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रामजन्मभूमि परिसर में अब तुलसीदास का भी बनेगा मंदिर
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अयोध्या। राममंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक रविवार को समाप्त हुई। बैठक में परिसर में रामचरित मानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास का भी मंदिर बनाने पर सहमति बनी है।
साथ ही राममंदिर निर्माण कार्य की समीक्षा के साथ-साथ भक्तों के लिए सुविधाएं विकसित करने पर मंथन हुआ। तय हुआ है कि राममंदिर निर्माण के साथ-साथ भक्तों की सुविधा के लिए एक तीर्थयात्री सुविधा केंद्र का भी निर्माण शुरू किया जाए।
इस पर बैठक में सहमति बन गई है। शीघ्र ही इसका मानचित्र तैयार करने का निर्देश इंजीनियरों को दिया गया है। राममंदिर निर्माण समिति की दूसरे दिन की बैठक रविवार को सर्किट हाउस में हुई।
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बैठक में राममंदिर निर्माण के साथ-साथ भक्तों के लिए सुविधाएं विकसित करने पर भी मंथन हुआ है। रामजन्मभूमि परिसर में सात और मंदिर बनाए जाएंगे। इसके लिए स्थान चिह्नित किया जा रहा है।
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि पिछली समीक्षा बैठक में रामजन्मभूमि परिसर में रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि ,माता सीता, माता शबरी जटायु, निषादराज व भगवान गणेश के भी मंदिर बनाए जाने पर सहमति बनी थी।
इस बार रामचरित मानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास का भी मंदिर बनाए जाने पर सहमति बनी है। चंपत राय ने बताया कि सृष्टि के सामने नारी शक्ति के रूप में माता सीता का जीवन समाज के सामने आना चाहिए।
इसलिए उनका मंदिर बनाने पर सहमति बनी है। राम के जीवन से जिनकी अभिन्नता सदैव बनी रहेगी उसमें एक नाम आता है निषादराज व केवट का, दूसरा नाम माता शबरी का, तीसरा नाम आता है जटायु का।
इन्हें मंदिर के रूप में परिसर में सम्मानजनक स्थान मिले इस पर चर्चा हुई है। अयोध्या में गणेश जी का कोई स्थान नहीं है, एक मंदिर गणेश जी का बनना है। ये मंदिर परिसर में कहां बनेंगे इस पर चर्चा हुई।
बैठक में ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र, महंत दिनेंद्र दास, बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र सहित ट्रस्ट व कार्यदाई संस्था टीसी व एलएंडटी के इंजीनियर शामिल रहे।
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि परिसर में 25 हजार भक्तों की क्षमता वाला एक तीर्थयात्री सुविधा केंद्र बनने पर सहमति बन गई है। राममंदिर निर्माण के साथ-साथ इसका भी काम शुरू होगा।
परिसर के सबसे नजदीक प्रवेश द्वार के पास यह तीर्थयात्री सुविधा केंद्र बनेेगा। यहां एक साथ 25 हजार यात्रियों के लिए व्यवस्थाएं होंगी। बताया कि पहले चरण में 25 हजार तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए निर्माण होगा।
सुग्रीव किला-रामजन्मभूमि प्रवेश मार्ग पर परिसर में बायीं तरफ सुविधा केंद्र निर्मित किया जाएगा इसका लेआउट बन गया है। इसमें तीर्थयात्रियों के सामान रखने के लिए अमानतीघर, जूता-चप्पल रखने का स्थान, बैठने के लिए बेंच, एक बड़ा हाल, पेयजल व शौचालय आदि की व्यवस्था होगी।
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साथ ही राममंदिर निर्माण कार्य की समीक्षा के साथ-साथ भक्तों के लिए सुविधाएं विकसित करने पर मंथन हुआ। तय हुआ है कि राममंदिर निर्माण के साथ-साथ भक्तों की सुविधा के लिए एक तीर्थयात्री सुविधा केंद्र का भी निर्माण शुरू किया जाए।
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इस पर बैठक में सहमति बन गई है। शीघ्र ही इसका मानचित्र तैयार करने का निर्देश इंजीनियरों को दिया गया है। राममंदिर निर्माण समिति की दूसरे दिन की बैठक रविवार को सर्किट हाउस में हुई।
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बैठक में राममंदिर निर्माण के साथ-साथ भक्तों के लिए सुविधाएं विकसित करने पर भी मंथन हुआ है। रामजन्मभूमि परिसर में सात और मंदिर बनाए जाएंगे। इसके लिए स्थान चिह्नित किया जा रहा है।
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि पिछली समीक्षा बैठक में रामजन्मभूमि परिसर में रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि ,माता सीता, माता शबरी जटायु, निषादराज व भगवान गणेश के भी मंदिर बनाए जाने पर सहमति बनी थी।
इस बार रामचरित मानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास का भी मंदिर बनाए जाने पर सहमति बनी है। चंपत राय ने बताया कि सृष्टि के सामने नारी शक्ति के रूप में माता सीता का जीवन समाज के सामने आना चाहिए।
इसलिए उनका मंदिर बनाने पर सहमति बनी है। राम के जीवन से जिनकी अभिन्नता सदैव बनी रहेगी उसमें एक नाम आता है निषादराज व केवट का, दूसरा नाम माता शबरी का, तीसरा नाम आता है जटायु का।
इन्हें मंदिर के रूप में परिसर में सम्मानजनक स्थान मिले इस पर चर्चा हुई है। अयोध्या में गणेश जी का कोई स्थान नहीं है, एक मंदिर गणेश जी का बनना है। ये मंदिर परिसर में कहां बनेंगे इस पर चर्चा हुई।
बैठक में ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र, महंत दिनेंद्र दास, बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र सहित ट्रस्ट व कार्यदाई संस्था टीसी व एलएंडटी के इंजीनियर शामिल रहे।
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि परिसर में 25 हजार भक्तों की क्षमता वाला एक तीर्थयात्री सुविधा केंद्र बनने पर सहमति बन गई है। राममंदिर निर्माण के साथ-साथ इसका भी काम शुरू होगा।
परिसर के सबसे नजदीक प्रवेश द्वार के पास यह तीर्थयात्री सुविधा केंद्र बनेेगा। यहां एक साथ 25 हजार यात्रियों के लिए व्यवस्थाएं होंगी। बताया कि पहले चरण में 25 हजार तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए निर्माण होगा।
सुग्रीव किला-रामजन्मभूमि प्रवेश मार्ग पर परिसर में बायीं तरफ सुविधा केंद्र निर्मित किया जाएगा इसका लेआउट बन गया है। इसमें तीर्थयात्रियों के सामान रखने के लिए अमानतीघर, जूता-चप्पल रखने का स्थान, बैठने के लिए बेंच, एक बड़ा हाल, पेयजल व शौचालय आदि की व्यवस्था होगी।