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बासी पंचामृत पीने से 17 श्रमिक बीमार
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर देहात
Updated Thu, 06 Apr 2017 01:16 AM IST
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जिला अस्पताल में उपचार करते चिकित्सक।
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अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के गौरियापुर गांव स्थित ईंट भट्ठे में बुधवार को बासी पंचामृत पीने श्रमिकों व उनके बच्चे बीमार पड़ गए। उल्टी-दस्त होने पर 17 लोगों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया है, सभी की हालत में सुधार है।
अकबरपुर के गौरियापुर गांव के पास ईंट भट्ठे पर विलासपुर के श्रमिक ईंट पथाई का काम करते हैं और यहीं पर अस्थाई आवास बनाकर रहते हैं। मंगलवार को हाईवे पर स्थित एक पेट्रोल पंप पर धार्मिक कार्यक्रम में प्रसाद के रूप में पंचामृत का वितरण किया गया था। पंप कर्मियों ने बचे हुए पंचामृत को दूसरे दिन भट्ठा श्रमिकों को दे दिया। बताया जाता है कि पंचामृत पीने के कुछ ही देर बाद श्रमिकों और उनके बच्चों को पेट दर्द और उल्टियां होने लगीं। इससे हड़कंप मच गया।
भट्ठा मालिक पवन अग्निहोत्री ने उनसे जानकारी ली। बीमार विलासपुर की पूर्णिमा (4), सानिया(2), अरूण(19), अमित(18) राजन (28), कोसा विलासपुर के बलराम (4), शिवानी (2), लोकेश्वर (4), शबनम (3), शुभम (4), संजू (19), सरिता (24), अन्नो (2), टुटई चांद के महेश (22) और असन (8), कोसा की रामवती (18), फूल कुअर (35) व भट्टे के मुनीम शैलेंद्र कुमार (38) आदि को जिला अस्पताल लाया गया। मरीजों के अचानक एक साथ इमरजेंसी पहुंचने पर अफरातफरी मच गई। जिला अस्पताल के सीएमएस डा. पंकज श्रीवास्तव ने भी बताया कि सभी हालात ठीक है। बासी प्रसाद के चलते संक्रमण फैल गया था। इलाज किया जा रहा है।
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अकबरपुर के गौरियापुर गांव के पास ईंट भट्ठे पर विलासपुर के श्रमिक ईंट पथाई का काम करते हैं और यहीं पर अस्थाई आवास बनाकर रहते हैं। मंगलवार को हाईवे पर स्थित एक पेट्रोल पंप पर धार्मिक कार्यक्रम में प्रसाद के रूप में पंचामृत का वितरण किया गया था। पंप कर्मियों ने बचे हुए पंचामृत को दूसरे दिन भट्ठा श्रमिकों को दे दिया। बताया जाता है कि पंचामृत पीने के कुछ ही देर बाद श्रमिकों और उनके बच्चों को पेट दर्द और उल्टियां होने लगीं। इससे हड़कंप मच गया।
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भट्ठा मालिक पवन अग्निहोत्री ने उनसे जानकारी ली। बीमार विलासपुर की पूर्णिमा (4), सानिया(2), अरूण(19), अमित(18) राजन (28), कोसा विलासपुर के बलराम (4), शिवानी (2), लोकेश्वर (4), शबनम (3), शुभम (4), संजू (19), सरिता (24), अन्नो (2), टुटई चांद के महेश (22) और असन (8), कोसा की रामवती (18), फूल कुअर (35) व भट्टे के मुनीम शैलेंद्र कुमार (38) आदि को जिला अस्पताल लाया गया। मरीजों के अचानक एक साथ इमरजेंसी पहुंचने पर अफरातफरी मच गई। जिला अस्पताल के सीएमएस डा. पंकज श्रीवास्तव ने भी बताया कि सभी हालात ठीक है। बासी प्रसाद के चलते संक्रमण फैल गया था। इलाज किया जा रहा है।
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