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बारिश में किसानों का गेहूं भीगा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 18 May 2017 01:38 AM IST
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भीगा
- फोटो : अमर उजाला
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पुखरायां में बुधवार की शाम अचानक तेज आंधी के साथ हुई बारिश से केंद्रों पर खुले में रखा गेहूं भीग गया। आनन फानन में बचाव के लिए तिरपाल तो डाला गया पर तब तक काफी गेहूं भीग चुका था। गेहूं खरीद केंद्र में लोडिंग न होने से समस्या बढ़ती जा रही है।
पुखरायां मंडी स्थित गेहूं खरीद केंद्र प्रभारी लाल प्रताप सिंह ने बताया कि गेहूं रखने की जगह नहीं है। वहीं मलासा विकास खंड की साधन सहकारी समिति डीघ में मंगलवार से लंबी कतार लगी है।
किसानों ने अपना गेहूं वहीं मैदान में जमा कर लिया है। जगदीशपुर के कृष्ण प्रकाश, अकबरनगर के हरीलाल, मानेंद्र, नारायनपुर के ज्ञानसिंह और मोहम्मदपुर के मान सिंह ने बताया कि उनको गेहूं लाने के लिए सोमवार की तारीख दी गई थी। वह गेहूं लेकर आए तो तौल बंद कर दी गई थी। ट्रैक्टर का भाड़ा अधिक पड़ने से गेहूं उतार कर मैदान में जमा कर लिया। डीएम के आदेश पर तौल तो शुरू हो गई पर गेहूं रखने की जगह नहीं है। लोडिंग का काम बहुत धीमा है। बुधवार की शाम अचानक तेज आंधी के साथ बारिश होने लगी। जब तक बचाव के लिए तिरपाल लगाया तब तक काफी गेहूं भीग गया।
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किसानों का कहना है कि उनको कुछ नहीं सूझ रहा है। वह रात में भी तौल कराने को तैयार हैं। इतना ही नहीं बोरी की सिलाई के लिए लाइट न होने पर वह जनरेटर का चार्ज लेने की बात कर रहे हैं। जिनका कहना है कि खरीद बंद न की जाए। वहीं सचिव शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जितना बारदाना मिलता जा रहा है, उतनी वह खरीद करते जा रहे हैं। वह प्रयास यहीं कर रहे हैं जितनी जल्दी हो उतनी जल्दी तुलाई हो जाए। बताया कि उनके पास केवल एक हजार बोरी बची है। सिलाई के लिए किसी से भी कोई अतिरिक्त पैसा नहीं लिया जाएगा। लाइट आने पर बोरियों की सिलाई कराई जाएगी। कुछ लोग दबाव बनाकर पहले अपना तुलाने का प्रयास करते हैं। बताया कि अभी तक 5,000 क्विंटल की खरीद की जा चुकी है। जिसमें 2,170 क्विंटल लोडिंग हुआ जबकि 2,830 क्विंटल गेहूं डंप है।
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पुखरायां मंडी स्थित गेहूं खरीद केंद्र प्रभारी लाल प्रताप सिंह ने बताया कि गेहूं रखने की जगह नहीं है। वहीं मलासा विकास खंड की साधन सहकारी समिति डीघ में मंगलवार से लंबी कतार लगी है।
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किसानों ने अपना गेहूं वहीं मैदान में जमा कर लिया है। जगदीशपुर के कृष्ण प्रकाश, अकबरनगर के हरीलाल, मानेंद्र, नारायनपुर के ज्ञानसिंह और मोहम्मदपुर के मान सिंह ने बताया कि उनको गेहूं लाने के लिए सोमवार की तारीख दी गई थी। वह गेहूं लेकर आए तो तौल बंद कर दी गई थी। ट्रैक्टर का भाड़ा अधिक पड़ने से गेहूं उतार कर मैदान में जमा कर लिया। डीएम के आदेश पर तौल तो शुरू हो गई पर गेहूं रखने की जगह नहीं है। लोडिंग का काम बहुत धीमा है। बुधवार की शाम अचानक तेज आंधी के साथ बारिश होने लगी। जब तक बचाव के लिए तिरपाल लगाया तब तक काफी गेहूं भीग गया।
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किसानों का कहना है कि उनको कुछ नहीं सूझ रहा है। वह रात में भी तौल कराने को तैयार हैं। इतना ही नहीं बोरी की सिलाई के लिए लाइट न होने पर वह जनरेटर का चार्ज लेने की बात कर रहे हैं। जिनका कहना है कि खरीद बंद न की जाए। वहीं सचिव शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जितना बारदाना मिलता जा रहा है, उतनी वह खरीद करते जा रहे हैं। वह प्रयास यहीं कर रहे हैं जितनी जल्दी हो उतनी जल्दी तुलाई हो जाए। बताया कि उनके पास केवल एक हजार बोरी बची है। सिलाई के लिए किसी से भी कोई अतिरिक्त पैसा नहीं लिया जाएगा। लाइट आने पर बोरियों की सिलाई कराई जाएगी। कुछ लोग दबाव बनाकर पहले अपना तुलाने का प्रयास करते हैं। बताया कि अभी तक 5,000 क्विंटल की खरीद की जा चुकी है। जिसमें 2,170 क्विंटल लोडिंग हुआ जबकि 2,830 क्विंटल गेहूं डंप है।