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पछुआ से बढ़ी गलन, किसान गदगद

Sat, 16 Jan 2016 10:26 PM IST
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 16 Jan 2016 10:26 PM IST
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Westerly wind grew cold, farmer cheers
शुक्रवार शाम से शनिवार सुबह तक तेज पछुआ हवा चली। लगातार बढ़ रहा तापमान गिर गया। ठंड बढ़ी तो चिंतित किसानों का मन मयूर नाच उठा। इंद्रदेव से प्रार्थना हुई कि कुछ बूंदाबांदी भी हो जाए। ऐसे ही ठंड कायम रही तो गेहूं और सरसों की उपज बढ़ जाएगी। जबकि ठंड कम होने से उपज घटकर आधी हो जाएगी।
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दिसंबर से फरवरी में वसंतपंचमी तक का समय कड़ाके की ठंड के लिए जाना जाता है। बरसात कम होने पर किसानों को भी ठंड अधिक होने का अनुमान था। मगर अब तक मौसम बिलकुल उल्टा रहा है।
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जनवरी के पहले पखवारे में गुलाबी ठंड पड़ी और अधिकतम व न्यूनतम तापमान सामान्य से दो से चार डिग्री तक अधिक रहा। खेतों में गेहूं की बुआई जनवरी के पहले सप्ताह तक चली है।
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फसल अभी बमुश्किल 15 दिन से लेकर डेढ़ माह की हुई है। मौसम का मिजाज ऐसा ही रहा तो गेहूं की फसल में तीन से चार बार पानी लगाना होगा। ऐसे में गेहूं, मटर, चना की उपज घटेगी।


हां ऐसे मौसम से कुछ अच्छा होगा तो आलू और सरसों की फसल के लिए। कृषि उप निदेशक टीपी चौधरी का कहना है कि, गेहूं, चना, मटर की फसलों के लिए मौसम अनुकूल नहीं है।

उम्मीद है कि अगले कुछ दिन तक मौसम करवट लेगा और ठंड बढ़ेगी। यदि ठंड नहीं बढ़ी तो पैदावार घट जाएगी। कम से कम मध्य फरवरी तक कड़क ठंड रहनी चाहिए।

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