फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghatampur News ›   Found dead hanging from a tree

पेड़ से लटका मिला अधेड़ का शव

Mon, 01 May 2017 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 01 May 2017 01:18 AM IST
विज्ञापन
Found dead hanging from a tree
माौत - फोटो : अमर उजाला
थाना क्षेत्र देवराहट के पास खेत में खड़े आम के पेड़ में एक अधेड़ का शव लटका मिला। उसके गले में अंगौछे का फंदा कसा था। अधेड़ के साले ने पहुंचकर शव की शिनाख्त की है। शव को उतार दिया गया, देर शाम तक परिजनों के आने का इंतजार किया जा रहा है।
विज्ञापन


देवराहट गांव से लगभग तीन किलोमीटर दूर लिंक रोड छोड़कर एक खेत में खडे़ आम के पेड़ में ऊपर की डाल में शव लटक रहा था। जिसकी सूचना ने पुलिस को दी थी। एसआई विश्वनाथ तिवारी ने आसपास के गांवों में सूचना भेजकर पहचान कराने का प्रयास किया। पहचान न होने पर चौकीदार से जेब दिखवाई गई। जेब में एक पहचान पत्र मिला जिसमे नाम घाटमपुर के तेलियावर निवासी कन्हैयालाल लिखा था।
विज्ञापन



एसआई ने घाटमपुर कोतवाली संपर्क कर सूचना गांव भिजवाई। तेलियावर गांव के प्रधान का मोबाइल नंबर लेकर संपर्क किया। प्रधान ने कन्हैयालाल नाम के व्यक्ति का शव होने की पुष्टि की। भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र के विरोहा निवासी सुरेशकुमार ने मृतक को अपना बहनोई कन्हैया लाल (50) बताकर पहचान कर ली। बताया कि तेलियावर के प्रधान ने सूचना दी थी। उसने परिजनों के वहां से चलने की जानकारी भी दी। थानाइंचार्ज रणजीतसिंह ने मृतक के साले से ही शव को उतरवा दिया। परिजनों के पहुंचने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। वहीं, शव 12 घंटे से अधिक समय से लटका लग रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन



गले का फंदा ढीला होने के कारण ठोढ़ी में कसा था। इसके बावजूद जीभ बाहर निकली थी। हाथ की मुठ्ठी बंद मिली। चप्पल पहने हुए पेड़ पर कैसे मृतक चढ़ गया यह किसी के गले नहीं उतर रहा है। पेड़ से लटक रहे शव को देखकर वहां पहुंचे हर व्यक्ति ने सवाल खड़े किए। शव पेड़ की दो डालों के किनारे से लटक रहा था। ऊपर की पतली डाल में अंगौछे की गांठ लगी थी। जबकि गले की गांठ ढीली थी। ृतक की जीभ बाहर निकली हुई थी। पेड़ पर लटकने के बाद भी एक चप्पल पैर में फंसी मिली एक नीचे पड़ी थी। प्लास्टिक की चप्पल पहनकर पेड़ पर चढ़ना मुमकिन नहीं लगता। वहीं देवराहट के देवीदीन ने बताया कि उनके यहां अधेड़ की रिश्तेदारी थी, लेकिन वह कभी नहीं आया।  विरोहा निवासी सुरेश कुमार ने बताया कि शनिवार को उसकी भांजी का फोन आया था कि पिता की तबियत ठीक नहीं हैं, वह आ रहे हैं। उनकी जांच कराकर इलाज करवा देना। वह उनके घर नहीं पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed