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कोल्ड स्टोरेज में रखवाए गए शव
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर देहात
Updated Tue, 22 Nov 2016 02:50 AM IST
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शव रखने के लिए स्ट्रेचर पर बर्फ की सिल्ली उठाकर ले जाते परिजन।
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ट्रेन हादसे के शिकार यात्रियों की संख्या इतनी अधिक थी कि कानपुर देहात के पोस्टमार्टम हाउस और मर्चरी में जगह कम पड़ गई। पुलिस ने रविवार रात से शवों को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज में रखवा दिया। बारा गांव स्थित एक कोल्ड स्टोरेज में 29 रखवाए गए। इनमें से चार शव सुबह शिनाख्त के बाद पोस्टमार्टम हाउस मंगा लिए गए, जबकि 25 शव समाचार लिखे जाने तक वहीं रखे थे।
शवों को सुरक्षित रखने के लिए पोस्टमार्टम हाउस में बर्फ की तीन हजार सिल्लियां मंगाई गईं। एक हजार सिल्लियों का इंतजाम कमिश्नर ने करवाया जबकि दो हजार की व्यवस्था पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने की। सीएमओ देहात डॉ. अनिता सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टरों की छह टीमें लगाई गईं हैं।
एक टीम में दो डॉक्टर, एक फार्मेसिस्ट और एक स्वीपर है। दो टीमें कानपुर नगर से बुलाई गईं पोस्टमार्टम के लिए एक्सपर्ट स्वीपर कम पड़ गए तो चार स्वीपर कानपुर नगर से बुलाए गए। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया रविवार सुबह से प्रारंभ हुई, जो समाचार लिखे जाने तक जारी रही।
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शवों को सुरक्षित रखने के लिए पोस्टमार्टम हाउस में बर्फ की तीन हजार सिल्लियां मंगाई गईं। एक हजार सिल्लियों का इंतजाम कमिश्नर ने करवाया जबकि दो हजार की व्यवस्था पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने की। सीएमओ देहात डॉ. अनिता सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टरों की छह टीमें लगाई गईं हैं।
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एक टीम में दो डॉक्टर, एक फार्मेसिस्ट और एक स्वीपर है। दो टीमें कानपुर नगर से बुलाई गईं पोस्टमार्टम के लिए एक्सपर्ट स्वीपर कम पड़ गए तो चार स्वीपर कानपुर नगर से बुलाए गए। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया रविवार सुबह से प्रारंभ हुई, जो समाचार लिखे जाने तक जारी रही।
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