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खराब हैंडपंपों में बांधे जा रहे मवेशी
अमर उजाला ब्यूरो /फतेहपुर
Updated Thu, 10 Mar 2016 01:15 AM IST
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अमौली ब्लाक के दरियापुर छेदिया गांव में खराब हैंडपंप से बंधा मवेशी।
- फोटो : अमर उजाला
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जाफरगंज/ बिंदकी। अमौली ब्लाक की बड़ी आबादी वाले गांव दरियापुर छेदिया में आधे से अधिक खराब हैंडपंप खराब हैं । समस्या उठाने के बाद भी सुनवाई न होने से किसानों में नाराजगी है। ठूंठ बने हैंडपंपाें को ठीक न कराए जाने से निराश ग्रामीणों ने उनमें मवेशी बांधकर प्लेटफार्म पर चारा खिलाना शुरू कर दिया है।
गांव दरियापुर छेदिया की आबादी दो हजार पांच सौ से अधिक है। गांव में 54 हैंडपंप लगे हैं। इनमें 30 हैंडपंप एक वर्ष से खराब हैं। प्रधानपति अवतार दिवाकर, मइयादीन, छोटू पांडेय, राजमोहन, राजकुमार, विजयपाल, राधेलाल, गोरे वर्मा, रामकुमार वर्मा ने बताया दर्जनों बार तहसील दिवस से लेकर अधिकारियों को शिकायतीपत्र देकर खराब हैंडपंप बनवाने की मांग की गई।
इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। परिणाम स्वरूप पेयजल संकट की विकराल समस्या से ग्रामीण इन दिनों जूझ रहे हैं। ग्रामीणों को नलकूपों से पीने का पानी लाना पड़ता है। गांव के तालाब सूखे होने के कारण मवेशियों को पानी पिलाने की भी समस्या है। ग्रामीणों को दूसरे गांव ले जाकर मवेशियों को पानी पिलाना पड़ता है।
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गांव दरियापुर छेदिया की आबादी दो हजार पांच सौ से अधिक है। गांव में 54 हैंडपंप लगे हैं। इनमें 30 हैंडपंप एक वर्ष से खराब हैं। प्रधानपति अवतार दिवाकर, मइयादीन, छोटू पांडेय, राजमोहन, राजकुमार, विजयपाल, राधेलाल, गोरे वर्मा, रामकुमार वर्मा ने बताया दर्जनों बार तहसील दिवस से लेकर अधिकारियों को शिकायतीपत्र देकर खराब हैंडपंप बनवाने की मांग की गई।
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इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। परिणाम स्वरूप पेयजल संकट की विकराल समस्या से ग्रामीण इन दिनों जूझ रहे हैं। ग्रामीणों को नलकूपों से पीने का पानी लाना पड़ता है। गांव के तालाब सूखे होने के कारण मवेशियों को पानी पिलाने की भी समस्या है। ग्रामीणों को दूसरे गांव ले जाकर मवेशियों को पानी पिलाना पड़ता है।
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