UP: किसान की खुदकुशी पर बवाल, तोड़फोड़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गन्ना सीजन में चीनी मिलें न चलने से किसानों का धैर्य जवाब दे गया है। खुदकुशी कर चुके गन्ना किसान सत्यपाल का शव लेकर यूपी के लखीमपुर-खीरी के भड़के किसानों ने शुक्रवार को गुलरिया चीनी मिल पर धावा बोल दिया।
शव गेट पर ही रखकर उसकी चिता लगानी शुरू कर दी। इसी बीच पथराव के साथ तोड़फोड़ और कर्मचारियों की पिटाई शुरू हो गई।
घबराए मिल के सुरक्षाकर्मियों ने कई राउंड हवाई फायरिंग की, पानी की बौछारें छोड़ीं। करीब तीन घंटे तक चले संघर्ष में छह से अधिक लोग घायल हुए। हंगामे के बाद प्रशासन की ओर से सत्यपाल के परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख रुपये देने का आश्वासन दिया गया।
इसके बाद लोग शव का अंतिम संस्कार करने को राजी हुए। सरकारी कर्ज व बीमारी से तंग आकर बस्तौली गांव के 45 वर्षीय गन्ना किसान सत्यपाल ने बृहस्पतिवार को आत्महत्या कर ली थी। शुक्रवार को गांव के तमाम किसानों ने परिवार वालों के साथ मिल पर पहुंचकर उचित मुआवजे के साथ ही जल्द चीनी मिल शुरू करने की मांग रखी। कोई सुनवाई नहीं हुई तो किसान गुस्से में आ गए।
उन्होंने मिल के अंदर घुसकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। मौके पर मौजूद कांग्रेस नेता वैशाली अली और भाजपा जिलाध्यक्ष शरद बाजपेयी के समझाने पर किसान गेट बंद कर वहीं बनाई गई चिता के पास शव रखकर धरने पर बैठ गए।
किसानों व मिल प्रशासन में तीखी नोकझोंक के बीच भीड़ को तितर-बितर करने के लिए मिल प्रशासन ने पानी की बौछार शुरू कर दी। दोनों ओर से पथराव हुआ। सूचना पर चौकी इंचार्ज बिजुआ भी पहुंचे, पर संघर्ष चलता रहा।
सीओ गोला रामआसरे के आने के बाद मिल प्रशासन ने पानी की बौछार करना बंद किया। एसडीएम गोला शंभू कुमार ने मौके पर पहुंचकर सत्यपाल के परिवार को उचित मुआवजा दिलाने, मिल पर बकाया गन्ना मूल्य भुगतान और चीनी मिल शीघ्र चलवाने का प्रयास करने का आश्वासन दिया, तब जाकर किसान शांत हुए।
अब संसद घेरेंगे किसान : टिकैत
बिजनौर। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा है कि प्रदेश सरकार शुगर मिल मालिकों से मिल बैठी है। केवल वार्ता ही कर रही है, कार्रवाई कुछ भी नहीं की गई। प्रदेश सरकार अगर मांगें पूरी नहीं करती है तो किसान संसद का घेराव करेंगे।
एक दर्जन किसानों ने मांगी इच्छा मृत्यु
बांकेगंज। चीनी मिल न चलने और बकाया गन्ना भुगतान न मिलने से आर्थिक तंगी झेल रहे क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक किसानों ने राष्ट्रपति को शपथपत्र भेजकर उनसे इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है। इसमें उन्होंने आर्थिक तंगी में घुट-घुट कर जीने से मौत को गले लगाने को बेहतर बताया है।