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कई और गांवों में फैला वायरल फीवर का प्रकोप
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 23 Jul 2016 01:09 AM IST
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जुलाई के दूसरे सप्ताह से शुरू वायरल फीवर का प्रकोप तेजी से बढ़ता ही जा रहा है। बौहार, सतरहुली, बांध, मैधरी, शंकरपुर, कसबा भीतरगांव और टिकवांपुर गांवों के साथ ही कई और गांव रोग की चपेट में हैं।
अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लग रही है। वहीं एक साथ मरीजों की भीड़ बढ़ने से डाक्टर भी परेशान हैं। ओपीडी में पर्चे बनवाने और डाक्टरों को दिखाने के लिए मरीजों के बीच मारामारी जैसी स्थिति दिखाई देती है।
तहसील मुख्यालय से तीन किलोमीटर की दूरी पर बसे राहा गांव में बुखार का प्रकोप फैला है। गांव के अनिरुद्ध विश्वकर्मा, यशपाल सिंह, राजू दिवाकर, देवनरायन यादव और राजासिंह ने बताया कि उनके गांव में बीते तीन-चार दिनों से बुखार का प्रकोप फैला है।
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बताया कि मरीज को पहले जुकाम के लक्षण होते हैं। इसके बाद शरीर में एेंठन और तेज दर्द के साथ हल्का जाड़ा देक बुखार आ जाता है। बताया कि गांव में करीब 80 लोग बीमार हैं। तमाम मरीजों को सीएचसी घाटमपुर के अलावा कसबे के निजी अस्पतालों में इलाज के लिए ले जाया गया है।
वहीं, कोरियां गांव में वायरल फीवर फैलने से करीब 75 लोग बीमार हैं। गांव के नरोत्तम मिश्रा और विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि मरीज गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अपना इलाज करवा रहे हैं। लेकिन, तीन-चार दिन बाद भी उनको कोई आराम नहीं मिल रहा है।
वहीं पीएचसी के डाक्टरों का कहना है कि गांव के बाहर और गलियों में जगह-जगह गंदगी और कूड़े के ढेर जमा होने से वायरल फैला हुआ है। कोरियां के पड़ोसी गांवों चतुरीपुरवा, हरबशपुर और सांखाहारी में भी वायरल बुखार फैला हुआ है। कई मरीजों की हालत बिगड़ने पर इलाज के लिए पड़ोसी कसबों अमौली, जहानाबाद और घाटमपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
चतुरीपुर निवासी रामकुमार सचान, अमर सिंह, डा. दिलीप पटेल और अनूप सचान ने बताया कि गांव में तैनात सफाई कर्मचारी कभी आते ही नहीं हैं, जिससे नालियां बजबजा रही हैं। बताया कि बारिश होने के बाद और भी समस्या पैदा हो गई है।
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अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लग रही है। वहीं एक साथ मरीजों की भीड़ बढ़ने से डाक्टर भी परेशान हैं। ओपीडी में पर्चे बनवाने और डाक्टरों को दिखाने के लिए मरीजों के बीच मारामारी जैसी स्थिति दिखाई देती है।
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तहसील मुख्यालय से तीन किलोमीटर की दूरी पर बसे राहा गांव में बुखार का प्रकोप फैला है। गांव के अनिरुद्ध विश्वकर्मा, यशपाल सिंह, राजू दिवाकर, देवनरायन यादव और राजासिंह ने बताया कि उनके गांव में बीते तीन-चार दिनों से बुखार का प्रकोप फैला है।
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बताया कि मरीज को पहले जुकाम के लक्षण होते हैं। इसके बाद शरीर में एेंठन और तेज दर्द के साथ हल्का जाड़ा देक बुखार आ जाता है। बताया कि गांव में करीब 80 लोग बीमार हैं। तमाम मरीजों को सीएचसी घाटमपुर के अलावा कसबे के निजी अस्पतालों में इलाज के लिए ले जाया गया है।
वहीं, कोरियां गांव में वायरल फीवर फैलने से करीब 75 लोग बीमार हैं। गांव के नरोत्तम मिश्रा और विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि मरीज गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अपना इलाज करवा रहे हैं। लेकिन, तीन-चार दिन बाद भी उनको कोई आराम नहीं मिल रहा है।
वहीं पीएचसी के डाक्टरों का कहना है कि गांव के बाहर और गलियों में जगह-जगह गंदगी और कूड़े के ढेर जमा होने से वायरल फैला हुआ है। कोरियां के पड़ोसी गांवों चतुरीपुरवा, हरबशपुर और सांखाहारी में भी वायरल बुखार फैला हुआ है। कई मरीजों की हालत बिगड़ने पर इलाज के लिए पड़ोसी कसबों अमौली, जहानाबाद और घाटमपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
चतुरीपुर निवासी रामकुमार सचान, अमर सिंह, डा. दिलीप पटेल और अनूप सचान ने बताया कि गांव में तैनात सफाई कर्मचारी कभी आते ही नहीं हैं, जिससे नालियां बजबजा रही हैं। बताया कि बारिश होने के बाद और भी समस्या पैदा हो गई है।