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रामनगरी में सावन शिवरात्रि पर उमड़ा कांवडिय़ों का सैलाब
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अयोध्या में हनुमानगढ़ी में दर्शन को जाते कांवड़िये।
- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। सावन की शिवरात्रि पर मंगलवार को रामनगरी में चहुंओर बम भोले की गूंज रही। सावन कृष्ण त्रयोदशी पर पड़ने वाली शिवरात्रि पर बस्ती के भरेश्वरनाथ में जलाभिषेक को सरयू का जल लाने को कांवड़ियों का सैलाब हाईवे से लेकर सरयू घाटों और मठ-मंदिरों में उमड़ा।
हर-हर महादेव, हर-हर बम-बम के जयकारे गूंजते रहे। सरयू घाट का सौंदर्य भी निखर उठा था, संत तुलसीदास घाट से लेकर लक्ष्मणघाट तक पूरा सरयू तट केसरिया रंग में दमक रहा था। जिधर देखो उधर भगवा लिबास में कांवड़िये ही नाचते-गाते लीननजर आए।
सीताराम की भक्ति में डूबने वाली अयोध्या कुछ बदली सी नजर आई और राम नाम के साथ-साथ ऊं नम: शिवाय का मंत्र भी गुंजायमान होता रहा।
आसपास के जिलों से आए लाखों कांवड़ियों ने सरयू में डुबकी लगाई। मंदिरों में दर्शन-पूजन के बाद सरयू जल लेकर कांवड़िये अपने-अपने गंतव्य को रवाना हुए।
दोपहर बाद से कांवड़ियों की भीड़ छंटनी शुरू हुई तो प्रशासन ने भी राहत की सांस ली। सुरक्षा को लेकर हाईवे बंद रहा। इस दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। डीएम अनुज झा, एसएसपी आशीष तिवारी मेला क्षेत्र की मॉनिटरिंग करते रहे।
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हनुमानगढ़ी व नागेश्वरनाथ में आस्था का संगम
कांवड़ियों की भीड़ से रामनगरी की व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह डायवर्जन किया गया था। सरयू स्नान के बाद भक्तों का रेला सीधे नागेश्वरनाथ मंदिर पहुंचा।
यहां सुबह 3 बजे से ही दर्शन-पूजन अभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया जो देर रात शयन आरती तक जारी रहा। वहीं मंगलवार होने के नाते हनुमानजी महाराज के दरबार में भी शिवभक्तों का रेला उमड़ पड़ा।
हनुमानगढ़ी परिसर हर-हर महादेव, जय बजरंग बली, जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान होता रहा। वहीं मंदिर की सीढ़ियों पर फिसलन के चलते भी कई श्रद्धालु गिरते-गिरते बचे। इसी तरह क्षीरेश्वरनाथ, कनकभवन व रामलला के दरबार में भी भक्तों की कतार लगी रही।
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हर-हर महादेव, हर-हर बम-बम के जयकारे गूंजते रहे। सरयू घाट का सौंदर्य भी निखर उठा था, संत तुलसीदास घाट से लेकर लक्ष्मणघाट तक पूरा सरयू तट केसरिया रंग में दमक रहा था। जिधर देखो उधर भगवा लिबास में कांवड़िये ही नाचते-गाते लीननजर आए।
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सीताराम की भक्ति में डूबने वाली अयोध्या कुछ बदली सी नजर आई और राम नाम के साथ-साथ ऊं नम: शिवाय का मंत्र भी गुंजायमान होता रहा।
आसपास के जिलों से आए लाखों कांवड़ियों ने सरयू में डुबकी लगाई। मंदिरों में दर्शन-पूजन के बाद सरयू जल लेकर कांवड़िये अपने-अपने गंतव्य को रवाना हुए।
दोपहर बाद से कांवड़ियों की भीड़ छंटनी शुरू हुई तो प्रशासन ने भी राहत की सांस ली। सुरक्षा को लेकर हाईवे बंद रहा। इस दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। डीएम अनुज झा, एसएसपी आशीष तिवारी मेला क्षेत्र की मॉनिटरिंग करते रहे।
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हनुमानगढ़ी व नागेश्वरनाथ में आस्था का संगम
कांवड़ियों की भीड़ से रामनगरी की व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह डायवर्जन किया गया था। सरयू स्नान के बाद भक्तों का रेला सीधे नागेश्वरनाथ मंदिर पहुंचा।
यहां सुबह 3 बजे से ही दर्शन-पूजन अभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया जो देर रात शयन आरती तक जारी रहा। वहीं मंगलवार होने के नाते हनुमानजी महाराज के दरबार में भी शिवभक्तों का रेला उमड़ पड़ा।
हनुमानगढ़ी परिसर हर-हर महादेव, जय बजरंग बली, जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान होता रहा। वहीं मंदिर की सीढ़ियों पर फिसलन के चलते भी कई श्रद्धालु गिरते-गिरते बचे। इसी तरह क्षीरेश्वरनाथ, कनकभवन व रामलला के दरबार में भी भक्तों की कतार लगी रही।