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फैजाबाद रेलवे स्टेशन पर जलापूर्ति ठप, मुसाफिर हुए परेशान
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Tue, 26 Apr 2016 11:45 PM IST
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रेलवे स्टेशन पर सूखी पड़ी टोटियां।
- फोटो : अमर उजाला
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रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को यात्रियों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ा। पेयजल आपूर्ति ठप होने से दर्जनों ट्रेनों के गुजरने के दौरान हाहाकार की स्थिति रही। मंगलवार को साढ़े पांच घंटे टोटियां शोपीस बनी रहीं। टंकी में पानी लिफ्ट न होने से हालात काफी बिगड़ गए हैं। रेल अधिकारी पानी का स्तर नीचे जाने से पानी के लिफ्ट होने में दिक्कतें गिना रहे हैं।
टंकी से सीधी जलापूर्ति के लिए कई बार पंप चलता रहा लेकिन पानी नहीं पकड़ा। उधर, स्टेशन पर सिर्फ रेल नीर बेचने की अनुमति है। जबकि दो दिनों से स्टेशन से रेल नीर भी गायब है। मंगलवार को तीन वेंडर सुल्तानपुर से 15 पेटी पानी मंगा कर बेचते नजर आए।
रेलवे स्टेशन पर पानी न आने से मंगलवार को काफी देर तक यात्रियों में हाहाकार मचा रहा। ऐसा तीसरी बार हुआ है, जब रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्मों व दफ्तरों में जलापूर्ति करने वाली टंकी सूखी रही।
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गोरखपुर-यशवंतपुर एक्सप्रेस, धनबाद-फिरोजपुर किसान एक्सप्रेस, प्रयाग-फैजाबाद, फैजाबाद-प्रयाग और वाराणसी-लखनऊ पैसेंजर ट्रेनों के यात्री पानी के लिए एक छोर से दूसरे छोर तथा कूदकर दूसरे प्लेटफार्मों पर भागते रहे। सुबह आठ से 11 बजे तक और दोपहर 12 से 2:40 बजे तक (करीब साढ़े पांच घंटे) किसी भी प्लेटफार्म पर पानी नहीं था।
सप्लाई भी ऐसे समय रुकी, जब स्टेशन पर ट्रेनों का खासा दबाव रहता है। इस दौरान ट्रेनों से पानी के लिए उतरे रेल यात्रियों शिवशंकर त्रिपाठी, विमल कुमार, जैद खान, ऋषभ पाठक का कहना था कि पूरे स्टेशन पर कहीं पानी नहीं है। इसकी शिकायत का भी कुछ नहीं हुआ।
यात्रियों का कहना था कि सवाल उठता है कि अचानक रेलवे स्टेशन की जलापूर्ति बगैर किसी सूचना व आपात इंतजाम के बंद कैसे हुई? मामले में पहले स्टेशन अधीक्षक ने सप्लाई रुकी रहने की जानकारी से इंकार किया। डेढ़ बजे पुन: पानी न रहने की शिकायत पर उन्होंने कहा, अभी बात कर रहे हैं। स्टेशन पर पेयजल की सप्लाई 2:40 बजे के करीब शुरू हुई।
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टंकी से सीधी जलापूर्ति के लिए कई बार पंप चलता रहा लेकिन पानी नहीं पकड़ा। उधर, स्टेशन पर सिर्फ रेल नीर बेचने की अनुमति है। जबकि दो दिनों से स्टेशन से रेल नीर भी गायब है। मंगलवार को तीन वेंडर सुल्तानपुर से 15 पेटी पानी मंगा कर बेचते नजर आए।
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रेलवे स्टेशन पर पानी न आने से मंगलवार को काफी देर तक यात्रियों में हाहाकार मचा रहा। ऐसा तीसरी बार हुआ है, जब रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्मों व दफ्तरों में जलापूर्ति करने वाली टंकी सूखी रही।
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गोरखपुर-यशवंतपुर एक्सप्रेस, धनबाद-फिरोजपुर किसान एक्सप्रेस, प्रयाग-फैजाबाद, फैजाबाद-प्रयाग और वाराणसी-लखनऊ पैसेंजर ट्रेनों के यात्री पानी के लिए एक छोर से दूसरे छोर तथा कूदकर दूसरे प्लेटफार्मों पर भागते रहे। सुबह आठ से 11 बजे तक और दोपहर 12 से 2:40 बजे तक (करीब साढ़े पांच घंटे) किसी भी प्लेटफार्म पर पानी नहीं था।
सप्लाई भी ऐसे समय रुकी, जब स्टेशन पर ट्रेनों का खासा दबाव रहता है। इस दौरान ट्रेनों से पानी के लिए उतरे रेल यात्रियों शिवशंकर त्रिपाठी, विमल कुमार, जैद खान, ऋषभ पाठक का कहना था कि पूरे स्टेशन पर कहीं पानी नहीं है। इसकी शिकायत का भी कुछ नहीं हुआ।
यात्रियों का कहना था कि सवाल उठता है कि अचानक रेलवे स्टेशन की जलापूर्ति बगैर किसी सूचना व आपात इंतजाम के बंद कैसे हुई? मामले में पहले स्टेशन अधीक्षक ने सप्लाई रुकी रहने की जानकारी से इंकार किया। डेढ़ बजे पुन: पानी न रहने की शिकायत पर उन्होंने कहा, अभी बात कर रहे हैं। स्टेशन पर पेयजल की सप्लाई 2:40 बजे के करीब शुरू हुई।