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जिले की प्यास बुझाने को 16 करोड़ की दरकार
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर देहात
Updated Tue, 02 May 2017 01:15 AM IST
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रसूलाबाद के देवचकर निभू गांव में खराब पड़ा हैंडपंप।
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गर्मियों के तेवर के साथ पानी की डिमांड बढ़ती जा रही है। जिले में खराब पडे़ तीन हजार से अधिक हैंडपंप रिबोरिंग की राह ताक रहे हैं। जल निगम के अधिकारी बजट नहंी होने की बात कहकर अपना बचाव करते दिख रहे हैं। वहीं, डीएम ने 3110 हैंडपंपों के रिबोरिंग के लिए अनुमोदन जारी किया है। अफसर कह रहे हैं कि बजट मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा।
जिले के 3110 हैंडपंपों की रिबोरिंग के लिए तैयार किए गए इस्टीमेट के मुताबिक 16 करोड़ रुपये चाहिए। पिछली अखिलेश सरकार में हैंडपंपों की रिबोरिंग नहीं हो सकी। चूंकि, सारा बजट संबंधित उस समय के विधायकों को दे दिया गया। इसके चलते विधायकों ने सिर्फ अपने चहेतों के हैंडपंप रिबोर करवाए।
जिले में मलासा, अमरौधा, राजपुर व संदलपुर में पेयजल संकट अधिक है। यह इलाके बीहड़ पट्टी से जुड़े होने के साथ जमीन भी ऊपर नीचे हैं। यहां के कई गांवों के लोग यमुना नदी से पानी भरकर अपनी प्यास बुझाते हैं। रिबोर हैंडपंपों ने पेयजल संकट को और बढ़ा दिया है। जल निगम के पास हैंडपंपों को ठीक कराने के लिए बजट नहीं है। ऐसे में यह हैंडपंप कब तक ठीक हो सकेंगे। इसका जवाब अधिकारी नहीं दे पा रहे हैं।
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जल निगम के अधिशाषी अभियंता एके श्रीवास्तव ने बताया कि हैंडपंपों की रीबोरिंग के लिए बजट बनाकर शासन को भेज दिया गया है। बजट जारी होते ही रिबोरिंग शुरू करवाई जाएगी। ग्राम पंचायत एवं नगर पंचायतों में कुछ ऐसे हैंडपंप है जो कि मामूली रूप से खराब हैं। ऐसे हैंडपंप वहां की लोकल बॉडी ठीक करवाएगी।
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जिले के 3110 हैंडपंपों की रिबोरिंग के लिए तैयार किए गए इस्टीमेट के मुताबिक 16 करोड़ रुपये चाहिए। पिछली अखिलेश सरकार में हैंडपंपों की रिबोरिंग नहीं हो सकी। चूंकि, सारा बजट संबंधित उस समय के विधायकों को दे दिया गया। इसके चलते विधायकों ने सिर्फ अपने चहेतों के हैंडपंप रिबोर करवाए।
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जिले में मलासा, अमरौधा, राजपुर व संदलपुर में पेयजल संकट अधिक है। यह इलाके बीहड़ पट्टी से जुड़े होने के साथ जमीन भी ऊपर नीचे हैं। यहां के कई गांवों के लोग यमुना नदी से पानी भरकर अपनी प्यास बुझाते हैं। रिबोर हैंडपंपों ने पेयजल संकट को और बढ़ा दिया है। जल निगम के पास हैंडपंपों को ठीक कराने के लिए बजट नहीं है। ऐसे में यह हैंडपंप कब तक ठीक हो सकेंगे। इसका जवाब अधिकारी नहीं दे पा रहे हैं।
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जल निगम के अधिशाषी अभियंता एके श्रीवास्तव ने बताया कि हैंडपंपों की रीबोरिंग के लिए बजट बनाकर शासन को भेज दिया गया है। बजट जारी होते ही रिबोरिंग शुरू करवाई जाएगी। ग्राम पंचायत एवं नगर पंचायतों में कुछ ऐसे हैंडपंप है जो कि मामूली रूप से खराब हैं। ऐसे हैंडपंप वहां की लोकल बॉडी ठीक करवाएगी।