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दीपोत्सव में रोशन होंगे रामनगरी के त्रेतायुगीन स्थल

Thu, 28 Oct 2021 01:03 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 28 Oct 2021 01:03 AM IST
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Tretayugin places of Ramnagari will be illuminated in Deepotsav
अयोध्या। दीपोत्सव-2021 को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देेने के साथ इस बार जनभागीदारी से अलौकिक व ऐतिहासिक स्वरूप देने की तैयारी है। इस बार मठ-मंदिर, कुंड से लकर घर-घर दीप जलाने की तैयारी है।
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इसके अलावा रामनगरी के त्रेतायुगीन स्थल भी दीपोत्सव में रोशन होंगे। इस वर्ष दीपोत्सव में जनभागीदारी को लेकर भी कवायद तेज हो गई है। लंका विजय के बाद भगवान राम के अयोध्या लौटने की खुशी में पूरी शहर को सजाने-संवारने व रोशन करने की योजना है।
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जिससे कि त्रेतायुग का दृश्य जीवंत हो उठे। घर-घर तो दीपक जलेंगे ही इसके अतिरिक्त मठ-मंदिरों से लेकर चौक-चौराहों को भी रोशन किया जाएगा। यह उत्सव अबकी बार केवल राम की पैड़ी व रामकथा पार्क तक ही नहीं बल्कि संपूर्ण नगरी तक भव्यता का पर्याय होगा।
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रामनगरी के प्राचीन 108 कुंडों को भी रोशन किया जाएगा। दंतधावनकुंड, सूर्यकुंड, सीताकुंड, बृहस्पतिकुंड, विभीषण कुंड सहित अन्य पौराणिक कुंडों व सरोवरों पर दीप जलाए जाएंगे। इसके लिए रामनगरी के संतों का भी आह्वान किया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने दीपोत्सव में होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय कर ली है। मुख्य रूप से 02 और 03 नवंबर को रामकथा पार्क व राम की पैड़ी में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन होगा।
संस्कृति विभाग द्वारा 11 स्थानों भरतकुंड, नाका हनुमानगढ़ी, बड़ी देवकाली, साहबगंज, राम जानकी मंदिर, जालपा मंदिर, साकेत डिग्री कॉलेज, बिरला धर्मशाला, राज सदन, कनक भवन, तुलसी उद्यान व गुप्तार घाट पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी की जाएगी।
यही नहीं रामायण कालीन 11 झांकियां भी निकाली जाएंगी। दीपोत्सव में रामजन्मभूमि सहित रामनगरी के 14 प्रमुख मंदिरों को चिह्नित किया गया है। इन मंदिरों को सजाया-संवारा जा रहा है।
दीपोत्सव वाले दिन इन सभी मंदिरों को भी दीपों से जगमग करने की तैैयारी है। रामलला के दरबार में सर्वाधिक 30 हजार दीपक जलाएंगे। हनुमानगढ़ी में 11 हजार दीपक जलाए जाएंगे।
इसी तरह कनकभवन, हनुमानगढ़ी, सुग्रीव किला, मणिपर्वत, राजसदन, लक्ष्मण किला, अशर्फी भवन, दशरथमहल मंदिर को भी रोशन किया जाएगा। इस बार दीपोत्सव में 7.50 लाख दीप जलाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है।
कुल नौ लाख दीप जलाए जाएंगे। इसमें लगभग 36 हजार लीटर सरसों के तेल का प्रयोग किया जाएगा। एक दीपक में 40 एमएल तेल का प्रयोग होगा। इसके लिए 11 लाख से ज्यादा रुई की बाती का प्रयोग किया जाएगा।
राम की पैड़ी के 32 घाटों पर दीयों को बिछाया जाएगा। इसमें 40 स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। 15 महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं इसमें भागीदारी निभाएंगे। इसके अलावा 32 ऑब्जर्वरों की टीम भी लगाई जा रही है।
महंत कमलनयन दास ने कहा कि अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण शुरू होने से दीपोत्सव की खुशी दोगुनी हो गई है। यह न सिर्फ हमारी आस्था का केंद्र बिंदु है, बल्कि ऐसे आयोजनों से रामनगरी की धार्मिक आभा सुदूर तक फैलती है।
रंगमहल मंदिर के महंत रामशरण दास ने कहा कि दीपोत्सव अब लोकोत्सव बन चुका है। अयोध्या की धार्मिक आभा से प्रभावित होकर सभी अयोध्या की ओर खिंचे चले आ रहे हैं। सभी लोगों से अपील है कि इस उत्सव में अपना योगदान जरूर दें।

महंत विवेक आचारी ने कहा कि दीपोत्सव जैसे आयोजनों से अयोध्या की समृद्ध परंपरा को नया आयाम मिला है। अयोध्या तो त्रेतायुग से ही धार्मिक आस्था का प्रधान केंद्र रही है, लेकिन योगी सरकार में अयोध्या की धार्मिक महिमा को एक नई ऊर्जा मिली है।
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