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आसाराम से लड़ाई जारी रखेगी बिटिया

Tue, 31 Dec 2013 08:23 AM IST
मोहम्मद सिद्दीक, अमर उजाला/ बरेली
मोहम्मद सिद्दीक, अमर उजाला/ बरेली Updated Tue, 31 Dec 2013 08:23 AM IST
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fight againest asharam

आसाराम के छिंदवाड़ा स्थित गुरुकुल आश्रम में दुष्कर्म का शिकार हुई शाहजहांपुर की बिटिया और उसका परिवार सदमे से उबरने लगा है।

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बिटिया और उसका परिवार हिम्मत जुटा रहा है। बिटिया ने आरोपी आसाराम के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने के साथ पढ़ाई भी जारी रखने का फैसला लिया है। उसके पिता ने एक कॉलेज में 12वीं में उसका दाखिला करा दिया है।

अभी वह घर में ही पढ़ाई कर रही है। कॉलेज भी उसे सहयोग कर रहा है।  बिटिया के छोटे भाई का भी  एक स्कूल में आठवीं कक्षा में दाखिला कराया गया है।
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बिटिया ने बताया कि उसे पूरा यकीन है कि आसाराम अपने किए की सजा पाएंगे। वह अब अपनी पढ़ाई पर ध्यान लगा रही है और उसका इरादा सिविल सर्विसेज के लिए तैयारी करने का है ताकि वह भविष्य में लोगों को न्याय दिलाने के काबिल बन सके।
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पहले से काफी सहज लग रही बिटिया ने बताया कि अब उसने लोगों से मिलना जुलना भी शुरू कर दिया है और बहुत जल्द वह सामान्य जीवन में वापस आ जाएगी। सुरक्षा कारणों से भी वह अभी कालेज न जाकर घर में ही पढ़ाई कर रही है।

शाहजहांपुर निवासी बिटिया छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) स्थित आसाराम के गुरुकुल आश्रम में रहकर पढ़ती थी।  इस साल 15 अगस्त को जोधपुर (राजस्थान) स्थित आश्रम में झाड़-फूंक करने के बहाने आसाराम ने उसके साथ दुष्कर्म किया।

मामले में 21 अगस्त को पिता की ओर से दिल्ली के एक थाने में आसाराम के खिलाफ पाक्सो के अलावा आईपीसी की कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

बाद में पिता बिटिया और छिंदवाड़ा के गुरुकुल आश्रम में पढ़ने वाले अपने बेटे की टीसी कटवाकर दोनों को शाहजहांपुर ले आए थे। तब से दोनों का घर से बाहर निकलना भी बंद सा हो गया था।

इस बीच मामले में कार्रवाई हुई और आसाराम के जेल जाने से बिटिया और उसके परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। अदालत के अब तक के रुख से परिवारवालों का साहस भी बढ़ा है।


इस दौरान चार महीने में बिटिया ने परिवारवालों की मदद से घटना को भूलने की कोशिश की। हाल ही में उसने अपने पिता से पढ़ाई जारी रखने की जिद की, ताकि वह आगे अपनी लड़ाई खुद भी लड़ सके।

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