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इटावा नहर से नहीं हटाइऱ्ई बाोगी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 31 Jul 2017 01:03 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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रूरा रेलवे स्टेशन के पास पुल पर सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस दुघर्टनाग्रस्त होने के सात माह बाद भी इटावा नहर से उसका मलबा (बोगियां) अब तक नहीं हटाया गया। मलबा न हटाए जाने से नहर की रफ्तार थम गई है। इससे जुड़े कई गांवों के किसानों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा है। 28 दिसंबर को हुए रेल हादसे में उसके दो कोच इटावा शाखा नहर में गिर गए थे।
अब धारा में अवरोध बने
इन बोगियों के कारण सिंचाई विभाग पर्याप्त पानी नहीं छोड़ पा रहा है। यदि पूरी तरह से पानी छोड़ दिया जाए तो नहर से बहाव ठीक ढंग से नहीं होगा और नहर में ओवर फ्लो की समस्या हो जाएगी।
इधर, इस नहर से जुड़े रजबहा व माइनरों में भी पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इससे धान की फसल को पानी नहीं मिल पा रहा है। सिंचाई विभाग के अफसरों के मुताबिक वह रेलवे को लगातार पत्राचार कर क्षतिग्रस्त कोचों को हटवाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन नहर विभाग ध्यान नहीं दे रहा है।
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प्रभावित हो रहे हैं यह गांव
रूरा में नहर में दुघर्टना कोच गिरने के बाद नहर की धारा रुक गई है। गदनपुर, भारत सिंह का पुरवा, अंबरपुर, रूरा, गैजूमऊ, बनवारीपुरवा, भिखनापुर, तिगांई, गेंदामऊ आदि एक दर्जन से अधिक गांवों में धान की फसल के लिए सिंचाई का संकट है। इसके पहले गेहूं की सिंचाई के लिए किसानों को पानी नहीं मिला था। तब शिवकुमार, भोला, किशन, सत्येंद्र आदि किसानों ने तहसील दिवस में जाकर नहर से दुर्घटनाग्रस्त बोगी हटाने की मांग की थी। तब सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने नहर से कोच हटवाने के लिए रेलवे के अफसरों को पत्र लिखने की बात कही थी। लेकिन, कई माह बीतने के बाद भी रेलवे उन कोचों को नहर से नहीं हटवाया।
रेलवे को नहर से क्षतिग्रस्त कोच हटाने के लिए कई बार पत्र लिखा जा चुका है। जिस पर रेलवे ने दो बार बोगियों को हटवाने का प्रयास भी किया गया पर क्रेन के खड़े होने के लिए सही ग्राउंड नहीं मिल पा रहा है। इससे समस्या आ रही है। रेलवे ने जल्द ही आगरा से दो क्रेन मंगवा कर बोगियों को हटवाने की बात कही है।- हरिओम, एसडीओ निचली गंगा नहर प्रखंड कानपुर।
.इस मामले को तत्परता से लेकर दिखवाया जाएगा, जल्द ही नहर में पड़ी क्षतिग्रस्त बोगियों को हटवाया जाएगा। - जीके बंसल, सीपीआरओ (उत्तर मध्य रेलवे)
अब धारा में अवरोध बने
इन बोगियों के कारण सिंचाई विभाग पर्याप्त पानी नहीं छोड़ पा रहा है। यदि पूरी तरह से पानी छोड़ दिया जाए तो नहर से बहाव ठीक ढंग से नहीं होगा और नहर में ओवर फ्लो की समस्या हो जाएगी।
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इधर, इस नहर से जुड़े रजबहा व माइनरों में भी पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इससे धान की फसल को पानी नहीं मिल पा रहा है। सिंचाई विभाग के अफसरों के मुताबिक वह रेलवे को लगातार पत्राचार कर क्षतिग्रस्त कोचों को हटवाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन नहर विभाग ध्यान नहीं दे रहा है।
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प्रभावित हो रहे हैं यह गांव
रूरा में नहर में दुघर्टना कोच गिरने के बाद नहर की धारा रुक गई है। गदनपुर, भारत सिंह का पुरवा, अंबरपुर, रूरा, गैजूमऊ, बनवारीपुरवा, भिखनापुर, तिगांई, गेंदामऊ आदि एक दर्जन से अधिक गांवों में धान की फसल के लिए सिंचाई का संकट है। इसके पहले गेहूं की सिंचाई के लिए किसानों को पानी नहीं मिला था। तब शिवकुमार, भोला, किशन, सत्येंद्र आदि किसानों ने तहसील दिवस में जाकर नहर से दुर्घटनाग्रस्त बोगी हटाने की मांग की थी। तब सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने नहर से कोच हटवाने के लिए रेलवे के अफसरों को पत्र लिखने की बात कही थी। लेकिन, कई माह बीतने के बाद भी रेलवे उन कोचों को नहर से नहीं हटवाया।
रेलवे को नहर से क्षतिग्रस्त कोच हटाने के लिए कई बार पत्र लिखा जा चुका है। जिस पर रेलवे ने दो बार बोगियों को हटवाने का प्रयास भी किया गया पर क्रेन के खड़े होने के लिए सही ग्राउंड नहीं मिल पा रहा है। इससे समस्या आ रही है। रेलवे ने जल्द ही आगरा से दो क्रेन मंगवा कर बोगियों को हटवाने की बात कही है।- हरिओम, एसडीओ निचली गंगा नहर प्रखंड कानपुर।
.इस मामले को तत्परता से लेकर दिखवाया जाएगा, जल्द ही नहर में पड़ी क्षतिग्रस्त बोगियों को हटवाया जाएगा। - जीके बंसल, सीपीआरओ (उत्तर मध्य रेलवे)