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बीएड परीक्षा में देरी से 18 हजार विद्यार्थियों की मुश्किलें बढ़ीं
फैजाबाद
Updated Sun, 06 Aug 2017 10:08 PM IST
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फैजाबाद-डॉ.राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय।
- फोटो : अमर उजाला
नए सत्र में बीएड में प्रवेश कार्य लगभग पूर्ण हो गया है। एमएड में प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया चल रही है। साथ ही छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि सरकार ने 21 अगस्त तय कर रखी है। ऐसे में अभी तक बीते सत्र की बीएड परीक्षाएं न कराने से अवध विवि से जुड़े करीब 18 हजार विद्यार्थियों का भारी नुकसान होगा। मई में हो जाने वाली बीएड की परीक्षा के लिए अभी तक कोई कार्यक्रम नहीं तय हुआ है, जबकि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों ने बीएड के छात्रों की परीक्षाएं सम्पन्न करा ली हैं।
बता दें कि कंबाइंड टेस्ट से प्रदेश के सभी विवि व कॉलेजों में एक साथ बीते साल नोडल के रूप में लखनऊ विवि ने काउसिंलिंग व बीएड की प्रवेश प्रक्रिया पूरी की थी। विश्वविद्यालय परिक्षेत्र में करीब दो सौ बीएड कॉलेजों में लगभग नौ हजार अभ्यर्थियों ने दाखिला लिया। जिनकी पढ़ाई तो साल भर हुई लेकिन परीक्षा लेने वाला कोई नहीं है।
बीएड प्रवेश परीक्षा 2017 की भी काउंसलिंग के बाद प्रवेश प्रक्रिया लगभग पूर्ण हो गई है। 15 जुलाई से शिक्षण सत्र भी प्रारंभ हो गया लेकिन बीते सत्र से अध्ययनरत बीएड छात्र-छात्राओं की परीक्षा लेने की सुधि विश्वविद्यालय प्रशासन को आज तक नहीं आई, जबकि लखनऊ, कानपुर, आगरा, गोरखपुर सहित प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में परीक्षा सम्पन्न हो चुकी है। प्राय: बीएड की परीक्षाएं मई में सम्पन्न हो जाती थीं, लेकिन अभी तक परीक्षा सम्पन्न कराया जाना तो दूर, परीक्षा की जानकारी ही छात्रों को नहीं है।
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परीक्षा में हो रही लेटलतीफी से बीएड प्रथम वर्ष के छात्रों की छात्रवृत्ति का फॉर्म नहीं भरा जा रहा है तथा शुल्क प्रतिपूर्ति में भी दिक्कतें आ रही हैं, बीएड द्वितीय वर्ष के नौ हजार छात्र-छात्राओं का एमएड में प्रवेश भी बाधित हो रहा है।
जबकि इन दिनों एमएड प्रवेश के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। अभी तक बीएड की परीक्षा न होने से बीएड द्वितीय वर्ष के ये छात्र एमएड में दाखिले से वंचित हो जाएंगे। इसके लिए इन्हें जुलाई 2018 तक इंतजार करना पड़ेगा।
गत वर्ष से ही विश्वविद्यालय की लापरवाही से दो वर्षों में पूर्ण होने वाला बीएड का पाठ्यक्रम तीन वर्ष में पूर्ण हो रहा है, छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ की ओर ध्यान देने वाला कोई नहीं है। विश्वविद्यालय प्रशासन आगामी 18 अगस्त से बीएड परीक्षाएं शुरू कराने की बात कह रहा है लेकिन अभी तक न तो इस बारे में छात्रों को कुछ पता है न ही कॉलेजों को इसकी जानकारी दी गई है।
विश्वविद्यालय में प्राय: परीक्षाएं होती रहती हैं, किसी एक पाठ्यक्रम के बारे में बताना थोड़ा कठिन है। फिर भी 18 अगस्त से बीएड परीक्षाएं शुरू कराने की रूपरेखा बनी है। बैक पेपर की वजह से इस बार परीक्षा कराने में विलंब हुआ है। -एसएल पाल, परीक्षा नियंत्रक अवध विश्वविद्यालय
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बता दें कि कंबाइंड टेस्ट से प्रदेश के सभी विवि व कॉलेजों में एक साथ बीते साल नोडल के रूप में लखनऊ विवि ने काउसिंलिंग व बीएड की प्रवेश प्रक्रिया पूरी की थी। विश्वविद्यालय परिक्षेत्र में करीब दो सौ बीएड कॉलेजों में लगभग नौ हजार अभ्यर्थियों ने दाखिला लिया। जिनकी पढ़ाई तो साल भर हुई लेकिन परीक्षा लेने वाला कोई नहीं है।
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बीएड प्रवेश परीक्षा 2017 की भी काउंसलिंग के बाद प्रवेश प्रक्रिया लगभग पूर्ण हो गई है। 15 जुलाई से शिक्षण सत्र भी प्रारंभ हो गया लेकिन बीते सत्र से अध्ययनरत बीएड छात्र-छात्राओं की परीक्षा लेने की सुधि विश्वविद्यालय प्रशासन को आज तक नहीं आई, जबकि लखनऊ, कानपुर, आगरा, गोरखपुर सहित प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में परीक्षा सम्पन्न हो चुकी है। प्राय: बीएड की परीक्षाएं मई में सम्पन्न हो जाती थीं, लेकिन अभी तक परीक्षा सम्पन्न कराया जाना तो दूर, परीक्षा की जानकारी ही छात्रों को नहीं है।
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परीक्षा में हो रही लेटलतीफी से बीएड प्रथम वर्ष के छात्रों की छात्रवृत्ति का फॉर्म नहीं भरा जा रहा है तथा शुल्क प्रतिपूर्ति में भी दिक्कतें आ रही हैं, बीएड द्वितीय वर्ष के नौ हजार छात्र-छात्राओं का एमएड में प्रवेश भी बाधित हो रहा है।
जबकि इन दिनों एमएड प्रवेश के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। अभी तक बीएड की परीक्षा न होने से बीएड द्वितीय वर्ष के ये छात्र एमएड में दाखिले से वंचित हो जाएंगे। इसके लिए इन्हें जुलाई 2018 तक इंतजार करना पड़ेगा।
गत वर्ष से ही विश्वविद्यालय की लापरवाही से दो वर्षों में पूर्ण होने वाला बीएड का पाठ्यक्रम तीन वर्ष में पूर्ण हो रहा है, छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ की ओर ध्यान देने वाला कोई नहीं है। विश्वविद्यालय प्रशासन आगामी 18 अगस्त से बीएड परीक्षाएं शुरू कराने की बात कह रहा है लेकिन अभी तक न तो इस बारे में छात्रों को कुछ पता है न ही कॉलेजों को इसकी जानकारी दी गई है।
विश्वविद्यालय में प्राय: परीक्षाएं होती रहती हैं, किसी एक पाठ्यक्रम के बारे में बताना थोड़ा कठिन है। फिर भी 18 अगस्त से बीएड परीक्षाएं शुरू कराने की रूपरेखा बनी है। बैक पेपर की वजह से इस बार परीक्षा कराने में विलंब हुआ है। -एसएल पाल, परीक्षा नियंत्रक अवध विश्वविद्यालय