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मजिस्ट्रेटी जांच शुरू, दस्तावेज जब्त
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jun 2016 02:05 AM IST
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रनियां स्थित शांति देवी मेमोरियल बालगृह में बच्चों की मौत के मामले में जिलाधिकारी कुमार रविकांत सिंह के आदेश पर मजिस्ट्रेटी जांच शुरू हो गई है। सोमवार को उप जिलाधिकारी (एसडीएम) सदर अपूर्वा दुबे ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।
एसडीएम ने जिला प्रोबेशन अधिकारी विमल बिहारी पांडेय के साथ बालगृह का निरीक्षण किया। इस दौरान पता चला कि संचालक भर्ती बच्चे के साथ अस्पताल में हैं। करीब आधे घंटे तक एसडीएम ने घूम-घूमकर बालगृह की स्थिति परखी। सूत्रों की मानें तो इस दौरान कई महत्वपूर्ण अभिलेख भी कब्जे में लिए गए हैं।
एसडीएम का कहना है कि वह जल्द से जल्द मजिस्ट्रेटी जांच पूरी कर जिलाधिकारी को रिपोर्ट देंगी। जिला प्रोबेशन अधिकारी विमल बिहारी पांडेय का कहना है कि बालगृह संचालक से संचालन से संबंधित नियमावली, बच्चों की देखरेख के मानक आदि की जानकारी करने के लिए संपूर्ण अभिलेख मांगें गए हैं।
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चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूडी) से भी गाइडलाइन बालगृह संचालन संबंधी अभिलेख मांगें गए हैं। रनियां में ही संचालित पांच वर्ष से अधिक बच्चों वाले बाल गृह की भी विस्तृत छानबीन कराई जाएगी।
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एसडीएम ने जिला प्रोबेशन अधिकारी विमल बिहारी पांडेय के साथ बालगृह का निरीक्षण किया। इस दौरान पता चला कि संचालक भर्ती बच्चे के साथ अस्पताल में हैं। करीब आधे घंटे तक एसडीएम ने घूम-घूमकर बालगृह की स्थिति परखी। सूत्रों की मानें तो इस दौरान कई महत्वपूर्ण अभिलेख भी कब्जे में लिए गए हैं।
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एसडीएम का कहना है कि वह जल्द से जल्द मजिस्ट्रेटी जांच पूरी कर जिलाधिकारी को रिपोर्ट देंगी। जिला प्रोबेशन अधिकारी विमल बिहारी पांडेय का कहना है कि बालगृह संचालक से संचालन से संबंधित नियमावली, बच्चों की देखरेख के मानक आदि की जानकारी करने के लिए संपूर्ण अभिलेख मांगें गए हैं।
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चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूडी) से भी गाइडलाइन बालगृह संचालन संबंधी अभिलेख मांगें गए हैं। रनियां में ही संचालित पांच वर्ष से अधिक बच्चों वाले बाल गृह की भी विस्तृत छानबीन कराई जाएगी।