कि कई वर्षों बाद इस तरह बारिश हुई है। आगे की सभी फसलों की पैदावार पर बेहतर प्रभाव पड़ेगा। जिला कृषि अधिकारी रामसजीवन ने कहा कि धान के लिए पानी ठीक है, वहीं बारिश से आगे की फसलों की पैदावार अच्छी हो जाएगी।
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पिछले कुछ वर्षों से बारिश कम होने से धान की खेती का ग्राफ तेजी से गिरा था। हालांकि किसान हर बार धान की बेड़ तैयार करता था लेकिन बारिश कम होने पर धान की रोपाई नहीं करते थे। धान की रोपाई वहीं किसान करते थे, जिनके पास निजी नलकूप व नहर आदि का साधन था। इस बार बारिश की शुरुआत बेहद अच्छी होने से किसान गदगद है। तराई क्षेत्र के किसानों ने बेड़ तैयार कर रखी थी, जैसे ही पर्याप्त बारिश हुई किसानों ने रोपाई का काम शुरू कर दिया है।
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वहीं, नहोली, जिंदौरा, कुरारी, चितरिया, टकटौली, आघू, मिलकिनपुरवा, स्वरूपपुर, झींझक आदि क्षेत्रों में धान की रोपाई काम शुरू हो गया है। किसान राम सिंह, राकेश कुमार, विजय सिंह, देवीदयाल आदि ने बताया कि यदि मौसम ने साथ दिया तो जिले में धान की रिकार्ड पैदावार होगी। धान की फसल के लिए उपर्युक्त मौसम है। अरहर व मक्का, चरी आदि बोने वाले किसानों ने कहा कि कम से कम एक सप्ताह के लिए बारिश रुके तो उनकी बुवाई हो सके। किसानों ने कहा कि कई वर्षों बाद इस तरह बारिश हुई है। आगे की सभी फसलों की पैदावार पर बेहतर प्रभाव पड़ेगा। जिला कृषि अधिकारी रामसजीवन ने कहा कि धान के लिए पानी ठीक है, वहीं बारिश से आगे की फसलों की पैदावार अच्छी हो जाएगी।
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