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18 लोगों को बचाने में झुलसा युवक पहुंचा सीएचसी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 26 Feb 2017 01:16 AM IST
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घ्ाायल
- फोटो : अमर उजाला
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भोगनीपुर कोतवाली के सुखसौरा में वैवाहिक कार्यक्रम की तैयारी के दौरान आग लगने से जख्मी 18 लोगों को बचाने वाला झुलसा युवक शनिवार को सीएचसी पहुंचा। वह निजी चिकित्सक के यहां अपना इलाज करा रहा था। लेखपाल ने उसे पीड़ित की सूची में शामिल न किए जाने की जानकारी दी थी।
वहीं शनिवार सुबह गांव पहुंचे लेखपाल ने कहा कि उसका नाम जख्मी लोगों में नहीं है। मेडिकल की सूची में नहीं आया है। परिजन उसे इलाज के लिए सीएचसी लेकर पहुंचे, तब उसका इलाज किया गया। डा. गोविंद प्रसाद ने बताया कि इलाज किया जा रहा है। इस बाबत लेखपाल अरविंद कुमार ने बताया कि रिपोर्ट बनाकर तहसील में दी है, जिसमें उसका नाम शामिल है।
बता दें कि सुखसौरा निवासी श्यामबाबू ने बताया कि बीते बुधवार को पड़ोसी शिवकुमार के यहां पुत्र गंभीर सिंह की बारात जाने की तैयारियां चल रही थीं। खाना बनाते समय गैस चूल्हे से पाइप निकल जाने पर आग लग गई थी। अंदर से धुआं निकलने पर चीत्कार की आवाज पर उसका भाई ओमबाबू उर्फ सोनेलाल (22) दरवाजा तोड़कर पहले आग में अंदर घुसा था और आग से झुलसे 18 लोगों को बाहर निकाला। इस वजह से वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया था।
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तकलीफ होने पर वह पुखरायां आकर निजी चिकित्सक के यहां इलाज कराने लगा। देर रात को जब घर ले जाया गया, तब तक सभी झुलसे लोग कानपुर भेजे जा चुके थे।
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वहीं शनिवार सुबह गांव पहुंचे लेखपाल ने कहा कि उसका नाम जख्मी लोगों में नहीं है। मेडिकल की सूची में नहीं आया है। परिजन उसे इलाज के लिए सीएचसी लेकर पहुंचे, तब उसका इलाज किया गया। डा. गोविंद प्रसाद ने बताया कि इलाज किया जा रहा है। इस बाबत लेखपाल अरविंद कुमार ने बताया कि रिपोर्ट बनाकर तहसील में दी है, जिसमें उसका नाम शामिल है।
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बता दें कि सुखसौरा निवासी श्यामबाबू ने बताया कि बीते बुधवार को पड़ोसी शिवकुमार के यहां पुत्र गंभीर सिंह की बारात जाने की तैयारियां चल रही थीं। खाना बनाते समय गैस चूल्हे से पाइप निकल जाने पर आग लग गई थी। अंदर से धुआं निकलने पर चीत्कार की आवाज पर उसका भाई ओमबाबू उर्फ सोनेलाल (22) दरवाजा तोड़कर पहले आग में अंदर घुसा था और आग से झुलसे 18 लोगों को बाहर निकाला। इस वजह से वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया था।
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तकलीफ होने पर वह पुखरायां आकर निजी चिकित्सक के यहां इलाज कराने लगा। देर रात को जब घर ले जाया गया, तब तक सभी झुलसे लोग कानपुर भेजे जा चुके थे।