फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   There was no harm in college's

कॉलेजों पर नहीं आई आंच

Fri, 10 Jul 2015 11:08 PM IST
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 10 Jul 2015 11:08 PM IST
विज्ञापन
अवध विवि की मुख्य परीक्षा-2015 में 12 मार्च को कुलपति प्रो. जीसीआर जायसवाल औचक निरीक्षण करने नंदिनीनगर महाविद्यालय नवाबगंज गोंडा पहुंचे थे, लेकिन कुलपति को कॉलेज का गेट बंद मिला था। उनके डीएम-एसपी को सूचना देने के बाद गेट खुला था, तो कुलपति व उनके साथ रहे सचल दल ने कमरों की सघन तलाशी ली थी। इस दौरान कुलपति को सामूहिक नकल मिली थी। इस पर संबंधित विषय की परीक्षा निरस्त कर 2417 परीक्षार्थियों की परीक्षा दोबारा साकेत कॉलेज में कराई गई थी। कड़ी कार्रवाई का ऐलान हुआ था, लेकिन परीक्षा समिति ने सिर्फ चेतावनी पत्र जारी कर बख्श दिया।
विज्ञापन


मुख्य परीक्षा के दौरान 12 मार्च को ही कुलपति प्रो. जीसीआर जायसवाल ने प्रथम पाली में स्व. रवींद्र सिंह स्मारक महाविद्यालय वजीरगंज गोंडा का औचक निरीक्षण किया था। यह कॉलेज प्रदेश सरकार के एक बाहुबली मंत्री का बताया जाता है। यहां कुलपति को काफी अनियमितता मिली थी। एक कमरे में कई छात्र-छात्राएं एक साथ बैठे मिले थे। नकल मिलने पर संबंधित विषयों की परीक्षा निरस्त कर 1077 परीक्षार्थियों की परीक्षा दोबारा एलबीएस पीजी कॉलेज गोंडा में कराई गई थी। इस कॉलेज को भी ब्लैक लिस्टेड करने के बजाय सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
विज्ञापन


मुख्य परीक्षा के अंतिम दौर में आठ मई को कुलपति ने नकल के लिए चर्चित अमानीगंज के संत भीखादास रामजस महाविद्यालय मोहली का निरीक्षण किया था। कुलपति को यहां सामूहिक नकल तो मिली ही थी, इसके साथ कैंटीन में परीक्षा होते और दूसरे कालेॅजों के शिक्षक कक्ष निरीक्षण करते मिले थे। कुलपति ने तत्काल 1541 छात्रों की परीक्षा निरस्त कर अनुमोदन पत्रावलियों के साथ कॉलेज प्रबंधन को तलब किया था। इसके बाद कड़ी कार्रवाई की बात कही गई थी, लेकिन केवल चेतावनी पत्र देकर कॉलेज को नकल के आरोप से ही बरी कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन



डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा-2015 में 31 संबद्ध महाविद्यालयों में निरीक्षण के समय कुलपति व सचल दलों ने सामूहिक नकल पकड़ी थी। कॉलेजों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की बात हुई थी, लेकिन विवि की परीक्षा समिति ने सभी कॉलेजों को सिर्फ चेतावनी पत्र देकर छोड़ दिया।

न तो कोई कॉलेज ब्लैक लिस्टेड हुआ और न ही किसी की संबद्धता समाप्ति की कार्यवाही हुई। यही नहीं आधा दर्जन चर्चित कॉलेज नकल के आरोप सेे दोषमुक्त कर दिए गए। अलबत्ता, आरोपी कॉलेजों के 18,373 परीक्षार्थियों का परीक्षाफल रोक दिया गया। इनकी उत्तर पुस्तिकाओं की जांच विषय विशेषज्ञ करेंगे। मूल्यांकन जल्द शुरू होने की बात कही जा रही।

विवि की मुख्य परीक्षा को नकलविहीन व पारदर्शी संपन्न कराने के लिए स्वयं कुलपति प्रो. जीसीआर जायसवाल ने कमान संभाली थी। उन्होंने कई सचल दल गठित कर स्वयं कई कॉलेजों का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान कुल 31 कॉलेजों में सामूहिक नकल और व्यापक अनियमितताएं मिली थीं। इसके बाद विवि ने कॉलेजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का ऐलान किया था। मगर परीक्षा समाप्ति के बाद जब कुलपति की अध्यक्षता में परीक्षा समिति की बैठक हुई और निर्णय लिया गया तो सभी कॉलेज केवल चेतावनी देकर छोड़ दिए गए हैं।

आरोपी कॉलेजों में से आधा दर्जन चर्चित कॉलेज आरोप से दोषमुक्त कर दिए गए, जिनमें देव इंद्रावती महाविद्यालय अंबेडकरनगर, बीडीडीबी महिला महाविद्यालय सुल्तानपुर, डॉ. अशोक स्मारक महाविद्यालय अंबेडकरनगर, संत भीखादास रामजस महाविद्यालय मोहली फैजाबाद, कुंवरि चंद्रावती महाविद्यालय मुमताजनगर फैजाबाद शामिल हैं। बताया जा रहा कि परीक्षा समिति ने किसी आरोपी कॉलेज को न तो आगे की परीक्षा के लिए ब्लैक लिस्टेड किया है और न ही किसी की संबद्धता समाप्त की गई।

इससे स्पष्ट है कि ये कॉलेज फिर मुख्य परीक्षा में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार आरोपी 12 कॉलेजों की संबंधित विषय की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच विषय विशेषज्ञों से करानेे का निर्णय लिया गया है। विवि में मूल्यांकन भले खत्म हो गया, पर अभी ऐसे कॉलेजों की उत्तर पुस्तिकाएं नहीं जांची गई हैं। इनका मूल्यांकन जल्द शुरू होने की बात पता चली। हालांकि गोंडा के दोनों बाहुबलियों के साथ अन्य चर्चित कॉलेजों की परीक्षा तत्समय ही निरस्त कर दोबारा कराई गई है, पर किसी को काली सूची में नहीं डाला गया है।

सामूहिक नकल के आरोपी रहे सभी कॉलेजों से स्पष्टीकरण मांगी गया था। जिन कॉलेजों के मामले में नकल के साक्ष्य नहीं मिले, उन्हें ही चेतावनी देकर दोषमुक्त किया गया है। जिनके संबंध में एक्सपर्ट से कॉपी चेक कराने का फैसला हुआ है। उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की जांच जल्द शुरू होगी। कोई कॉलेज ब्लैक लिस्ट नहीं किया गया है। नकल में आरोपित होने पर संबद्धता नहीं समाप्त होती। -डॉ. विनोद कुमार पांडेय, प्राचार्य परिषद अध्यक्ष व परीक्षा समिति के सदस्य, अवध विवि फैजाबाद

परीक्षा समिति की बैठक में नकल के आरोपी कॉलेजों के संबंध में क्या फैसला हुआ है? मुझे जानकारी नहीं मिली है। मैं अस्वस्थता के चलते विवि में नहीं हूं। -प्रो. एचपी पांडेय, वाणिज्य संकायाध्यक्ष व परीक्षा समिति के संयोजक, अवध विवि फैजाबाद


अवध विवि सामान्य सभा के सदस्य ओमप्रकाश सिंह ने सामूहिक नकल के आरोपी कॉलेजों को बख्शने के मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि परीक्षा समिति ने अवैध उगाही कर आरोपी कॉलेजों को केवल चेतावनी देकर छोड़ा है। लिहाजा, मामले की गहन जांच होनी चाहिए, जिससे सच्चाई सबके सामने आ सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed