फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   The joy of construction of Shri Ram temple will be reflected in Ram Vivah festival

रामविवाह उत्सव में झलकेगी श्रीराममंदिर निर्माण की खुशी

Fri, 03 Dec 2021 01:00 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 03 Dec 2021 01:00 AM IST
विज्ञापन
The joy of construction of Shri Ram temple will be reflected in Ram Vivah festival
अयोध्या। रामनगरी में श्रीराम विवाहोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। विवाहोत्सव में राममंदिर निर्माण की खुशी भी झलकेगी। दो साल से कोरोना के चलते श्रीराम विवाहोत्सव का उल्लास फीका रहा, लेकिन इस वर्ष विवाह महोत्सव में बड़ी संख्या में भक्तों के उमड़ने की संभावना है।
विज्ञापन

मठ-मंदिरों में उत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। रंग-बिरंगी लाइटों एवं फूल-मालाओं से सजाया जा रहा है। राम विवाहोत्सव की छटा शुक्रवार से बिखरने लगेगी। धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन

आठ दिसंबर को रामनगरी के दर्जनों मंदिरों से राजसी भव्यता के साथ राम बारात भी निकाली जाएगी। दशरथ महल बड़ास्थान में शुक्रवार से श्रीरामकथा के प्रवचन के साथ ही रामविवाह उत्सव का उल्लास छलकने लगेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य ने बताया कि तीन दिसंबर को जगद्गुरु श्रीराम दिनेशाचार्य श्रीराम कथा का रसपान कराएंगे। प्रतिदिन रात आठ बजे से रामलीला का मंचन होगा।
श्रीराम मंदिर से सटे प्राचीन रंगमहल में विवाहोत्सव की छटा अनुपम होती है। विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के मध्य विवाहोत्सव भक्तों के आकर्षण का केंद्र होता है।
महंत रामशरण दास बताते हैं कि मंदिर के संस्थापक सरयू शरण जी महाराज द्वारा 200 वर्ष पूर्व शुरू की गई परंपरा का प्रवाह आज भी संचालित है। विवाह की सारी रस्में 200 वर्ष पूर्व बनवाए गए काष्ठ के विवाह मंडप में ही संपन्न कराई जाती है।
बताया कि अनुष्ठानों का शुभारंभ पांच दिसंबर से शुरू हो जाएगा। इसी तरह सरयू तट स्थित श्री लक्ष्मण किला, श्रीराम वल्लभा कुंज, रसमोद कुंज, विअहुति भवन, सियाराम किला, जानकीघाट बड़ास्थान सहित रामनगरी के सैकड़ों मंदिरों में श्रीराम विवाहोत्सव की तैयारियां अंतिम स्पर्श को प्राप्त कर रही हैं।
दशरथ महल के महंत बिंदुगाद्याचार्य देवेंद्र प्रसादाचार्य बताते हैं कि इस बार राम विवाहोत्सव पर राजसी वैभव के साथ मनाएंगे। कोरोना के चलते दो वर्ष उत्सव में बाधा उत्पन्न हुई लेकिन इस वर्ष मंदिर निर्माण की खुशी भी उत्सव का उल्लास दोगुना हो गया है।
कहा कि भगवान राम चेतना के प्रतीक हैं और माता सीता प्रकृति शक्ति की। चेतना और प्रकृति का मिलन ही सीताराम विवाहोत्सव है। महंत रामशरण दास ने कहा कि श्री सीताराम विवाहोत्सव प्रभु के समीप ले जाने का सशक्त माध्यम है।

आठ दिसंबर को मंदिर से पूरे राजसी भव्यता के साथ रामबारात निकाली जाएगी। रस रूपी परमात्मा से जुड़ने के लिए जीवात्मा अनेक पद्धतियां अपनाता है। माधुर्य की उपासना या यूं कहे कि प्रभु के विवाह की उपासना उनके करीब ले जाती है। विवाह उपासना से प्रभु का सामीप्य पाया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed