फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   youth makes durga pooja idol, earn lakh gave employment to many more

पढ़ाई के बाद सीखा मूर्ति बनाने का हुनर, अब लाखों में कमाई

Sun, 18 Sep 2022 12:36 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 18 Sep 2022 12:36 AM IST
विज्ञापन
youth makes durga pooja idol, earn lakh gave employment to many more
पटरंगा। ग्रामीण क्षेत्र में भी अब हुनर की कमी नहीं है। विकासखंड मवई के एक नवयुवक जगराम यादव ने अपनी पढ़ाई छोड़ने के बाद अपनी कलाकारी को दिखाने के लिए मूर्ति बनाने का संकल्प लिया और अपने इस हुनर को सीखा। अब वह प्रतिवर्ष लाखों रुपए कमाने के साथ ही लगभग दर्जन भी बेरोजगारों को भी रोजगार मुहैया करा रहा है। वर्तमान में वह नवरात्र के लिए मां दुर्गा की मूर्तियों को बना रहा है। जगराम ने अब तक 24 से ज्यादा बड़ी व 50 के करीब छोटी मूर्तियों का ऑर्डर बुक किया है।
विज्ञापन

मवई के महराज ताल मजरे दुल्लापुर गांव निवासी मूर्ति कलाकार जगराम यादव ने बताया कि मूर्ति बनाने में बहुत सामग्री लगती है। जैसे चारा, मिट्टी, पटिया, बांस आदि, इन सभी चीजों को इकट्ठा करना पड़ता है। पहले लगभग दो से ढाई फीट की ऊंचाई की मूर्ति बनाई जाती थी और एक मूर्ति को बनाने में लगभग 15 से 20 दिन लग जाता है। इस बार 25 मूर्ति बड़ी मूर्ति बनाई हुई है और 50 मूर्ति छोटी बनाई गई है।
विज्ञापन

एक मूर्ति में लगभग 2000 से लेकर 3000 तक की लागत आती है। इसके अलावा मूर्ति की रंगाई व साज सजावट का खर्च अलग से होता है। हमारे पास तीन हजार रुपए से लेकर पंद्रह हजार रुपए तक की मां की प्रतिमा उपलब्ध हैं, बाकी जो ग्राहक जैसी मूर्ति के लिए आर्डर देते उस प्रकार बना कर देते हैं। जगराम ने बताया कि इस कार्य में उनके साथ करीब दर्जन भर लोगों को भी रोजगार मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जगराम यादव का कहना है कि वह कई सालों से मूर्ति बनाते हैं। नवरात्रों से तीन माह पहले से इनकी तैयारियां शुरू हो जाती हैं। पहले आसपास गांव के लोग ही मूर्ति लेने आते थे, अब बाहर से भी लोग आ रहे हैं। बताया कि बीते दो साल में कोरोना के चलते उनका व्यापार एकदम बंद हो गया था, इस वर्ष इसमें तेजी आई है।

जगराम बताते हैं कि घास, बांस, मिट्टी तो उन्हें गांव में ही मिल जाता है लेकिन मूर्तियों को बेहतरीन रंग देने के लिए उन्हें रंग दुकान से खरीदना पड़ता है। बताया कि हमारे साथ में लगभग आधा दर्जन युवा हाथ बंटा रहे हैं, उन्हें प्रतिमाह आठ से दस हजार रुपए सेलरी भी दे रहे हैं। बताया कि शुरूआत में कुछ कठिनाई हुई थी लेकिन अब ग्राहक आने लगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed