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बीएसए दफ्तर में टीचरों का प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 29 Sep 2016 02:01 AM IST
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बीएसए दफ्तर में धरना प्रदर्शन करते अंतर जनपदीय तबादले पर आए टीचर।
- फोटो : अमर उजाला
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प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन (उप्र) विशिष्ट बीटीसी के नेतृत्व में गैर जनपदों से स्थानांतरित होकर आए टीचरों ने बुधवार को बीएसए दफ्तर में धरना देकर प्रदर्शन किया। हंगामे को देखते हुए कुछ बाबू अपने कक्षों में ताले डालकर गायब हो गए तो कुछ दफ्तर ही नहीं आए। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष समेत अन्य नेताओं ने भी प्रदर्शनकारियों के आंदोलन को समर्थन दिया है।
जिला संयोजक अमरदीप सिंह यादव, जिला संगठन मंत्री चंद्रभूषण सिंह सेंगर, जिला सह संयोजक मिस्बाहुल हक के नेतृत्व में सैकड़ों महिला व पुरुष टीचर बुधवार सुबह 10 बजे बीएसए दफ्तर में इकट्ठा हुए और मुख्य गेट के बाहर दरी बिछाकर बैठ गए। तत्पश्चात विभागीय अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। पूरे दिन भाषणबाजी का दौर चला।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सूरज सिंह यादव धरनास्थल पहुंचे। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षकों को दूसरे जिलों से कानपुर देहात आने का मौका दिया है ताकि वे अपने घर के निकट के स्कूल में बेहतर ढंग से पढ़ा सकें, लेकिन बीएसए दफ्तर मनमानी कर सरकार के नेक इरादों पर पानी फेर रहा है।
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उन्होंने कहा कि काउंसलिंग के जरिये टीचरों को स्कूलों का आवंटन कराया जाए। कई शिक्षक नेताओं ने धरनास्थल पर जाकर प्रदर्शनकारियों की मांग जायज ठहराते हुए समर्थन किया। हंगामे के चलते दफ्तर के अंदर सन्नाटे का माहौल रहा। बीएसए के बाहर होने के कारण उनका कक्ष भी खाली पड़ा रहा। नियुक्ति पत्र वितरण का कार्य नहीं हुआ। सुरक्षा के मद्देनजर कोतवाली पुलिस डटी रही। खुफिया विभाग अधिकारियों ने शिक्षकों से जानकारी हासिल कीं।
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जिला संयोजक अमरदीप सिंह यादव, जिला संगठन मंत्री चंद्रभूषण सिंह सेंगर, जिला सह संयोजक मिस्बाहुल हक के नेतृत्व में सैकड़ों महिला व पुरुष टीचर बुधवार सुबह 10 बजे बीएसए दफ्तर में इकट्ठा हुए और मुख्य गेट के बाहर दरी बिछाकर बैठ गए। तत्पश्चात विभागीय अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। पूरे दिन भाषणबाजी का दौर चला।
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प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सूरज सिंह यादव धरनास्थल पहुंचे। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षकों को दूसरे जिलों से कानपुर देहात आने का मौका दिया है ताकि वे अपने घर के निकट के स्कूल में बेहतर ढंग से पढ़ा सकें, लेकिन बीएसए दफ्तर मनमानी कर सरकार के नेक इरादों पर पानी फेर रहा है।
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उन्होंने कहा कि काउंसलिंग के जरिये टीचरों को स्कूलों का आवंटन कराया जाए। कई शिक्षक नेताओं ने धरनास्थल पर जाकर प्रदर्शनकारियों की मांग जायज ठहराते हुए समर्थन किया। हंगामे के चलते दफ्तर के अंदर सन्नाटे का माहौल रहा। बीएसए के बाहर होने के कारण उनका कक्ष भी खाली पड़ा रहा। नियुक्ति पत्र वितरण का कार्य नहीं हुआ। सुरक्षा के मद्देनजर कोतवाली पुलिस डटी रही। खुफिया विभाग अधिकारियों ने शिक्षकों से जानकारी हासिल कीं।