{"_id":"574365474f1c1bb415691c43","slug":"dry-crop-farmer-couple-ended-their-lifes","type":"story","status":"publish","title_hn":"फसल सूखी तो किसान दंपति ने जान दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फसल सूखी तो किसान दंपति ने जान दी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 24 May 2016 01:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
डेरापुर थाना क्षेत्र के कांधी गांव में सोमवार को फसल खराब होने और बैंक का कर्ज न लौटा पाने से परेशान किसान ने जहर खा लिया। उसे तड़पता देख पत्नी ने भी जहर खा लिया। दोनों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
कांधी गांव निवासी किसान दिनेश तिवारी (55) के पास दो बीघा भूमि थी। वह कुछ लोगों की खेती बलकट पर लेकर जीविकोपार्जन करता था। उसके भाइयों ने बताया कि बीते वर्ष दिनेश ने बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड पर 80 हजार रुपये लोन लिया था। इसी साल बेटे की शादी करने के लिए उसने खेत गिरवी रखकर गांव के एक साहूकार से 40 हजार रुपये उधार लिए। सोचा था कि गेहूं की फसल काटकर कर्जा उतार देगा लेकिन इस बार गेहूं की फसल सूखे में बर्बाद हो गई। तबसे वह बहुत परेशान था।
सोमवार सुबह करीब सात बजे दिनेश ने अचानक कमरे में जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर मुहल्ले के लोग उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे तो दिनेश कपडे़ पहनने के बहाने कमरे में घुस गया और अंदर से कुंडी लगा ली। यह देखकर खाना बना रही उसकी पत्नी सुधा (52) ने भी जहर खा लिया।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने किसी प्रकार दिनेश को कमरे से बाहर निकाला और फिर दोनों को जिला अस्पताल ले गए। वहां दोनों की मौत हो गई। दिनेश की पुत्री नीरज ने बताया कि घर में गरीबी का आलम यह था कि मां सुधा को डायबिटीज थी, जिसका इलाज पैसे के अभाव में वह नहीं करा पा रही थीं। गांव में रहने वाले एक सेवानिवृत्त फौजी को भी डायबटीज है। वह आर्मी हास्पिटल से जब अपने लिए दवा लेकर आते थे तो मां उनसे ही थोड़ी दवा मांग कर खा लेती थीं। सुधा का इलाज न कराने के कारण भी पिता परेशान रहते थे।
कांधी गांव निवासी किसान दिनेश तिवारी (55) के पास दो बीघा भूमि थी। वह कुछ लोगों की खेती बलकट पर लेकर जीविकोपार्जन करता था। उसके भाइयों ने बताया कि बीते वर्ष दिनेश ने बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड पर 80 हजार रुपये लोन लिया था। इसी साल बेटे की शादी करने के लिए उसने खेत गिरवी रखकर गांव के एक साहूकार से 40 हजार रुपये उधार लिए। सोचा था कि गेहूं की फसल काटकर कर्जा उतार देगा लेकिन इस बार गेहूं की फसल सूखे में बर्बाद हो गई। तबसे वह बहुत परेशान था।
विज्ञापन
सोमवार सुबह करीब सात बजे दिनेश ने अचानक कमरे में जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर मुहल्ले के लोग उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे तो दिनेश कपडे़ पहनने के बहाने कमरे में घुस गया और अंदर से कुंडी लगा ली। यह देखकर खाना बना रही उसकी पत्नी सुधा (52) ने भी जहर खा लिया।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने किसी प्रकार दिनेश को कमरे से बाहर निकाला और फिर दोनों को जिला अस्पताल ले गए। वहां दोनों की मौत हो गई। दिनेश की पुत्री नीरज ने बताया कि घर में गरीबी का आलम यह था कि मां सुधा को डायबिटीज थी, जिसका इलाज पैसे के अभाव में वह नहीं करा पा रही थीं। गांव में रहने वाले एक सेवानिवृत्त फौजी को भी डायबटीज है। वह आर्मी हास्पिटल से जब अपने लिए दवा लेकर आते थे तो मां उनसे ही थोड़ी दवा मांग कर खा लेती थीं। सुधा का इलाज न कराने के कारण भी पिता परेशान रहते थे।