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राजा तो कहीं कैनवास पर दिखे जनजातीय राम
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
Updated Tue, 29 Mar 2016 11:38 PM IST
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शिविर में पेंटिंग बनाता कलाकार
- फोटो : अमर उजाला
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अयोध्या शोध संस्थान के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय कला शिविर में कलाकारों ने भगवान राम और अयोध्या से जुड़े कुल 32 चित्रों को तैयार किया है। इन्हें मंगलवार को राम की पैड़ी पर लगी प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया।
शिविर की शुरूआत बीती 25 मार्च को तुलसी स्मारक भवन में हुई थी। इसमें देशभर से आए 16 कलाकारों ने दो-दो चित्रों को कैनवास पर आकार दिया है।
दिल्ली से एमके पुरी, मुंबई से डगलस जॉन एवं शार्दूल कदम, लखनऊ से राजेंद्र प्रसाद, चेन्नई से शिवा बालन, श्रीनगर से राकेश कुमार मल्होत्रा, कोलकाता से दीप्तिश घोष दस्तीदार ने फैजाबाद शहर के सिविल लाइंस स्थित एक होटल में अयोध्या व राम से जुड़े चित्रों को कैनवास पर उतारा है, जिसकी मंगलवार को राम की पैड़ी पर आयोजित प्रदर्शनी में लोगों ने खूब सराहा।
अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक डॉ. योगेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कलाकारों ने अयोध्या के स्थापत्य और अयोध्या के राजाओं को मूर्त-अमूर्त में साकार करने की पहल की है। इस बार के शिविर की बड़ी विशेषता यह है कि इसमें राम के जनजातीय स्वरूप के साथ ही विभिन्न स्थानों पर उनसे जुड़ी आस्था को भी कलाकारों ने रंग और रेखाओं से स्वर दिया है।
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शिविर की शुरूआत बीती 25 मार्च को तुलसी स्मारक भवन में हुई थी। इसमें देशभर से आए 16 कलाकारों ने दो-दो चित्रों को कैनवास पर आकार दिया है।
दिल्ली से एमके पुरी, मुंबई से डगलस जॉन एवं शार्दूल कदम, लखनऊ से राजेंद्र प्रसाद, चेन्नई से शिवा बालन, श्रीनगर से राकेश कुमार मल्होत्रा, कोलकाता से दीप्तिश घोष दस्तीदार ने फैजाबाद शहर के सिविल लाइंस स्थित एक होटल में अयोध्या व राम से जुड़े चित्रों को कैनवास पर उतारा है, जिसकी मंगलवार को राम की पैड़ी पर आयोजित प्रदर्शनी में लोगों ने खूब सराहा।
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अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक डॉ. योगेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कलाकारों ने अयोध्या के स्थापत्य और अयोध्या के राजाओं को मूर्त-अमूर्त में साकार करने की पहल की है। इस बार के शिविर की बड़ी विशेषता यह है कि इसमें राम के जनजातीय स्वरूप के साथ ही विभिन्न स्थानों पर उनसे जुड़ी आस्था को भी कलाकारों ने रंग और रेखाओं से स्वर दिया है।
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