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इबादत स्थल के टूटे शीशे बम फेंकने का आरोप
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2015 10:28 PM IST
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रकाबगंज मोहल्ले के मुकेरीटोला स्थित एक इबादत स्थल में सोमवार को देर रात अचानक खिड़कियों के शीशे टूट गए। सूचना पर डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंचे और रात में ही टूटे शीशे बदलवा दिए।
मामले में बम फेंकने का आरोप लगाया जा रहा है जबकि पुलिस जांच में बम धमाके के कोई साक्ष्य व अवशेष नहीं मिले हैं। खिड़कियों के शीशे कैसे टूटे, इसकी जांच की जा रही है। मामले में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मुकेरीटोला स्थित इबादत स्थल में सोमवार देर रात करीब 12:20 बजे खिड़कियों के शीशे टूटने पर अफरातफरी मच गई। लोगों का आरोप था कि किसी ने खिड़की पर बम फेंका है, जिससे शीशे टूट गए।
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सूचना मिलते ही कोतवाल दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। थोड़ी देर में डीएम अनिल ढींगरा और एसएसपी मोहित गुप्ता समेत अन्य अधिकारी आ गए। शहर के कई थानों की फोर्स बुला ली गई।
घटना के बाद एक वर्ग विशेष के लोगों का आक्रोश बढ़ गया। इस बीच डीएम-एसपी ने मामले को लेकर कोतवाली में बैठक की।
इसके बाद इबादत स्थल के सचिव डॉ. सुएब ने अज्ञात लोगों के खिलाफ धार्मिक उन्माद भड़काने के लिए खिड़की पर बम फेंककर शीशे तोड़ दहशत फैलाने की रिपोर्ट दर्ज कराई।
प्रशासन ने लोगों को समझाकर घरों में भेजा। रात में ही एक दुकान खुलवाकर टूटे शीशे बदल दिए गए।
कोतवाल हरिनारायण मिश्र का कहना है कि बम निरोधक दस्ता, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड टीम ने मौके की जांच की है, लेकिन बम फटने के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं।
शरारती तत्वों की पहचान व तलाश के लिए अभियान चलाया गया है। उधर, डीएम अनिल ढींगरा का कहना है कि मामले में किसी की शरारत हो सकती है। घटना की जांच की जा रही है।
किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है, टूटे शीशे बदल दिए गए हैं। उन्होंने लोगों से अमन-चैन बनाए रखने और शरारती तत्वों से सावधान रहने की अपील की है।
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मामले में बम फेंकने का आरोप लगाया जा रहा है जबकि पुलिस जांच में बम धमाके के कोई साक्ष्य व अवशेष नहीं मिले हैं। खिड़कियों के शीशे कैसे टूटे, इसकी जांच की जा रही है। मामले में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के मुकेरीटोला स्थित इबादत स्थल में सोमवार देर रात करीब 12:20 बजे खिड़कियों के शीशे टूटने पर अफरातफरी मच गई। लोगों का आरोप था कि किसी ने खिड़की पर बम फेंका है, जिससे शीशे टूट गए।
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सूचना मिलते ही कोतवाल दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। थोड़ी देर में डीएम अनिल ढींगरा और एसएसपी मोहित गुप्ता समेत अन्य अधिकारी आ गए। शहर के कई थानों की फोर्स बुला ली गई।
घटना के बाद एक वर्ग विशेष के लोगों का आक्रोश बढ़ गया। इस बीच डीएम-एसपी ने मामले को लेकर कोतवाली में बैठक की।
इसके बाद इबादत स्थल के सचिव डॉ. सुएब ने अज्ञात लोगों के खिलाफ धार्मिक उन्माद भड़काने के लिए खिड़की पर बम फेंककर शीशे तोड़ दहशत फैलाने की रिपोर्ट दर्ज कराई।
प्रशासन ने लोगों को समझाकर घरों में भेजा। रात में ही एक दुकान खुलवाकर टूटे शीशे बदल दिए गए।
कोतवाल हरिनारायण मिश्र का कहना है कि बम निरोधक दस्ता, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड टीम ने मौके की जांच की है, लेकिन बम फटने के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं।
शरारती तत्वों की पहचान व तलाश के लिए अभियान चलाया गया है। उधर, डीएम अनिल ढींगरा का कहना है कि मामले में किसी की शरारत हो सकती है। घटना की जांच की जा रही है।
किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है, टूटे शीशे बदल दिए गए हैं। उन्होंने लोगों से अमन-चैन बनाए रखने और शरारती तत्वों से सावधान रहने की अपील की है।