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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   The new monks initiation of duty and dignity

नए साधुओं को दी कर्तव्य व मर्यादा की दीक्षा

Sun, 20 Mar 2016 10:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद Updated Sun, 20 Mar 2016 10:16 PM IST
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अखिल भारतीय श्रीपंच रामानंदीय निर्वाणी अखाड़ा हनुमानगढ़ी में चल रहे द्वादश वर्षीय नागापना महोत्सव में रविवार को नए नागा साधुओं को अखाड़े के कर्तव्य व मर्यादाओं की दीक्षा, आशीर्वाद व गुरुवचन दिया गया।
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सात दिवसीय महोत्सव में अखाड़े की धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के साथ ही शाम ढलते ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों से समूचा परिक्षेत्र गुंजायमान हो रहा है।


नागापनी महोत्सव में धार्मिक आयोजनों के साथ ही देर रात तक चलने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों से अखाड़ों का वैभव परिलक्षित हो रहा है।

रविवार को हरद्वारी पट्टी के महंत मुरलीदास ने हनुमत् संस्कृत महाविद्यालय परिसर में तो बासंतिया पट्टी के महंत रामचरन दास ने हनुमानगढ़ी के चरण पादुका स्थल पर आयोजित समारोहों में नए नागा साधुओं को दीक्षा व आशीर्वचन दिया। समारोह में नागा साधुओं को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक परंपराओं के पालन व धर्म की रक्षा का पाठ पढ़ाया गया।
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नए नागाओं को बताया गया कि नागापना समारोह क्यों मनाना चाहिए, इसकी विधि और आज के समय में उपयोगिता क्या है। नागातीतों के कर्तव्य के लिए अब भविष्य में तैयार रहें, जिससे समाज में धार्मिक आचरण की स्थापना हो सके और हमारी पुरानी सभ्यता व परंपरा से समाज में एक अच्छा संदेश जाए।
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महंतों ने नए नागाओं को उनके कर्तव्य व मर्यादाएं समझाईं। साथ ही पठन-पाठन व वेद ग्रंथों के अध्ययन की सलाह दी और तीर्थों के भ्रमण का महत्व भी समझाया। तीर्थस्थलों पर आयोजित होने वाले महाकुंभ की महत्ता पर भी प्रकाश डाला।

नागाओं को बताया गया कि माता-पिता से बड़ा गुरु होता है। दिन में धार्मिक आयोजनों के बाद शाम ढलते ही हनुमत् संस्कृत महाविद्यालय व चरण पादुका स्थल पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। नागा साधुओं के साथ ही व श्रद्धालुओं ने भजन, रामलीला, रासलीला आदि कार्यक्रमों का आनंद लिया।

रविवार को हनुमत् संस्कृत महाविद्यालय में वृंदावन के कलाकारों द्वारा रासलीला आयोजित की    गई। निरहुआ लोकगायक दिनेश लाल यादव की भक्तिगीतों पर श्रद्धालु झूम उठे। 


समारोहों में हरद्वारी पट्टी के महंत मुरलीदास, राजेश पहलवान, पुजारी अनिरुद्ध पहलवान, भानु पाल दास, कृष्ण कुमार दास, हरिबंश दास, केशव पहलवान, मनीराम दास, राम आशीष दास, रंजीत दास, बासंतिया पट्टी के महंत रामचरन दास, सत्यनारायण दास, अजीत दास आदि नागातीत मौजूद रहे।
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