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मरीज की मौत पर फूटा गुस्सा, हंगामा

Wed, 11 May 2016 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 11 May 2016 01:09 AM IST
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कस्बा स्थित एक निजी अस्पताल में मरीज की मौत पर तीमारदारों का गुस्सा फूट पड़ा। भड़के तीमारदारों और अस्पतालकर्मियों के बीच जमकर मारपीट हुई। तीमारदारों ने डॉक्टर को बंधक भी बना लिया। 100 नंबर पर सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया।
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पुलिस को तीमारदारों की ओर से इलाज में लापरवाही बरतने की तहरीर मिली है, जबकि अस्पताल संचालक की ओर से तहरीर नहीं मिली है। जीटी रोड बीबीपुर स्थित शिरीष हास्पिटल के संचालक डा. शरद कटियार ने बताया कि सोमवार रात करीब 10 बजे ककवन थाना क्षेत्र के घनसी निवादा गांव के विजयपाल अपनी पत्नी पप्पी (30) को गंभीर हालत में लेकर आए थे, लेकिन अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डा. मुकेश कटियार ने हालत नाजुक होने और मेडिको लीगल की सुविधा न होने की बात कहकर तीमारदारों को कानपुर जाने की सलाह दी, तब ये लोग चले गए लेकिन रात करीब दो बजे तीमारदार फिर अस्पताल आए और मरीज को भर्ती करने का दबाव बनाने लगे।
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डा. मुकेश ने मरीज को भर्ती करने से मना कर दिया तो उन लोगों ने स्टाफ से गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर घनसी निवादा गांव के ही शिक्षक उमेश चंद्र पुत्र रमेश चंद्र, कुंवर पाल सिंह पुत्र प्यारे लाल ने डा. मुकेश के साथ मारपीट करते हुए कार में बंधक बना लिया। बीच-बचाव के लिए आए कंपाउंडर अविनाश और सफाईकर्मी शिवा से भी मारपीट की। आननफानन में मामले की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने हंगामा कर रहे कुंवर पाल व उमेश को हिरासत में ले लिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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कोतवाल अमरपाल सिंह ने बताया कि मृतका के परिजनों ने अस्पताल कर्मियों पर इलाज में लापरवाही से मरीज की मौत होने की तहरीर दी है, जबकि अस्पताल की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। मामले की जांच सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की जा रही है। वहीं, डा. शरद कटियार ने यह भी कहा कि जब चिकित्सकीय स्टाफ ने मरीज का चेकअप किया था तो मरीज की मौत हो चुकी थी। 10 से दो बजे तक मरीज का कहां इलाज चला इसकी कोई जानकारी उनके पास नहीं है।


अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना कैद हो गई है। अस्पताल संचालक डा. शरद ने बताया कि मेडिकल एक्ट के तहत पूरा मामला पंजीकृत कराने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। अस्पताल के लीगल एडवाइजर के आते ही कोतवाली में मामला पंजीकृत करा दिया जाएगा। वहीं, मृतका पक्ष के एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इलाज में लापरवाही करने पर मारपीट हुई, जिससे उसका हाथ टूट गया।


 
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