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यूपी: बाढ़ में लाखों लोग घिरे, चार की मौत
वाराणसी/ब्यूरो
Updated Tue, 27 Aug 2013 11:26 AM IST
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पूर्वांचल के कई जिलों में गंगा की बाढ़ का कहर जारी है। वाराणसी शहर में 10 लाख से अधिक आबादी बाढ़ से घिर गई है।
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बलिया में दुबे छपरा रिंग बांध टूटने से चार गांवों के दो सौ घरों में पानी घुस गया। गाजीपुर में मुहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के शहनिंदा शिवमंदिर के पास गंगा में नहाते समय दो युवक डूब गए।
वाराणसी में भी दो लोग गंगा में बह गए। मिर्जापुर में सड़क पर पानी आ जाने से मिर्जापुर-औराई और मिर्जापुर-इलाहाबाद मार्ग बंद कर दिया गया है।
चंदौली के पड़ाव क्षेत्र में बाढ़ का पानी सड़क पर बह रहा है। भदोही के डेरवां बांध के टूटने की आशंका बढ़ गई है। पीएसी को मौके पर बुला लिया गया है।
वाराणसी शहर में गंगा की बाढ़ से सोमवार की शाम तक हजारों लोग बेघर हो गए। सिर्फ गंगा किनारे राजघाट से सामने घाट-रमना के बीच 10 लाख की आबादी बाढ़ से घिर गई है। दर्जन भर मोहल्ले पानी में डूब गए।
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लोग भवनों में ताला लगाकर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। गांधीनगर, साकेतनगर समेत कई कालोनियों का संपर्क टूट गया। बीएचयू के ट्रामा सेंटर और भगवानपुर स्थित एटीपी में भी बाढ़ का पानी आ गया है।
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गंगा, जमुना और अन्य नदियों में बाढ़ खतरे के निशान से ऊपर होने की वजह से इन पर बने पुलों पर ट्रेनों की गति कम कर दी गई।
25,000 लोग भूखे रहे
उधर, बलिया में दुबेछपरा-गोपालपुर रिंग बंधा रविवार की शाम गंगा की तेज धारा का शिकार बन गया। इस कारण चार गांवों में चूल्हे नहीं जले और 25 हजार लोग बिना भोजन किए ही रह गए। पीड़ितों ने छत, टीले, बंधे एवं हाईवे पर शरण ली है। मिर्जापुर के 350 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
कहर बरपाने को आतुर गंगा-यमुना
एक महीने से अधिक समय से हजारों मकानों को चपेट में लेने वाली गंगा-यमुना और कहर बरपाने को आतुर है। हालांकि सोमवार को सुबह गंगा-यमुना का जलस्तर स्थिर हो गया लेकिन खतरा बरकरार है।
हमीरपुर में यमुना खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बह रही हैं और पानी दो दिन में यहां आने की संभावना है। उधर, कछारी इलाकों में ज्यादातर मकान पानी में डूबे हुए हैं। 93 गांव और शहर में 16 से ज्यादा मोहल्ले बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। वहीं राहत शिविरों में शरणार्थियों की संख्या चार हजार के पार पहुंच गई है।
बक्शी बांध से सटे एसटीपी के तटबंध कटने के बाद लोगों में और अधिक दहशत है। बाढ़ प्रभावित सभी इलाकों में एहतियातन बिजली काट दिए जाने से स्थिति और गंभीर हो गई है।
कीडगंज में शंकरलाल भार्गव रोड और उससे लगी सड़क, गलियों में सीवर का पानी भरने से दिक्कत खड़ी हो गई है।