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मंदिर आंदोलन के अहम किरदार कन्हैया दास की हालत गंभीर
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अयोध्या। राममंदिर आंदोलन के अहम किरदारों में शामिल संत समिति अयोध्या के अध्यक्ष व विहिप के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल के सदस्य महंत कन्हैयादास रामायण की हालत गंभीर है।
वे फेफड़े की समस्या से पीड़ित हैं, पटना के महावीर कैंसर अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। इस साल हरिद्वार संत सम्मेलन से लौटने के बाद उन्हें कोरोना हो गया था। तभी से महंत कन्हैयादास फेफड़े के संक्रमण की समस्या से जूझ रहे हैं।
कुुछ महीनों से उनका इलाज इंदौर में चल रहा था। जहां सुधार न होने पर उन्हें पटना में भर्ती कराया गया है। कन्हैयादास रामायणी रामकोट स्थित सनकादिक आश्रम के महंत है।
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उनकी गणना विहिप के ओजस्वी वक्ताओं में होती है। मंदिर आंदोलन में भाषणों के जरिए युवाओं में जोश भरने के लिए वे जाने जाते थे। उनके उत्तराधिकारी शिष्य संतोष दास बताते हैं कि वे संत समिति अयोध्या के अध्यक्ष पद पर भी हैं।
विहिप के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल में भी शामिल हैं। गुरुदेव का 1992 के आंदोलनों में अहम योगदान रहा वे विपरीत परिस्थितियों में भी संघ, विहिप के साथ डटे रहे। धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों में उनकी खासी रुचि रहती है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कन्हैयादास के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए उनके योगदानों का जिक्र किया। कहा कि उनके इलाज में हर संभव मदद की जाएगी।
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वे फेफड़े की समस्या से पीड़ित हैं, पटना के महावीर कैंसर अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। इस साल हरिद्वार संत सम्मेलन से लौटने के बाद उन्हें कोरोना हो गया था। तभी से महंत कन्हैयादास फेफड़े के संक्रमण की समस्या से जूझ रहे हैं।
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कुुछ महीनों से उनका इलाज इंदौर में चल रहा था। जहां सुधार न होने पर उन्हें पटना में भर्ती कराया गया है। कन्हैयादास रामायणी रामकोट स्थित सनकादिक आश्रम के महंत है।
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उनकी गणना विहिप के ओजस्वी वक्ताओं में होती है। मंदिर आंदोलन में भाषणों के जरिए युवाओं में जोश भरने के लिए वे जाने जाते थे। उनके उत्तराधिकारी शिष्य संतोष दास बताते हैं कि वे संत समिति अयोध्या के अध्यक्ष पद पर भी हैं।
विहिप के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल में भी शामिल हैं। गुरुदेव का 1992 के आंदोलनों में अहम योगदान रहा वे विपरीत परिस्थितियों में भी संघ, विहिप के साथ डटे रहे। धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों में उनकी खासी रुचि रहती है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कन्हैयादास के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए उनके योगदानों का जिक्र किया। कहा कि उनके इलाज में हर संभव मदद की जाएगी।